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मध्‍यप्रदेश में जिलेवार जानकारी District wise Information of Madhya Pradesh

यह MPGK Notes मध्यप्रदेश में आयोजित ESB, VYAPAM, MPPEB, MPPSC सभी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हैं। हमारे द्वारा यह MPGK Topicwise Notes उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। यह MPESB के लिए उपयोगी MPGK Notes समय-समय पर अपडेट किए जाते रहेंगे। जिससे आपको बार-बार नई किताबें खरीदने की जरूरत नहीं होगी।


भिंड (बागियों का गढ़)

• “भिंड ऋषि’’  के नाम पर इसका नाम भिंड पड़ा ।
• सबसे कम लिंगानुपात भिंड में है ।
• भिंड का गोहद मध्‍यप्रदेश का सबसे कम वर्षा वाला स्‍थान है ।
• मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र प्रसिद्ध है, जिसे राज्‍य का दूसरा सूखा बंदरगाह कहा जाता है ।
• भिंड न्‍यूनतम अनुसूचित जनजाति जनसंख्‍या वाला जिला है ।
• रेणुका माता का मंदिर व वनखंडेश्‍वर मंदिर स्थित है ।

मुरैना (शहद जिला)
• मुरैना का पुराना नाम मयूर वन था ।
• देश का पहला शहीद मंदिर राम प्रसाद बिस्मिल की स्‍मृति में मुरैना के बरवई ग्राम में स्‍थापित किया गया है ।
• चबल नदी के द्वारा अवनालिका अपरदन से मुरैना सर्वाधिक प्रभावित जिला है,  जिसके कारण चंबल के बीहड़ों का निर्माण होता है ।
• मुरैना सरसों व दुग्‍ध उत्‍पादक जिला है ।
• मुरैना में चम्‍बल (देवरी) घडि़याल संरक्षण केंद्र स्थित है ।
• मुरैना में चम्‍बल नदी पर डॉल्फिन संरक्षण भी किया जा रहा है ।
• चंबल नदी में बटागुर, कटहवा व चित्रा इण्डिका कछुओं की प्रजातियों का संरक्षण हो रहा है ।
• मुरैना में पहाड़गढ़ के शैलचित्र प्रसिद्ध है ।
• मुरैना के बाणमौर औद्योगिक केंद्र में 1922-23 में राज्‍य की पहली सीमेंट फैक्‍ट्री एसीसी द्वारा स्‍थापित की गई ।
• नूराबाद हॉर्टीकल्‍चर इण्‍डो इजराईल एग्रीकल्‍चर प्रोजेक्‍ट के तहत प्रस्‍तावित है ।

• मुरैना में गोल्‍डन ट्रायंगल मंदिर के अंतर्गत पदावली, मितावली व बटेश्‍वर मंदिर का समूह है ।
• शेरशाह सूरी द्वारा पुल का निर्माण किया गया  है ।
#अटल बिहारी वाजपेयी कला केन्‍द्र मुरैना में स्‍थापित किया गया है ।

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  श्‍योपुर (भारत का इथोपिया)

• श्‍योपुर सर्वाधिक कुपोषित जिला है, इस कारण इसे “भारत का इथोपिया’’ कहा जाता है ।
• 2019 में कूनो पालपुर राष्‍ट्रीय उद्यान प्रस्‍तावित है जिसमें गुजरात के गिर से बब्‍बर शेरों का स्‍थानांतरण किया जा रहा है ।
• श्‍योपुर को 1998 में मुरैना से अलग कर जिला बनाया गया है ।
• श्‍योपुर जिला काष्‍ठ के खिलौने के लिए प्रसिद्ध है ।
• यहाँ मध्‍यप्रदेश की अति पिछड़ी सहरिया जनजाति  निवास करती है ।
• कवि मुक्तिबोध की जन्‍मस्‍थली श्‍योपुर है ।
• श्‍योपुर में सीप नदी में बंजारा बाँध स्थित है ।

 ग्‍वालियर संभाग (ग्‍वालियर)
• राजा सूरजसेन द्वारा निर्मित ग्‍वालियर के किले को “ किलों का रत्‍न’’ या “जिब्राल्‍टर ऑफ इंडिया’’ कहा जाता है ।
• ग्‍वालियर में म.प्र. का सबसे बड़ा व्‍यापारिक मेला लगता है ।
• म.प्र. का राजस्‍व व महालेखाकर कार्यालय ग्‍वालियर में स्थित है ।
• देश का पहला एडवोकेट ट्रेनिंग सेन्‍टर यहाँ स्थित है ।
• महिला NCC प्रशिक्षण केन्‍द्र स्थित है ।
• गौस मोहम्‍मद व तानसेन का मकबरा ग्‍वालियर में स्थित है ।
• राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्‍व विद्यालय (2008) स्थित है ।
• राजा मानसिंह तोमर संगीत महाविद्यालय (2008) स्‍थापित है ।
• यहाँ तेली का मंदिर भी स्थित है, जो द्रविड़ शैली में बना हुआ मध्‍यप्रदेश में एक मात्र मंदिर है ।

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• ग्‍वालियर घराना ख्‍याल गायकी के लिए प्रसिद्ध है ।

• ग्‍वालियर के मोरार (M.O.R.A.R. = MILITARY OFFICERS RESIDENTIAL AREA RESERVE) में सैनिक छावनी स्थित है ।
• रानी लक्ष्‍मीबाई की समाधि, फूलबाग में स्थित है ।
• 1 नवम्‍बर 1956 को मध्‍यप्रदेश बनने से पहले मध्‍य भारत की राजधानी ग्‍वालियर थी ।
• ऐतिहासिक रूप से सिंधिया शासकों की राजधानी ग्‍वालियर का भारतीय संगीत परंपरा में महत्‍वपूर्ण स्‍थान है ।
• ग्‍वालियर में 2008 में राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना की गई थी ।
• भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्‍थान 1983 में स्‍थापित किया गया ।
• ग्‍वालियर के घाटी गाँव अभ्‍यारण्‍य में सोन चिडि़या का संरक्षण किया जा रहा है ।
• ग्‍वालियर में लक्ष्‍मीबाई शारीरिक प्रशिक्षण विद्यालय 1957 में स्‍थापित किया गया है ।
• ग्‍वालियर में गुजरी महल और दाता बंदी छोड़ गुरूद्वारा स्थित है ।
• ग्‍वालियर में स्थित कैप्‍टन रूपसिंह स्‍टेडियम में अंतर्राष्‍ट्रीय क्रिकेट मैंच होते हैं ।

