Share this…
संशलेषित धागों का निर्माण बहुलीकरण विधि के सहारे होता है। 

• कृत्रिम गर्भाधान हेतु शुक्राणु का संरक्षण दण नाइट्रोजन में किया जाता है। 

• चमड़ा शोधन के लिए फिटकरी का प्रयोग किया जाता है। 

• किसी परमाणु का गुण इलेक्ट्रॉनिक संरचना पर निर्भर करता है। 

• पृथ्वी की आयु का आकलन यूरेनियय डेंटिंग से किया जाता है। 

• जीवाश्म की आयु का निर्धारण रेडियो कार्बन डेंटिंग से किया जाता है। 

• पेटोलियम के समस्थानिक सर्वाधिक संख्या में पाये जाते है। 

• कार्बन टेदाक्लोराइड योगिक की आकृति चतुष्फलकीय होती है। 

• लोहे पर जंग लगना ऑक्सीकरण का उदाहरण है। 

• पी0 एच0 (PH) मान का निर्धारण सॉरेन्सन ने किया। 

• भूरा कोयला के नाम से लिग्नाइट जाना जाता है। 

• सिल्वर (चाँदी) का लैटिन नाम अर्जेटम है। 

• सोना का लैटिन नाम ओरम  है। 

• सुक्ष्मदर्शा के लेंस में फ्लिंट काँच का प्रयोग किया जाता है। 

• प्रेशर कूकर के हेंण्डल में बेकेलाइट का प्रयोग किया जाता है। 

• क्षार का स्वाद तीखा जबकि अम्ल का स्वाद खट्टा होता है। 

• सबसे अधिक विषैला पदार्थ पोटैशियम सायनाइड है। 

• भारी जल का जमाव बिन्दु 3.8℃ होता है। 

• 1 केलोरी 4.2 जूल के बराबर होता है। 

• आदर्श गैस की ऊर्जा तापधान पर आधारित होती है। 

• ऐल्कोहॉल में कार्बन, हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन निहित होता है। 

• विद्युत बल्ब में ऑर्गन जेसी अक्रिय गैस भरी होती है। 

• हलियम को छोड़कर शेष सभी अक्रिय गैसो की बाहरी कक्षा में आठ इलेक्ट्रॉन होते है। 

• वनस्पति घी “हाइड्रोजनीकरण प्रक्रिया' द्वारा बनाई जाती है। ॥

• जिप्सम का रासायनिक नाम कैल्शियम सल्फेट  है। ॥ 

• कॉस्टिक सोडा का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) है। | 

• बेकिंग सोडा (खाना बनाने में प्रयुक्त सोडा) का रासायनिक भाम सोडियम थाईकार्बोनेट'  है
Share this…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *