• ध्वनि के अपवर्तन के कारण ध्वनि दिन की अपेक्षा रात में अधिक दूरी तक सुनाई पड़ता है। 

• दूरी मापने की सबसे बड़ी इकाई पारसेक है। 

• संवेग दुगुना करने पर गतिज ऊर्जा चार गुनी हो जाती है। 

• भूस्थिर  उपग्रह पश्चिम से पूरब की ओर घुमता है। 

• वायुमंडलीय दाबमापी (बैरोमीटर) का पाठयांक जब एकाएक नीचे गिरता है, तो आँधी तथा जब धीरे-धीरे नीचे गिरता है, तो वर्षा आने की संभावना होती है। 

• आपेक्षिक घनत्व को हाइड्रोमीटर से मापा जाता है। 

• लोलक की लम्बाई बढ़ने पर आवर्तकाल बढ़ जाता है। 

• पारा  - 39℃ पर जमता है। 

• ठोसों में उष्मा का संचरण चालन विधि द्वारा ही होता है। 

• गेसों तथा द्रवों में ऊष्मा का संचरण संवहन विधि द्वारा होता है। 

• सोनोमीटर एक स्वरमापी है। 

• 4℃ पर जल का घनत्व सबसे अधिक तथा आयतन सबसे न्यूनत्तम होता है। 

• पृथ्वी पर सूर्य से उष्मा, विकिरण द्वारा प्राप्त होता है। 

• आसमान में बादल छाये रहने पर वातावरण में गर्मी महसूस होती है। 

• वायुमंडल संवहन विधि द्वारा गर्म होती है। 

• वायु तथा निर्वात में प्रकाश की चाल सबसे अधिकत्तम  होती है। 

• बेंगनी रंग के प्रकाश का प्रकीर्णन सबसे अधिक तथा लाल रंग के प्रकाश का प्रकीर्णन सबसे कम होता हे। 

• आकाश का रंग नीला प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण होता है। 

• पृथ्वी को चन्द्रमा और सूर्य के बीच में आने के कारण अन्द्र ग्रहण लगता है। 


• चन्द्रमा को पृथ्वी और सूर्य के बीच में आने के कारण सूर्य ग्रहण लगता है। 

• अगर दो दर्पण एक दूसरे के समानांतर हो, तो उनके बीच रखी वस्तु का अनन्त प्रतिबिम्ब बनता है। 

• सोलर कुकर, परावर्तक दूरबीनों, सर्चलाइट, रोगियों के नाक, कान, गले आदि की जाँच तथा हजामती दर्पण के रूप में अवतल दर्पण का प्रयोग होता है। 

• प्रकाश के अपवर्तन के कारण तारे टिमटिमाते तथा पानी के अन्दर रखी छडी टेढी दिखाई पड़ती है। 

• हीरे का चमकना, रेगिस्तान में मरीचिका बनना तथा कांच में आए दरार का चमकना पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण होता है। 

• उत्तल दर्पण का ठपयोग मोटरकार में साईड मिरर के रूप में होता है। 

• लेंस की क्षमता का मात्रक डाईऑप्टर होता है। 

• इद्रधनुष के बीच का रंग हरा होता है। 

• लाल, हरा एवं नीला र॑ग को प्राथमिक रंग कहा जाता है। 

• स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी 25 से.मी० होती है। 

• इंद्रधनुष सूर्य के ठीक विपरीत दिशा में बनता है। 

• निकट दृष्टि दोष के निवारण के लिए अवत्तल लेंस का प्रयोग होता है। 

• पानी के अन्दर हवा का बुलबुला जिसकी सतह उत्तल होती है, अवतल लेंस की भाँति कार्य करता है। 

• किसी रंग का प्रकीर्णन उसके तरंगदैध्य॑ पर निर्भर करता है। 

• लाल रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक तथा बैंगनी रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे कम होता है। 

• अंतरिक्ष से देखने पर आकाश काला दिखाई पड़ता है। 

• काले रंग की वस्तु सभी रंगों को अवशोषित करती है। 

• रंगीन टेलीविजन के प्राथमिक रंग लाल, हरा, नीला होता है। 

• जिन दो रंगों को मिलाने से श्वेत रंग बनता है, उसे पूरक वर्ण कहते है। 

• जिन पदार्थों से होकर विद्युत आवेश सरलता से प्रवाहित होता है, उसे चालक कहते हे। 

• चाँदी विद्युत का सबसे अच्छा चालक है। 

• जिन पदार्थों से होकर आवेश का प्रवाह नहीं होता है, अचालक कहलाते है। 

• लकड़ी, रबर तथा कागज अचालक है। 

• वैसे पदार्थ जिनकी विद्युत चालकता चालक एब॑ अचालक के बीच होती है, अर्द्धधालक कहलाते है। 

• कार्बन, सिलिकॉन, एवं जर्मेनियम आदि अर्द्धधालक पदाअ्श है। 

• जरा दृष्टि दोष  के निवारण के लिए बाइफोकल लेंस का प्रयोग होता है। 

• अविन्दुकता के निवारण के लिए बेलनाकार लेंस का प्रयोग किया जाता है।

• इन्द्रधनुष प्रकाश के वर्ण विक्षेपण के कारण बनता है। 

• संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में दो उत्तल लेंस का प्रयोग होता है। 

• नेत्र दान में कॉर्निया का दान किया जाता है। 

• मानव नेत्र के रेटिना पर बना प्रतिबिम्ब वास्तविक, उल्टा एबं बस्तु से छोटा होता है। 

• रेटिना पर बना प्रतिबिम्ब स्थायी नहीं होता है। 

• काँच की छड॒ को रेशम से रगड़ने पर काँच में घनात्मक तथा रेशम में ऋणात्मक विद्युत उत्पन्न होती है। 

• परमाणु विद्युतः उदासीन होता हे। 

• प्रत्येक पदार्थ के परमाणु में एक नाभिक होता है जिसमें प्रोटॉन एजं न्यूट्रॉन विद्यमान होते है। 

• प्रोटॉन धन आवेशित, इलेक्टन ऋणावेशित जबकि न्यूट्रॉन आवेशहीन कण है। 

• तड़ित चालक का प्रयोग तड़ित के दोरान बहुत ऊँचे भवनों की सुरक्षा के लिए किया जाता है। 

• तडित चालक ताँबा का बनाया जाता है। 

• दीर्घ दृष्टि दोष  के निवारण के लिए उत्तल लेंस का प्रयोग किया जाता है। 

• विद्युत सेल में रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है। 

• 1 किलोबाट घंटा को 1 यूनिट कहा जाता है। 

• किसी विद्युत धारा को लवण के जलीय बिलयन में प्रवाहित करने पर विलयन का विद्युत अपघट्न हो जाता है। 

• बिजली के हीटर या इस्तरी में गनाइक्रोम के तार का प्रयोग होता है। 

• ट्यूब लाईट में काँच की लम्बी टयूब के अन्दर की दीवारों पर फॉस्फर का लेप होता है। 

• ट्यूब के दोनों किनारों पर बेरियम ऑक्साइड के तंतु लगे रहते है। 



• लेकलाशे सेल में वैद्युत अपघट्य के रूप में अमोनियम क्लोराईड और जिंक क्लोराइड का लेप होता है। 

• डायनेमो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत उर्जा में बदलता है। 

• डायनेमो विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के सिध्दांत पर कार्य करता हैं

• विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित करता है। 

• सस्ता फ्यूज तार ताँबा, टिन तथा सीसा के मिश्रधातु का बना होता है। 

• विद्युत बल्ब का आविष्कार थाँम्स एल्वा  एडीसन ने किया था। 

• चुम्बक को स्वतंत्रता पूर्वक लटकाने पर वह सदैव उत्तर-दक्षिण दिशा की ओर रूकती है। 

• चुम्बकों के समान ध्रुवों के बीच विकर्षण एवं असमान ध्रुवों के बीच आकर्षण होता है। 

• चुम्बक को हथोड़े से पीटने या गर्म करके लाल बना देने से उसका चुम्बकत्व खत्म हो जाता है। 

• पृथ्वी के ध्रुवों पर नमन कोण का मान 90" तथा विषुब॒त रेखा पर 0" होता है। 

• चुम्बकत्व की असली पहचान विकर्षण तथा प्रतिकर्षण है। 

• कार्बन डेटिंग-14 विधि का उपयोग कर जीवाश्मों, प्राचीन पादपों की आयु आदि का पता लगाया जाता है। 

• पुरानी चूटानों तथा पृथ्वी की आयु के अंकन में यूरेनियम डेंटिंग का प्रयोग किया जाता है। 

• X-किरणों की खोज 1895 में रॉन्टजन ने की थी।

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