शिवपुरी
• शिवपुरी में माधव राष्‍ट्रीय पार्क स्थित है, जो कि तेंदुओं के लिए प्रसिद्ध है ।
• माधव राष्‍ट्रीय उद्यान में जॉर्ज कैसल भवन, सांख्‍य सागर, माधव सागर व जाधव सागर झील स्थित है ।
• शिवपुरी में स्थित करैरा अभ्‍यारण्‍य में सोन चिडि़या का संरक्षण किया जाता है ।
• मोहिनीसागर (अटल सरोवर) बाँध सिंध नदी पर स्थित है ।
• सुल्‍तानगढ़ जलप्रपात शिवपुरी में स्थित है ।
• NH-46  व NH-27 शिवपुरी जिले से गुजरता है ।
• शिवपुरी में सांख्‍यराजे सिंधिया व तात्‍याटोपे की समाधि है ।
• शिवपुरी में पीर बुधान व सिद्धेश्‍वर का मेला लगता  है ।
• शिवपुरी को मध्‍यप्रदेश का पहला पर्यटन नगर घोषित किया गया है ।
• नलदमयंती की कथा में प्रसिद्ध नरवर का किला स्थित है ।

 गुना
• गुना का पुराना नाम ईसागढ़ था ।
• यहाँ भू- उपग्रह दूर संचार उपग्रह केन्‍द्र है ।
• गुना को मालवा व चंबल का प्रवेश द्वार कहा जाता है ।
• गुना के विजयपुर में नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड और
  गेल इंडिया की उत्‍पादन इकाइयाँ  है ।
• हजीरा – विजयपुर – जगदीशपुर गैस पाइपलाइन यही
  से होकर गुजरती है ।
• गुना जिले के भामावद गाँव में तेजाजी व हीराभूमिया का मेला लगता है ।
• गोपीकृष्‍ण बाँध चौपान नदी पर स्थित है ।

अशोकनगर

• सम्राट अशोक के नाम पर अशोकनगर नाम पड़ा ।
• चंदेरी का प्रसिद्ध किला यहीं पर स्थित है । जिसका निर्माण प्रतिहार नरेश कीर्तिपाल ने कराया । इसक किले में नौखंडा महल, कोसक महल, खूनी दरवाजा, बत्‍तीसी बाबड़ी तथा जौहर कुंड स्थित है ।
• चंदेरी में महान संगीतकार बैजू बावरा की समाधि स्थित है ।
• चंदेरी कलात्‍मक साडि़यों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है व इन्‍हें भौगोलिक संकेतक दिया गया है ।
• यहाँ करीला माता का मंदिर स्थित है  व प्रतिवर्ष होली के समय करीला माता का मेला लगता है ।
• अशोकनगर के मुंगावली में प्रदेश की पहली खुली जेल स्‍थापित की गई है ।
• मौर्यकालीन तुमैन अभिलेख अशोकनगर में स्थित है ।

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   दतिया (लघु वृन्‍दावन)
• दतिया का पूर्व नाम दिलीपनगर था ।
• दतिया में जैनों का प्रमुख तीर्थस्‍थल सोनागिरी स्थित है ।
• रतनगढ़ वाली माता का मंदिर दतिया में स्थित है ।
• सतखंडा महल दतिया में स्थित है , जिसका निर्माण राजा नरेश वीर सिंह द्वारा कराया गया था ।
• दतिया के गुर्जरा से अशोक अभिलेख प्राप्‍त हुये है, जिनमें अशोक का नाम अशोक व देवनामप्रियदस्‍सी मिलती है ।
• दतिया में पीतांबरा पीठ मध्‍यप्रदेश की एकमात्र शक्तिपीठ है ।
• दतिया में स्थित दतिया दुर्ग का  निर्माण बुंदेला राजा नरेश वीरसिंह
ने करवाया जिले “न्‍याय मुकुट’’ भी कहा जाता था ।
• दतिया में उन्‍नाव का बालाजी सूर्य मंदिर स्थित है ।

उज्‍जैन
• महाकाल की नगरी उज्‍जैन प्राचीन धार्मिक नगरी के रूप में विश्‍व प्रसिद्ध है ।
• यहाँ एकमात्र दक्षिणमुखी ज्‍योतिर्लिंग महाकालेश्‍वर मंदिर है ।
• क्षिप्रा नदी के तट पर प्रत्‍येक बारह वर्ष में सिंहस्‍थ कुम्‍भ मेला लगता है ।
• क्षिप्रा नदी को मोक्षदायिनी नदी व मालवा की गंगा कहा जाता है ।
• उज्‍जैन के भैरवगढ़ प्रिंट प्रसिद्ध है ।
• उज्‍जैन के नागदा में कृत्रिम रेशे का कारखाना है ।
• यहाँ पर एशिया का सबसे बड़ा सोयाबीन संयंत्र स्‍थापित है ।
• संस्‍कृत शिक्षा के प्रसार के लिए 2008 में महर्षि पाणिनी विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना की गई ।
• उज्‍जैन के पर्यटक स्‍थल कालियादेह पैलेस, गढकालिका मंदिर, जंतर-मंतरस, भतृहरि की गुफाएँ , संदीपनी आश्रम, काल भैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, वैश्‍य टेकरी मंदिर, गोपाल मंदिर और हरसिद्धि माता का मंदिर स्थित हैं ।

 देवास

• देवास स्‍टेट की स्‍थापना 1726 में तुकोजी राव व जीवाजी राव ने की थी ।
• देवास जिले को प्रथम बायो डीजल जिला घोषित किया गया है ।
• देवास में करेंसी नोट छापने की प्रेस है ।
• देवास, कुमार गंधर्व की संगीत स्‍थली रही है ।
• प्रदेश का पहला ISO प्रमाणन पाने वाला थाना देवास है ।
• देवास जिले में नर्मदा, कालीसिंध , क्षिप्रा और जामनेर नदियाँ प्रवाहित होती है ।
• देवास में लेदर कॉम्‍पलेक्‍स स्‍थापित किया गया है ।
• जागमगोदरानी में पवनचक्‍की संयंत्र स्‍थापित किए गए हैं ।
• देवास के अन्‍य दर्शनीय स्‍थल चामुंडा माता मंदिर, पुष्‍पगिरी, खेवनी अभ्‍यारण , तुलजा भवानी मंदिर स्थित है ।

 रतलाम (अंगूर नगरी, सेव नगरी)

• रतलाम के न्‍यू टाउन की स्‍थापना कैप्‍टन वॉर्थविक ने 1829 में की थी ।
• रतलाम के पहले महाराजा रतन सिंह थे ।
• रतलाम के राज्‍य का अंगूर अनुसंधान केंद्र स्‍थापित किया गया है ।
• रतलाम के जावरा में प्रदेश की पहली चीनी मिल स्‍थापित की गयी थी ।
• सैलाना अभ्‍यारण्‍य में खरमोर पक्षी को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है ।
• रतलाम का सेलखड़ी उद्योग प्रसिद्ध है ।

• रतलाम के सेव को भौगोलिक संकेतक प्रदान किया गया है ।
• रतलाम में त्रिवेणी का मेला लगता है ।
• रतलाम के विलपांक मंदिर व धरोला मंदिर प्रसिद्ध है ।

शाजापुर (बालकृष्‍ण शर्मा की जन्‍म‍स्‍थली)
• शाजापुर चिल्‍लर नदी के किनारे स्थित है ।
• मुगल वंश के शासक शाहजहाँ के नाम पर शाजापुर का नामकरण हुआ ।
• शाजापुर में कालीसिंध, नेवज आदि नदियाँ बहती है ।
• मक्‍सी,  शाजापुर का प्रसिद्ध औद्योगिक केंद्र है , जहाँ डाबर का संयंत्र है ।
• गरीबनाथ का मेला शाजापुर जिले के अवन्‍तीपुर बड़ौरिया में लगता है ।

आगर मालवा

• यहाँ देश का पहला गैा – अभ्‍यारण्‍य बनाया गया है ।
• शाजापुर जिले की सुसनेर तहसील को अलग करके 16 अगस्‍त 2013 को आगर मालवा को मध्‍यप्रदेश का 51वाँ जिला बनाया गया है ।
• आगर – मालवा लखुन्‍दर नदी के किनारे स्थित है ।
• आगर – मालवा में बगुलामुखी माता का मंदिर , दादी सती मंदिर स्थित है ।
• आगर – मालवा में रत्‍न सागर व मोती सागर तालाब स्थित हैं ।
• बैजनाथ महादेव के मंदिर का जीर्णोद्वार कर्नल मार्टिन ने वर्ष 1883 में करवाया था ।

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मंदसौर (मालवा का शिरोभूषण, अफीन जिला )
• मंदसौर का प्राचीन नाम दसपुर है ।
• मंदसौर शिवना नदी के किनारे स्थित है ।
• यहीं पर गुप्‍त शैली में निर्मित अष्‍टमुखी पशुपतिनाथ का मंदिर है ।
• स्‍लेट पेंसिल बनाने का कारखाना है ।
• मंदसौर में गाँधी सागर बाँध चंबल नदी पर तथा गाँधी सागर अभ्‍यारण्‍य है ।
• यह अफीम उत्‍पादक जिला है ।
• मंदसौर अभिलेख द्वारा रेशम बुनकर (जुलहा श्रेणी) की जानकारी मिलती है ।
• मध्‍यप्रदेश का एकमात्र उद्यानिकी महाविद्यालय मंदसौर में स्थित है ।
• मंदसौर के अन्‍य प्रमुख पर्यटक स्‍थल धर्मराजेश्‍वर मंदिर, हिंगलाजगढ़ किला स्थित है ।

नीमच

• नीमच जिले की सैनिक छावनी से 3 जून 1857 को प्रथम स्‍वतंत्रता संग्राम की मध्‍यप्रदेश में शुरूआत मानी जाती है । नीमच छावनी की स्‍थापना 1818 में की गई थी ।
• केंद्रीय वित्‍त मंत्रालय के सवामित्‍व वाली एल्‍कलॉइड फैक्‍ट्री नीमच में स्‍थापित की गई ।
• नीमच के झांतला गाँव में पहला ग्राम न्‍यायालय  स्‍थापित किया गया था ।
• शहाबुद्दीन औलिया की मजार पर प्रतिवर्ष उर्स (मेला) लगता है ।
• CRPF का ट्रेनिंग सेंटर स्थित है ।
• कुकड़ेश्‍वर महादेव मंदिर नीमच में स्थित है ।
• नीमच में हर्बल मंडी प्रस्‍तावित है ।

इन्‍दौर (मिनी बॉम्‍बे, म.प्र. का मैनचेस्‍टर)
• इंदौर शहर खान व सरस्‍वती नदी के किनारे पर स्थित है ।
• इंदौर होलकर वंश की राजधानी रही है ।
• इंदौर के महू में डॉ. भीमराव अम्‍बेडकर का जन्‍म 14 अप्रैल 1891 में हुआ था । उनकी जन्‍म स्‍मृति की याद
में महू में सामाजिक विज्ञान विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना की गई है ।
• मध्‍यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का मुख्‍यालय इंदौर में है ।
• मध्‍यप्रदेश लोक सेवा आयोग का मुख्‍यालय इंदौर में है ।
• इंदौर शहर में पानी की आपूर्ति चोरल परियोजना के द्वारा की जाती है ।
• देवी अहिल्‍याबाई होल्‍कर अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डा इंदौर में है और 2020 में सामान की होम डिलीवरी करने वाला पहला एअरपोर्ट बना ।

यहाँ राजा रमन्‍ना लेजर अनुसंधान केन्‍द्र 1984 में स्‍थापित किया गया ।
• देवी अहिल्‍याबाई विश्‍वविद्यालय इंदौर में है ।
• राज्‍य का इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स कॉम्‍प्‍लेक्‍स भी यहाँ स्थित है ।
• प्रदेश की मौसम वेधशाला इंदौर में स्थित है ।
• मध्‍यप्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर है ।
• देश का ऐसा पहला शहर है जहां आईआईटी और आईआईएम दोनों स्थित हैं ।
• देश का पहला डाटा सेंटर पार्क और क्रिस्‍टल आईटी पार्क इंदौर में स्थित है ।
• इंदौर जनसंख्‍या के आधार पर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है ।
• होल्‍कर क्रिकेट स्‍टेडियम इंदौर में स्थित है, जहाँ वीरेंद्र सहवाग ने वेस्‍ट इंडीज के विरूद्ध 219 रनों की पारी खेली थी ।

 धार (भोज नगरी)
• धार, राजा भोज की राजधानी थी ।
• धार के मांडू को “सिटी ऑफ जॉय’’ कहा जाता है ।
• राज्‍य का पहला ड्रायपोर्ट और भारत का डेट्रायट पीथमपुर धार जिले में है।
• पीथमपुर में निर्यात संवर्धन पार्क है।
• धार में राजा भोज द्वारा निर्मित भोजशाला और बाग्‍देवी (सरस्‍वती) मंदिर है ।
• डायनासोर जीवाश्‍म पार्क स्थित है ।
• सरदारपुर अभ्‍यारण्‍य में खरमौर पक्षी का संरक्षण किया जा रहा है ।
• धार के मांडू किले का जहाज महल, अशर्फी महल, रानी रूपमती का महल आदि प्रसिद्ध है ।
• होशंगशाह का मकबरा, भारत में संगमरमर की पहली इमारत है ।
• धार के किले का निर्माण मोहम्‍मद बिन तुगलक ने करवाया था ।
• मांडू का पुराना नाम शादियाबाद था ।
• धार जिले में बाघ की गुफाएं हैं ।
• यहां से ज्ञानदूत परियोजना की शुरूआत हुई ।
• 2020 में धार के पीथमपुर में हिताची व मित्‍सुबिशी जैसी कम्‍पनियां निवेश करेगी व जापानी टाउनशिप स्‍थापित की जाएगी ।
• धार के बाघ प्रिंट को भौगोलिक संकेतक ( GI TAG) प्राप्‍त है ।
• मोहम्‍मद युसूफ खत्री बाघ चित्र के प्रमुख शिल्‍पकार है ।
• 1933 में धार के खंडेरी में रघुनाथ कृष्‍ण फड़के मूर्ति स्‍टूडियो स्‍थापित किया गया था ।

अलीराजपुर

• अलीराजपुर को 2008 में झाबुआ से अलग करके जिला बनाया गया ।
• अलीराजपुर में आदिवासी खेल विद्यालय है ।
• अलीराजपुर के भाबरा नामक स्‍थान पर प्रसिद्ध क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का जन्‍म हुआ था ।
• अलीराजपुर रेल्‍वे स्‍टेशन का नाम बदलकर चंद्रशेखर आजाद कर दिया गया है ।
• अलीराजपुर न्‍यूनतम साक्षरता वाला जिला है ।
• अलीराजपुर के कट्ठीवाड़ा में नूरजहाँ आम की प्रजाति पाई जाती हैं ।
• अलीराजपुर के भीलो द्वारा निर्मित पंजा दरी प्रसिद्ध है ।
• अलीराजपुर में 1897 में विक्‍टोरिया ब्रिज का निर्माण किया गया हैं ।
• अलीराजपुर के कट्ठीवाड़ा को मिनी कश्‍मीर व पश्चिमी म.प्र. का चेरापूंजी भी कहा जाता है ।

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   झाबुआ

• झाबुआ जिला जनजाति बहुल जिला है और भीली गुडि़या शिल्‍प के लिए प्रसिद्ध है ।
• मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र झाबुआ में है, जहाँ रॉक फास्‍फेट के कारखाने हैं ।
• यहाँ रॉक फॉस्‍फेट व एस्‍बेस्‍टस पाया जाता है ।
• आदिवासी शोध संचार केन्‍द्र झाबुआ में है ।
• भीलों का भगोरिया  उत्‍सव झाबुआ में प्रसिद्ध है ।
• 2018 में झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गे को भौगोलिक संकेतक (GI TAG) का दर्जा दिया गया है ।

  खरगौन (सुनहरा जिला)

• म.प्र. कपास अनुसंधान केन्‍द्र खरगौन में है ।
• खरगौन जिले में रंगीन कपास का उत्‍पादन होता है ।
• खरगौन के सनावद  में शहीद मेला लगता है ।
• खरगौन में प्रतिवर्ष नवग्रह का मेला लगता है ।
• खरगौन में देश का पहला मोबाइल बैंक “लक्ष्‍मी वाहिनी’’  संचालित है ।
• खरगौन के महेश्‍वर की साडि़याँ  प्रसिद्ध हैं ।
• लाल मिर्च की मंडी बेडि़या (सनावद) में हैं ।
• खरगौन में मध्‍यप्रदेश का पहला फूड पार्क इंडस बनाया गया है ।
• CISF की प्रशिक्षण केन्‍द्र बड़वाह में है ।
• खरगौन में महेश्‍वर ऐतिहासिक महत्‍व का शहर है ।


• नर्मदा नदी के किनारे बने घाट और महेश्‍वर के किले का निर्माण अहिल्‍याबाई होल्‍कर ने करवाया था ।
• महेश्‍वर बांध खरगौन में है ।
• कपास उत्‍पादन में शीर्ष जिला है ।
• बड़वाह भी नर्मदा के किनारे बसा एक प्रमुख शहर है ।
• निमरानी औद्योगिक क्‍लस्‍टर प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है ।

बड़वानी (निमाड़ का पेरिस)

• बड़वानी का पुराना नाम बड़नगर व सिद्धनगर था ।
• राज्‍य का चावल अनुसंधान केंद्र बड़वानी में है ।
• बड़वानी (बावनगजा) में आदित्‍यनाथ की 72 फीट ऊंची मूर्ति है ।
• सेंधवा यहाँ का एक प्रमुख शहर है, जहाँ काटन जीनिंग फैक्‍ट्री है ।
• म.प्र. की चूलगिरी 1215 मीटर चोटी बड़वानी जिले में स्थित है ।
• बड़वानी के सेंधवा में कपास मंडी स्थित है ।
• बड़वानी के सेंधवा से भीमानायक ने अंग्रेजो का विद्रोह किया था ।

