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Most Important Questions:-

  • (1 ) चम्बल घाटी परियोजना 
  • यह परियोजना यमुना की सहायक नदी अम्बल पर स्थित है! 
  •  यह देश की दूसरी बड़ी नदी घाटी परियोजना है।  
  • यह मध्यप्रदेश व राजस्थान की संयुक्त परियोजना है।  
  • इस परियोजना का निर्माण कार्य 1953 54 में प्रारम्भ हुआ तथा 1960 में पूर्ण हुआ।  
  • यह परियोजना 3 चरणो में पूर्ण हुई तथा इसके तहत तीन बाँध बनाए गए हैं।  
  •                                (i) गाँधी सागर बाँध  
  • प्रथम चरण में निर्मित यह बाँध मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील में निर्मित किया गया।  
  • इस बाँध की ऊँचाई 64 मीटर तथा लम्बाई 514 मीटर हैं। 
  •  इसकी सिंचाई क्षमता 11.00 लाख एकड़ है।  
  • इसमें 1960 में गाँधीसागर जल विद्युत केंद्र की स्थापना की गई, जिससे 115 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है।  
  • इस परियोजना से 1960 से सिंचाई प्रारम्भ की गई।  
  •                  (iiराणा प्रताप सागर बाँध 
  • यह बाँध राजस्थान राज्य के चित्तौड़गढ़ जिले में चम्बल नदी पर स्थित है।  
  • यह बाँध गाँधीसागर बाँध से 56 कि.मी. नीचे बनाया गया है, इसकी ऊँचाई 54 मीटर तथा लम्बाई 1143 मीटर है।  
  • इसकी जलाशय क्षमता 1567 मिलियन घन मीटर है।  
  • इस परियोजना से सिंचाई के अलावा 172 मेगावाट विद्युत का उत्पादन किया जाता है, जिसमें मध्यप्रदेश व राजस्थान का 50:50% का हिस्सा है।  
  • यह मध्यप्रदेश व राजस्थान की संयुक्त परियोजना है।  
  •                              (iii) जवाहर सागर या कोटा बैराज 
  • यह चम्बल नदी पर चम्बल घाटी परियोजना के अंतिम चरण में निर्मित बाँध है।  
  • यह राजस्थान के कोटा जिले में राणा प्रताप सागर से 23 कि.मी. नीचे बनाया गया है।  
  • इसकी जलाशय क्षमता 1944 मिलियन घन मीटर है तथा इससे 99 मेगावाट बिजली पैदा की जाती है।  
  • इस परियोजना के बाँईं तरफ की नहरें राजस्थान तथा दाँईं तरफ की नहरें म.प्र. की कृषि भूमि को सिंचित करती हैं।  
  • मध्यप्रदेश की अम्बाह, मुरैना तथा मर्ऊँ की नहरें तृतीय योजना काल में निर्मित की गईं, जिससे 3.50 लाख एकड़ भूमि सिंचाई कीं जाती है।  

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