यह PDF डाउनलोड करने के लिए सबसे नीचे जाकर दी गई “Click Here for Download” बटन दबाऐं।

1. मध्यप्रदेश में सर्वाधिक वर्षा किस शाखा से होती है ? 

(अ) बंगाल की खाड़ी 

(ब) अरब शाखा 

(स) दोनों शाखाओं से बराबर  

(द) इनमें से कोई नहीं 

उत्तर-(अ) मध्यप्रदेश में सर्वाधिक वर्षा बंगाल की खाड़ी शाखा से होती हैऔर यही शाखा भारत में भी सर्वाधिक वर्षा करती है । इस शाखा के बाद प्रदेश में वर्षा अरब शाखा द्वारा होती है। 

2. निम्नलिखित में से कौन-सी रेखा म.प्र. में ‘जल विभाजक रेखा’ कहलाती है ?  

(अ) 50 सेमी. वर्षा रेखा 

(ब) 75 सेमी. वर्षा रेखा  

 (स) 100 सेमी. वर्षा रेखा    

 (द) 125 सेमी. वर्षा रेखा  

उत्तर-(ब) मध्यप्रदेश में वर्षा का औसत 112 सेमी. है । पूर्वी और पश्चिमी म.प्र. के मध्य स्थित 75 सेमी. वर्षा रेखा को प्रदेश की जल विभाजक रेखा कहा जाता है, जो प्रदेश के सीधी, जबलपुर तथा सिवनी से गुजरती है। 

3. मध्यप्रदेश किस प्रकार की जलवायु वाला प्रदेश है? 

(अ) केवल ऊष्ण कटिबंधीय 

(ब) केवल मानसूनी जलवायु 

(स) ऊष्ण कटिबंधीय मानसूनी जलवायु 

(द) सम जलवायु वाला 

उत्तर- (स) मध्य प्रदेश भारत के मध्य में स्थित होने के कारण मानसूनी जलवायु की सभी विशेषताओं को समेटे हुए है, लेकिन 

साथ ही ऊष्ण कटिबंधीय जलवायु की विशेषता को भी लिए हुए है। अत प्रदेश की जलवायु को (ऊष्ण कटिबंधीय मानसूनी 

जलवायु) कहना उचित होगा। 

4. मध्य प्रदेश की जलवायु को ‘ऊष्ण कटिबंधीय’ स्वरूप प्रदान करने में कौन उत्तरदायी है? 

(अ) कर्क रेखा 

(ब) मकर रेखा 

(स) दक्षिण-पश्चिम से आने वाला मानसून 

(द) उपरोक्त सभी 

उत्तर- (अ) मध्य प्रदेश की जलवायु को ऊष्ण कटिबंधीय स्वरूप प्रदान करने के लिए प्रदेश के मध्य से गुजरने वाली ‘कर्क’ रेखा 

उत्तरदायी है, जबकि दक्षिण-पश्चिम मानसून से प्राप्त होने वाली वर्षा इसे मानसूनी जलवायु का स्वरूप प्रदान करता है। 

5. मध्य प्रदेश की जलवायु के अनुसार प्रदेश में कितनी ऋतुएँ पायी जाती हैं? 

(अ) दो 

(ब) तीन 

(स) चार 

(द) छ: 

उत्तर- (ब) मध्य प्रदेश में भारत के अन्य भागों के समान तीन ऋतुएँ पायी जाती हैं, जिन्हें क्रमश: ग्रीष्म, वर्षा तथा शीत ऋतु के 

नाम से पुकारा जाता है। 

6. जलवायु के आधार पर मध्य प्रदेश को कितने भागों में बाँटा गया है? 

(अ) तीन 

(ब) चार 

(स) छः 

(द) सात 

उत्तर- (ब) मध्य प्रदेश एक मानसूनी जलवायु वाला प्रदेश है। जिसे जलवायु के आधार पर चार भागों में विभाजित किया गया है- 

7. इस क्षेत्र में ग्रीष्म ऋतु में अत्यधिक गर्मी तथा सर्दी में साधारण ठंड पड़ती है- 

(अ) उत्तर का मैदान 

(ब) विन्ध्याचल का पहाड़ी भाग 

(स) नर्मदा की घाटी 

(द) मालवा का पठार 

उत्तर- (स) नर्मदा घाटी क्षेत्र के निकट से कर्क रेखा के गुजरने से ग्रीष्म ऋतु में यहाँ अत्यधिक गर्मी पड़ती है तथा शीत ऋतु में 

साधारण ठंड पड़ती है। यह घाटी विन्ध्याचल तथा सतपुड़ा पर्वत के मध्य स्थित है। 

8. मध्य प्रदेश के किस क्षेत्र की जलवायु को ‘सम’ जलवायु कहा जाता है? 

(अ) मालवा का पठार  

(ब) उत्तर का मैदान 

(स) विंध्याचल का मैदानी भाग  

(द) नर्मदा की घाटी 

उत्तर- (अ) मालवा का पठार ‘सम’ जलवायु वाला प्रदेश है, क्योंकि इस क्षेत्र में गर्मियों में न तो अधिक गर्मी पड़ती है और न 

सर्दियों में अधिक ठंड 

9. मध्य प्रदेश में ऋतुओं को अन्य नामों से भी जाना जाता है- 

(अ) युनाला 

(ब) चौमासा 

(स) सियाला 

(द) उपरोक्त सभी 

उत्तर- (द) मध्य प्रदेश में तीन ऋतुएँ पायी जाती हैं। ग्रीष्म ऋत जिसे ‘युनाला’ कहते हैं। वर्षा जिसे ‘चौमासा’ तथा शीत ऋतु 

जिसे मध्य प्रदेश में ‘सियाला’ के नाम से भी जाना जाता है। 

10. सूर्य का उत्तरायण होने से प्रदेश में क्या परिवर्तन होगा? 

(अ) तापमान में वृद्धि 

(ब) तापमान में कमी, 

(स) तापमान में कोई परिवर्तन नहीं 

(द) उपरोक्त सभी असत्य है 

उत्तर- (अ) 21 मार्च को सूर्य उत्तरायण होने लगता है जिससे उत्तरी गोलार्द्ध में तापमान बढ़ने लगता है। इससे उत्तरी मध्य प्रदेश 

में तापमान शीघ्रता से बढ़ता है। मुख्यतः ग्वालियर, मुरैना, दतिया में तापमान अधिक हो जाता है, परन्तु दक्षिणी मध्य प्रदेश में 

अपेक्षाकृत कम गर्मी पड़ती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!