 खंडवा
• खंडवा जिले को पूर्वी निमाड़ भी कहा जाता है ।
• दादा धुनीवाले की समाधि स्थित  है  दादाजी धूनीवाले थर्मल प्रोजेक्‍ट की स्‍थापना की जा रही है ।
• सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना खंडवा में स्थित है ।
• किशोर कुमार का समाधि स्‍थल खंडवा है ।
• खंडवा माखनलाल चतुर्वेदी की कर्मस्‍थली रही है ।
• प्‍याज, मिर्च व मूंगफली उत्‍पादक जिला है ।
• ओंकारेश्‍वर में शंकराचार्य व काजल रानी की गुफायें स्थित हैं ।
• प्रदेश का सबसे बड़ा बाँध इंदिरा सागर खंडवा जिले के पुनासा में स्थित है ।
• ओंकारेश्‍वर में ज्‍यार्तिलिंग है ।
• ओंकारेश्‍वर जल विद्युत परियोजना 520 मेगावाट की परियोजना है ।

• 2019 में एकात्‍म यात्रा के दौरान ओंकारेश्‍वर में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्‍थापित की गयी है ।
• खंडवा जिले के हनुवंतियों में जल महोत्‍सव का आयोजन किया जाता है  व इसे “म.प्र. का गोवा’’ कहा जाता है ।

बुरहानपुर (दक्षिण का प्रवेश द्वार, उद्यानों की नगरी)
• शेख बुरहानुद्दीन के नाम पर इसका नाम बुरहानपुर पड़ा ।
• प्रदेश का पहला यूनानी चिकित्‍सा महाविद्यालय बुरहानपुर में है ।
 • बुरहानपुर शहर ताप्‍ती नदी के किनारे स्थित है ।
• 2020 म.प्र. केला अनुसंधान केंद्र बुरहानपुर के सुखपुरी में प्रस्‍तावित है ।
• यहाँ पर अहीर राजा आसा द्वारा निर्मित मध्‍यकालीन असीरगढ़ का किला है , जिसे 1601 में अकबर ने जीता ।
• असीरगढ़ किले को शाही किले के नाम से भी जाना जाता है ।
• जहाँगीर ने पुत्र खुसरो की हत्‍या बुरहानपुर किले में की थी ।
• लोधीपुरा बोहरा सम्‍प्रदाय का प्रसिद्ध धार्मिक केंद्र है ।

• बुरहानपुर के नेपानगर में अखबारी कागज का कारखाना है ।
• यहाँ प्रदेश का सबसे छोटा व पहला चाँदनी ताप‍ विद्युत गृह स्थित है ।
• शाहजहॉ की बेगम मुमताज  को मृत्‍यु के बाद बुरहानपुर में ही दफनाया गया था, जहाँ से उसे बाद में ताजमहल ले जाया गया ।
• बुरहानपुर में आदिलशाह का मकबरा है ।

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होशंगाबाद
• होशंगशाह ने नर्मदापुरम का नाम बदलकर होशंगाबाद कर दिया था ।
• नर्मदा व तवा नदी का संगम बांद्राभान पर होता है ।
• होशंगाबाद के आगर गाँव में टंगस्‍टन खनिज मिलता है ।
• मध्‍यप्रदेश का पहला जैव आरक्षित क्षेत्र पचमढ़ी में 1999 में स्‍थापित किया गया है । इसे यूनेस्‍को की सूची में शामिल किया गया है ।
• इटारसी मध्‍यप्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे जंक्‍शन है ।
• मध्‍यप्रदेश का सबसे लम्‍बा सड़क पुल (1300मीटर) त‍वा नदी पर स्थित है ।
• मध्‍यप्रदेश गेंहू अनुसन्‍धान केंद्र पवारखेड़ा में स्थित है ।
• मध्‍यप्रदेश का एकमाऋ हिल स्‍टेशन पचमढ़ी है ।

• एमपी एग्रो मोरारजी फर्टीलाइजर संयंत्र होशंगाबाद में है ।
• युवा नेतृत्‍व एवं ग्रामीण विकास संस्‍थान पचमढ़ी में स्थित है ।
• पचमढ़ी में डचेस, अप्‍सरा और रजत जल प्रपात है ।
• पचमढ़ी में मध्‍यप्रदेश का प्रथम जड़ी बूटी केंद्र स्थित है ।
• मध्‍यप्रदेश की सबसे ऊंची चोटी धूपगढ़ (1350 मीटर) पचमढ़ी में स्थित है ।
• पचमढ़ी प्रदेश का सर्वाधिक वर्षा वाला स्‍थान है ।
• होशंगाबाद में सागौन वनों के लिए प्रसिद्ध बोरी घाटी है ।
• होशंगाबाद में सिक्‍युरिटी पेपर मिल (SPM) है, जहाँ नोट का कागज बनाया जाता है ।

बैतूल
• बैतूल जिले में मुलताई से ताप्‍ती नदी का उद्गम होता है ।
• सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारणी (बैतूल) में स्थित है ।
• आमला में वायु सेना की छावनी है ।
• कालीभीत  अभ्‍यारण्‍य में भालुओं का संरक्षण किया जा रहा है ।
• बैतूल के मुक्‍तागिरी में प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्‍थल है, यहाँ जैन धर्म के 56 मंदिर है ।
• यहीं पर कॉफी उत्‍पादक स्‍थल कुकरू है ।
• ग्रेफाइट खनिज के लिए बैतूल प्रसिद्ध है ।
• HMT घड़ी  का कारखाना बैतूल में स्थित है ।
• बैतूल के कुकडू हिल्‍स पर ब्रिटिश नागरिक सेंट विल्‍फोर्ड व फ्लोरेंस हैण्‍डरिक्‍स ने कॉफी की खेती प्रारंभ की थी ।
• भारत का पहला बायोमास गाँव कसाई  गाँव बैतूल में स्थित है ।
• 2019 में पूर्णत: सौर रसोई वाला देश का पहला गाँव बांचा बैतूल जिले में स्थित है ।

