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मध्‍यप्रदेश में पर्यटन स्‍थल Tourist places in Madhya Pradesh

यह MPGK Notes मध्यप्रदेश में आयोजित ESB, VYAPAM, MPPEB, MPPSC सभी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हैं। हमारे द्वारा यह MPGK Topicwise Notes उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। यह MPESB के लिए उपयोगी MPGK Notes समय-समय पर अपडेट किए जाते रहेंगे। जिससे आपको बार-बार नई किताबें खरीदने की जरूरत नहीं होगी।

अमरकंटक –

• अमरकंटक अनूपपुर में मैकाल श्रेणी के अन्‍तर्गत अवस्थित हैं ।
• यहाँ पर कबीर चबूतरा, नर्मदाकुंड, सोनकुंड, कर्ण मंदिर, माई की बगिया व श्रीयंत्र मंदिर स्थित है ।
• अमरकंटक को पर्यटकों का तीर्थराज भी कहा जाता है ।
• अमरकंटक में कपिल धारा, दुग्‍ध धारा, लक्ष्‍मण धारा व पंच धारा जलप्रपात स्थित है ।

भेड़ाघाट –

• जबलपुर के पास स्थित है ।
• यहां पर चौसठयोगिनी मंदिर व धुआँधार जलप्रपात स्थित है ।
• भेड़ाघाट का नाम भृगु ऋषि के कारण पड़ा है ।
• यहां बन्‍दर कूदनी दर्शनीय स्‍थल है ।

चित्रकूट –

• सतना जिले में  मंदाकिनी नदी पर स्थित है ।
• राज्‍य सरकार द्वारा इसे पवित्र नगर का दर्जा दिया गया है ।
• चित्रकूट में सत्‍ती अनुसुईया आश्रम, भरत कूट, हनुमान धारा, सीता कुंड, राम घाट आदि धार्मिक स्‍थल है ।
• जैन धर्म से सम्‍बंधित कामदगिरी तीर्थ स्‍थल है ।
• अब्‍दुल रहीम खान – खाना की कर्मभूमि चित्रकूट रही है ।
• तुलसीदास ने रामचरित मानस की रचना, अकबर के समय चित्रकूट में ही की थी ।

ओंकारेश्‍वर –

• नर्मदा नदी के तट पर खंडवा जिले में स्थित है ।
• राज्‍य सरकार द्वारा इसे पवित्र नगर का दर्जा दिया गया है ।
• प्रदेश का दूसरा ज्‍योतिर्लिंग ओंकारेश्‍वर – ममलेश्‍वर के रूप में मौजूद है ।
• यहाँ काजलरानी व शंकराचार्य की गुफायें है ।
• 108 फीट ऊँची आदि शंकराचार्य की प्रतिमा स्‍थापित की गयी है ।

.महेश्‍वर –

• नर्मदा नदी के तट पर खरगौन जिले में स्थित है ।
• महाजनपद काल में दक्षिण अवंतिका की राजधानी माहिष्‍मति के रूप में रही है ।
• महेश्‍वर में सहस्‍त्रधारा जलप्रपात नर्मदा नदी पर स्थित है ।
• म.प्र. का सबसे बड़ा नदी घाट महेश्‍वर / अहिल्‍या घाट है ।
• अहिल्‍याबाई होल्‍कर ने अपने शासन में महेश्‍वर को राजधानी बनाया था ।
• महेश्‍वर में अहिल्‍याबाई संग्रहालय व अहिल्‍या बाई की समाधि स्थित है ।
• अहिल्‍याबाई द्वारा संरक्षित महेश्‍वर साड़ी उद्योग को राष्‍ट्रीय स्‍तर पर पहचान मिली है ।

मैहर –

• मैहर सतना जिले में स्थित है ।
• यहां शारदा माता का मंदिर कैमूर श्रेणी के त्रिकूटा पर्वत पर स्थित है ।
• मैहर संगीतकार अलाउद्दीन खां की कर्मभूमि रहा है, इसलिए इसे संगीत नगरी के नाम से जाना जाता है ।
• मैहर में आल्‍हा उदल अखाडा  व गोलमठ का मंदिर स्थित है ।

उज्‍जैन –

• उज्‍जैन क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित है ।
• राज्‍य सरकार द्वारा इसे पवित्र नदी का दर्जा दिया गया है ।
• उज्‍जैन में दक्षिण मुखी ज्‍योतिर्लिंग महाकालेश्‍वर स्थित है ।
• उज्‍जैन में जंतर मंतर, संदीपनी आश्रम, गोपाल मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, गढ़कालिका मंदिर, चिंतामन मंदिर व हरसिद्धि माता का मंदिर स्थित है ।

साँची –
• साँची रायसेन जिले में स्थित है , यहाँ भारत का सबसे बड़ा स्‍तूप है ।
• साँची स्‍तूप का निर्माण सम्राट अशोक ने तीसरी शताब्‍दी ई.पू. में कराया था ।
• सन 1989 में यूनेस्‍को की विश्‍व धरोहर सूची में शामिल किया गया ।
• साँची में भगवान बुद्ध के दो प्रधान शिष्‍यों सारिपुत्र व महामोगल्‍यायन की अस्थियाँ रखवाई थीं ।
• स्‍तूप में जहां हड्डी या अवशेष रखें जाते है वह स्‍थान हर्मिका कहलाता हैं व स्‍तूप का प्रदक्षिणा पथ मेधि
कहलाता है । स्‍तूप के चारो ओर तोरण द्वार बने हैं जिन पर जातक कथाएं चित्रित है ।
• सांची स्‍तूप का व्‍यास 36.5 मीटर और ऊंचाई लगभग 21.64 मीटर है ।
• साँची स्‍तूप की खोज 1818 में जनरल टेलर ने की थी ।
• साँची पुरातात्विक संग्रहालय की स्‍थापना जॉन मार्शल ने 1919 में की थी ।

खजुराहो –

• खजुराहो नगर चंदेल शासकों का धार्मिक और सांस्‍कृतिक केन्‍द्र था, जिसकी आधारशिला विख्‍यात राजा चंद्रवर्मा (नन्‍नुक) ने रखी ।
• छतरपुर जिले के राजनगर तहसील में स्थित यह प्रदेश का सर्वश्रेष्‍ठ पर्यटन स्‍थल हैं ।
• चंदेल राजाओं द्वार निर्मित खजुराहो के इन मंदिरों का निर्माण काल 950 ई. से लेकर 1050 ई. के बीच माना जाता है ।
• यहाँ शैव, जैन, वैष्‍णव धर्म से संबंधित मंदिर हैं, इनकी संख्‍या वर्तमान में लगभग 25 हैं ।
• 1986 से यूनेस्‍को की विश्‍व धरोहर सूची में शामिल हैं ।
• ब्रिटिश इंजीनियर टी.एस.बर्ट ने खजुराहों के मंदिरों को खोजने में विशेष भूमिका निभाई थी ।

माण्‍डू –

•  यह धार जिलें में स्थित है । माण्‍डू को आनंद की नगरी (सीटी ऑफ ज्‍वॉय) भी कहा जाता है ।
• मांडू का पुराना नाम शादियाबाद है ।
• मांडू में अशर्फी महल, जहाज महल, हिंडोला महल, बाजबहादुर का महल, रूपमती महल व तबेली महल इत्‍यादि स्थित है ।
• मांडू में जामा मस्जिद, होशंगशाह का मकबरा व नीलकंठ मंदिर स्थित है ।
• मांडू में लगभग 12 प्रवेश द्वारा निर्मित हैं इनमें सुल्‍तान या दिल्‍ली दरवाजा प्रमुख है, इसे मांडू का प्रवेश
द्वार भी कहते हैं व इसके अलावा यहाँ जहांगीर दरवाजा, आलमगीर दरवाजा , भंगी दरवाजा, गाड़ी दरवाजा, राम गोपाल दरवाजा, तारापुर दरवाजा स्थित है ।

भीमबैठका –
• भीमबैठका रायसेन जिले में स्थित है व इसे वर्ष 2003 में यूनेस्‍को की विश्‍व धरोहर सूची में शामिल किया गया ।
• 1957 में इस स्‍थल की खोज प्रसिद्ध पुरातत्‍व शास्‍त्री स्‍व. डॉ. विष्‍णु श्रीधर वाकणकर ने की ।
• यहाँ पुरापाषाण काल के साक्ष्‍य मिलते हैं ।