हरदा

• 1998 में हरदा, खिरकिया व टिमरनी को मिलाकर जिला बनाया गया था।
• हरदा  को होशंगाबाद जिले से विभाजित किया गया था ।
• टिमरनी तहसील के सोडलपुर गाँव में प्रसिद्ध कान्‍हा बाबा का मेला लगता है ।
• हरदा भारतीय स्‍वतंत्रता संग्राम के एक महत्‍वपूर्ण स्‍थल रहा है । 1916 में तिलक और 1933 में गांधीजी ने यहाँ की यात्रा की थी ।
• नर्मदा नदी के किनारे हंडिया एक प्रसिद्ध पर्यटक स्‍थल है और तेली की सराय भी यहीं है ।
• बोरी अभ्‍यारण्‍य का कुछ भाग हरदा जिले के अंतर्गत आता है ।
• हरदा में रिद्धेश्‍वर मंदिर (हंडिया) व चरवा मंदिर स्थित है ।
भोपाल (झीलों की नगरी)
• भोपाल राजा भोज द्वारा बसाया गया था ।
• 26 जनवरी 1972 को सीहोर जिले से अलग करके भोपाल जिला बनाया गया है ।
• RCPV नरोन्‍हा प्रशासनिक एकेडमी भोपाल में स्थित है ।
• इन्दिरा गाँधी राष्‍ट्रीय मानव संग्रहालय भोपाल में स्थित है ।
• भारत भवन भोपाल में स्थित है , जिसका निर्माण 1982 में किया गया था व इसके वास्‍तुकार चार्ल्‍स कोरिया थे।
• दुष्‍यंत कुमार पाण्‍डुलिपि संग्रहालय भोपाल में स्थित है ।
• प्रदेश की सबसे बड़ी मस्जिद – ताजुल मस्जिद व सबसे छोटी मस्जिद – ढाई सीढ़ी मस्जिद यहीं पर स्थित है ।
• भोपाल शहर 5 पहाडि़यों पर (कटारा, अरेरा, श्‍यामला, ईदगाह व नेओरी) बसा है ।
• 2 – 3 दिसम्‍बर 1984 को यूनियन कार्बाइड से मिथाइल आइसो साइनेट गैस का रिसाव हुआ था ।


• भोपाल में राष्‍ट्रीय न्‍यायिक अकादमी 2002 में स्‍थापित की गई ।
• इसरो  को उपग्रह नियंत्रण केंद्र 2005 में स्‍थापित किया गया ।
• यह राज्‍य का सर्वाधिक विश्‍वविद्यालयों वाला जिला है। बरकतउल्‍ला विश्‍वविद्यालय, माखनलाल चतुर्वेदी
पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय , राजा भोज खुला विश्‍वविद्यालय, राष्‍ट्रीय विधि संस्‍थान विश्‍वविद्यालय और अटल बिहारी हिन्‍दी विश्‍वविद्यालय सभी भोपाल में स्थित है ।
• मौलाना अबुल कलाम आजाद नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी, भारतीय वन प्रबंध संस्‍थान और भारतीय होटल प्रबंधन संस्‍थान भी भोपाल में हैं ।
• क्षेत्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला , उन्‍नत सांड प्रजनन केन्‍द्र भदभदा तथा कृषि एवं प्रशिक्षण प्रयोगशाला भोपाल में है।
• भोपाल के बड़े तालाब का निर्माण परमार राजा भोज ने करवाया था ।
• भोपाल में 1964 में ब्रिटेन के सहयोग से बीएचईएल की स्‍थापना की गई ।


• भोपाल के निशातपुरा में रेलवे कोच फैक्‍ट्री है ।
• राज्‍य सचिवालय का नाम वल्‍लभ भवन और राज्‍य संचालनालय सतपुड़ा व विन्‍ध्‍याचल नामक इमारतों से संचालित किए जाते हैं ।
• वन विहार राष्‍ट्रीय उद्यान भोपाल में हैं, जहां सर्प उद्यान व बर्ड इंटरप्रिटेशन केंद्र स्थित है ।
• भोपाल में गाँधी मेंडिकल कॉलेज है ।
• भोपाल में राजा भोज हवाई अड्डा स्थित है ।
• हबीबगंज (अटल स्‍टेशन) रेलवे स्‍टेशन आईएसओ प्रमाणित व देश का पहला निजी रेलवे स्‍टेशन है ।
• प्रदेश का प्रथम आपदा प्रबंधन संस्‍थान 1987 में स्‍थापित किया गया है ।
• भोपाल के प्रसिद्ध पर्यटक स्‍थल ताजमहल पैलेस, गोहर महल, कमलापति महल व बेनजीर भवन स्थित हैं ।

   रायसेन

• रायसेन शहर को 1143 में रायसिंह ने बसाया था ।
• रायसेन का प्रमुख औद्योगिक केंद्र मंडीदीप है ।
• रायसेन के साँची में बौद्ध स्‍तूप है ।
• मंडीदीप में ऑप्टिकल फाइबर व इलेक्‍ट्रो ग्रेफाइट बनाने का कारखाना है ।
• रातापानी अभ्‍यारण्‍य स्थित है जिसे बाघ परियोजना में शामिल किया गया है ।
• ओबेदुल्‍लागंज के पास भीमबेटका गुफा समूह  मानव के आदि जीवन के साक्ष्‍य प्रदान करती है। जिन्‍हें 2003 में यूनेस्‍को ने विश्‍व धरोहर में शामिल किया ।
• रायसेन में ही एक अन्‍य यूनेस्‍को विश्‍व धरोहर में 1989 में शामिल साँची का स्‍तूप भी है ।
• रायसेन के पाटनी गाँव में मृगेन्‍द्रनाथ की गुफाएँ हैं ।

• साँची में अंतर्राष्‍ट्रीय बौद्ध विश्‍वविद्यालय का शिलान्‍यास 2012 में हुआ ।
• विश्‍व का सबसे बड़ा शिवलिंग भोजपुर में है ।
• रायसेन के कुपवाड़ा नामक स्‍थान पर आचार्य रजनीश (ओशो) का जन्‍म हुआ ।
• रायसेन का किला राजा राजबसंती द्वारा निर्मित है, यहाँ बादल व राजा रोहित का महल स्थित है ।
• रायसेन के तामोट में प्‍लास्टिक पार्क बनाया गया है ।
• मंडीदीप में गैस सिलेंडर कारखाना स्‍थापित किया गया है ।

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राजगढ़
• राजगढ़ जिले ब्‍यावरा में राष्‍ट्रीय राजमार्गों का चौराहा है ।
• राजगढ़ देश का पहला जिला है, जिसने पृथक मानव विकास प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया है ।
• राजगढ़ के नरसिंहगढ़ (चिड़ीखोह) “मालवा के कश्‍मीर’’ के नाम से जाना जाता है ।
• पीलूखेड़ी में कोका – कोला प्‍लांट स्थित है ।
• राजगढ़ का गिन्‍नौरगढ़ का किला तोतों के लिए प्रसिद्ध है ।

  सीहोर
• बुधनी में रेल्‍वे स्‍लीपर बनाने का कारखाना है ।
• प्रदेश का पहला आवासीय खेल विद्यालय सीहोर में स्थित है ।
• सीहोर का पुराना नाम सिद्धपुर था ।
• जिले में रेहटी में लघु वनोपज संघ की फार्मेसी व विपणन केन्‍द्र हैं ।
• सलकनपुर में पहाड़ी पर विजयासन माता का मंदिर है ।
• आष्‍टा तहसील से पार्वती नदी निकलती है ।
• ट्रेक्‍टर परीक्षण केन्‍द्र बुधनी में है ।
• सीहोर में कुंवर चैन सिंह की समाधि स्थित है ।
• सीहोर में चिंतामन गणेश मंदिर स्थित है ।
• राष्‍ट्रीय लेग्‍युम रिसर्च सेंटर सीहोर में स्थित है ।
 विदिशा
• विदिशा का पुराना नाम भेलसा या बेसनगर था ।
• सम्राट अशोक की पत्‍नी महादेवी विदिशा की रहने वाली थी ।
• विदिशा, बेतवा नदी के किनारे स्थित है ।
• विदिशा में भागवत धर्म से संबंधित होलियाडोरस का प्रसिद्ध गरूड़ स्‍तंभ है ।
• सम्राट अशोक सागर परियोजना हलाली नदी पर स्थित है ।
• उदयगिरि की गुफाएँ विदिशा में है और यह गुप्‍तकालीन है ।
• उदयगिरि में नीलकंठ मंदिर व ग्‍यारसपुर में माला देवी मंदिर स्थित है ।
• जिले का गुजबासौदा मध्‍यप्रदेश का सबसे गर्म स्‍थान है ।
• नोबल पुरूस्‍कार विजेता कैलाश सत्‍यार्थी का जन्‍म विदिशा में हुआ है ।

सागर (म.प्र. का स्विट्ज़रलैंड)

• सागर शहर की स्‍थापना 1660 में उड़ान सिंह ने की थी ।
• प्रदेश का सबसे बड़ा अभ्‍यारण्‍य नौरादेही सागर में स्थित है ।
• सागर की बीना तहसील के आगासौद में  रिफायनरी स्थित है  जो ओमान के सहयोग से बनी है ।
• स्‍टील कॉम्‍प्‍लेक्‍स  सागर में स्थित है ।
• सागर में मध्‍यप्रदेश का सबसे पुराना हरिसिंह गौर विश्‍वविद्यालय 1946 में स्‍थापित किया गया । 2009 में इसे केंद्रीय विश्‍वविद्यालय का दर्जा प्राप्‍त है ।
• बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की स्‍थापना 2009 में की गई ।
• सागर में जवाहरलाल नेहरू राज्‍य पुलिस अकादमी की स्‍थापना की गई है, जहाँ पुलिस प्रशिक्षण का कार्य किया जाता है ।

• सागर के ऐरण अभिलेख में सती प्रथा के प्रथम साक्ष्‍य मिले हैं ।
• मध्‍यप्रदेश की फॉरेंसिक सांइस प्रयोगशाला यहीं पर स्थित है ।
• सागर में धमोनी उर्स लगता है ।
• सागर के दर्शनीय स्‍थल – एरण, रेहली का सूर्य मंदिर और राहतगढ़ जलप्रपात, लाखा बंजारा झील व मंगल गिरी प्रसिद्ध है ।

 दमोह (पीतल नगरी)
• दमोह का प्राचीन नाम तुंडीकर था ।
• दमोह का नामकरण रानी दमयंती के नाम पर पड़ा ।
• यहाँ डायमंड सीमेंट, माय सेम सीमेंट व बिडला सीमेंट का कारखाना है ।
• नोहटा गौरैया नदी के किनारे स्थित है, जहाँ प्राचीन नोहलेश्‍वर मंदिर है ।
• बातीगढ़ का प्रसिद्ध किला पर्शियन वास्‍तुकला का उत्‍तम उदाहरण है ।
• यहाँ पर रानी दुर्गावती कालीन सिंगोरगढ़ का किला है ।
• रानी दुर्गावती अभ्‍यारण्‍य दमोह में स्थित है ।
• कुंडलपुर में प्रसिद्ध जैन मंदिर है ।
• दमोह जिले के अन्‍य दर्शनीय स्‍थल गुलाब झील, निदान कुंड जलप्रपात हैं ।

पन्‍ना (हीरा नगरी, आँवला जिला)

• पन्‍ना भारत में एकमात्र जिला है , जहाँ बहुमूल्‍य खनिज हीरा प्राप्‍त
  होता है । यहाँ हीरा उत्‍खनन का कार्य नेशनल मिरलर डेवलपमेंट
  कार्पोरेशन द्वारा किया जा रहा है।
• पन्‍ना में अजयगढ़ का प्रसिद्ध किला है ।
• पन्‍ना जिले के प्रसिद्ध मंदिर – बलदेव मंदिर, नचनाकुठार
 पार्वती मंदिर, दधिचि मंदिर, प्राणनाथ मंदिर, पद्मावती मंदिर आदि प्रसिद्ध हैं ।
• पुरैना औद्योगिक कैन्‍द्र पन्‍ना में स्थित है ,  जो कि सीमेंट उद्योग के लिए प्रसिद्ध है ।
• पन्‍ना में प्राणनाथ का मेला, बलदेव का मेला प्रसिद्ध है ।