ग्‍वालियर –
• ग्‍वालियर में ग्‍वालियर किला स्थित है, जिसे जिब्राल्‍टर फोर्ट के नाम से जाना जाता है ।
• ग्‍वालियर किले में गूजरी महल, जहांगीर महल, मोती  महल व विक्रम महल स्थित है ।
• ग्‍वालियर किले में मान मंदिर व सहस्‍त्रबाहु का मंदिर स्थित है ।
• म.प्र. का सबसे बड़ा गुरूद्वारा बंदी छोड़ ग्‍वालियर किले में ही स्थित है ।

• ग्‍वालियर किले का निर्माण राजा सूरज सेन ने करवाया था ।
• ग्‍वालियर किले में पांच दरवाजे जिसमें दो मुख्‍य दरवाजे – पहला उत्‍तर –पूर्व (हथीपूल) और दूसरा दक्षिण – पश्चिम (बादलगढ़ द्वारा), हिंडोला, भर्तृहरि, आलमगीर स्थित है ।  

पचमढ़ी –
• पंचमढ़ी की खोज ब्रिटिश अधिकारी कैप्‍टन जे. फारसोथ ने की थी ।
• पंचमढ़ी को “सतपुड़ा की रानी’’ एवं “मध्‍यप्रदेश की ग्रीष्‍म कालीन राजधानी’’ कहते हैं ।
• यहां मुख्‍य पर्यटन स्‍थल जटाशंकर, पाण्‍डव गुफा, धूपगढ़, चौरागढ़, नन्‍दी गढ़ है ।
• यहां प्रमुख जल प्रपात डचेस, रजत, अप्‍सरा, एवं बी फॉल स्थित है ।
• पचमढ़ी में मध्‍यप्रदेश का जड़ीबूटी केंद्र बनाया गया है ।                                                        
 
कान्‍हा राष्‍ट्रीय उद्यान –
• कान्‍हा मंडला में स्थित है । इस उद्यान को 1933 में वन्‍य जीव अभ्‍यारण्‍य एवं 1955 में राष्‍ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया व 1974 में “प्रोजेक्‍ट टाइगर’’ में शामिल किया गया ।
• यहां से बंजर व हॉलो नदियाँ प्रवाहित होती है ।
• कान्‍हा राष्‍ट्रीय उद्यान का शुभंकर “भूरसिंह द बारहसिंगा’’ है, जिसके डिजायनर रोहन चक्रवर्ती हैं ।

पेंच राष्‍ट्रीय उद्यान –
• पेंच राष्‍ट्रीय उद्यान म.प्र. में सिवनी में स्थित है, 1975 में राष्‍ट्रीय उद्यान तथा 1992 में प्रोजेक्‍ट टाइगर में शामिल किया गया ।
• इसका अन्‍य नाम इंदिरा प्रियदर्शनी है, इसके बीचों बीच पेंच व कान्‍हन नदी प्रवाहित होती है ।
• इस राष्‍ट्रीय उद्यान को मोगली लैंड भी कहा जाता है ।

बहुटी व चचाई जलप्रपात –
• बहुटी म.प्र. का सबसे ऊँचा जलप्रपात है, जिसकी ऊंचाई 198 मीटर है एवं चचाई म.प्र. का दूसरा सबसे ऊंचा जलप्रपात है ।

मुकुंदपुर व्‍हाइट टाइगर सफारी –
• मुकुंद व्‍हाइट टाइगर सफारी सतना में स्थित है । इसका उद्धाटन 3 अप्रैल 2016 को हुआ । यहाँ सफेद शेरों को बसाया गया है ।

अन्‍य जैन तीर्थ स्‍थल
• मुक्‍तागिरी (बैतूल)
• सोनागिरी (दतिया)
• गोमतगिरी (इंदौर)
• पावागिरी (खरगौन)
• बावनगजा (‍बड़वानी)
• पुष्‍पगिरी (देवास) – सोनकच्‍छ
• कामदगिरि (चित्रकुट)
• मंगलगिरि (सागर)
• मतुंगगिरि (धार)


कुण्‍डलपुर (जैन तीर्थ स्‍थल) मध्‍यप्रदेश  के दमोह जिले की पटेरा तहसील में स्थित है । यहाँ बड़े बाबा के नाम से प्रसिद्ध

                                                        भगवान आदिनाथ की 12 फीट ऊंची प्रतिमा है ।

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