 छतरपुर
• राजा छत्रसाल के नाम पर छतरपुर का नामकरण हुआ ।
• छतरपुर जिले की प्रसिद्धि खजुराहों में चन्‍देल वंश के द्वारा निर्मित मंदिरों के कारण है । इन्‍हें 1986 में यूनेस्‍को ने विश्‍व विरासत स्‍थलों में शामिल किया है ।
• खजुराहों को “स्‍थापत्‍य कला का तीर्थ’’ कहा जाता है ।
• छतरपुर के धुबेला में मस्‍तानी महल व छत्रसाल संग्रहालय स्थित है ।
• चंदेल शासकों की राजधानी होने के कारण इसे जेजाकमुक्ति कहा जाता था ।
• प्रतिवर्ष खजुराहों में भारतीय शास्‍त्रीय नृत्‍य समारोह का आयोजन किया जाता है ।
• देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन – बेतवा सम्‍पर्क के तहत दोधन बाँध निर्माणाधीन है ।
• खजुराहों के कंदरिया महादेव मंदिर, लक्ष्‍मण मंदिर, चित्रगुप्‍त मंदिर, आदिनाथ व घंटाई मंदिर आदि प्रमुख है ।
• छतरपुर में जल बिहारी का मेला लगता है ।

• चरणापादुका काण्‍ड को मध्‍यप्रदेश का जलियांवाला हत्‍याकांड कहा जाता  है।
• 2020 में खजुराहों में हीरा संग्रहालय बनाने की घोषणा की गयी है ।
• उर्मिल परियोजना व रनेह जलप्रपात केन नदी पर स्थित है ।

टीकमगढ़

• टीकमगढ़ का प्राचीन नाम टेहरी था ।
• मध्‍यप्रदेश की प्रथम महिला मुख्‍यमंत्री उमा भारती टीकमगढ़ निवासी है ।
• मध्‍यप्रदेश का सर्वाधिक पशुधन वाला जिला टीकमगढ़ है ।
• यहीं पर प्रसिद्ध कुंडेश्‍वर (कुंडेश्‍वर महादेव मंदिर) है। जहाँ प्रतिवर्ष शिवरात्रि पर मेला लगता है ।
• टीकमगढ़ पीतल उद्योग के लिए प्रसिद्ध है ।
• टीकमगढ़ बेल मेटल कलाकृति के लिए प्रसिद्ध है और इसे भौगोलिक संकेतक दिया गया है ।

निवाड़ी (प्रदेश की अयोध्‍या नगरी)

• 01 अक्‍टूबर 2018 को टीकमगढ़ जिले से अलग करके बनाया गया मध्‍यप्रदेश का 52 वां जिला है।
• इसमें टीकमगढ़ जिले की 3 तहसीलें निवाड़ी, ओरछा व पृथ्‍वीपुर को शामिल किया गया ।
• मध्‍यप्रदेश में क्षेत्रफल व जनसंख्‍या की दृष्टि से सबसे छोटा जिला निवाड़ी है।
• बुंदेलखंड के अंतर्गत निवाड़ी जिले में प्रसिद्ध पर्यटन और ऐतिहासिक नगरों में ओरछा का विशेष महत्‍व  है ।
• ओरछा बेतवा नदी की किनारे स्थित है और इसे 2019 में यूनेस्‍को की अस्‍थायी सूची में शामिल किया गया है ।
• ओरछा में राजाराम मंदिर, चतुर्भुज मंदिर, कंचन घाट, चंद्रशेखर आजाद मेमेारियल, जहाँगीर महल और बुंदेला शासकों की छ‍तरियाँ हैं ।
• ओरछा में रामायण कला संग्रहालय बनाया गया है ।

 रीवा (सफेद शेरों की भूमि)
• रीवा का प्राचीन नाम भदा था ।
• म.प्र. का सबसे ऊँचा जल –प्रपात बहूटी सेलर नदी पर स्थित है ।
• यहाँ महामृत्‍युंजय का मेला लगता है ।
• रीवा में प्रदेश का एकमात्र  सैनिक स्‍कूल है ।
• आम अनुसंधान केन्‍द्र – गोविंदगढ़ रीवा में स्थित है ।
• सुन्‍दरजा प्रसिद्ध आम की प्रजाति रीवा जिले में पायी जाती है ।
• अवधेश प्रताप‍ सिंह विश्‍वविद्यालय स्थित है ।
• सफेद शेरों की भूमि वाला रीवा, मध्‍यप्रदेश की सर्वाधिक ग्रामीण आबादी वाला जिला है ।
• यह पूर्व विंध्‍य प्रदेश की राजधानी रहा है ।
• रीवा शहर बिछिया नदी के किनारे स्थित है ।

• बाणसागर परियोजना का मुख्‍यालय रीवा में ही है ।
• सुपारी के खिलौने के लिए रीवा की विशेष ख्‍याति है ।
• ठाकुर रणमतसिंह स्‍टेडियम रीवा में ही स्थित है ।
• वेंकट भवन रीवा में स्थित है ।
• 2019 में प्रदेश का दूसरा गौर अभ्‍यारण बसामन मामा में प्रस्‍तावित है ।
• रीवा के अन्‍य दर्शनीय स्‍थल – गोविन्‍दगढ़ तालाब, चचाई , केवटी , पियावन व पूर्वा जलप्रपात स्थित है ।

 सीधी

• सीधी जिले में गोपद, सोन, महान व बनास नदियाँ बहती है ।
• यहाँ पर संजय डुबरी  राष्‍ट्रीय उद्यान स्थित है, जिसे प्रोजेक्‍ट टाइगर में शामिल किया गया है ।
• सीधी के माझौली में सोने के भंडार पाए जाते हैं ।
• सीधी में चंडीदेवी का मेला लगता है ।
• सीधी में बगदरा अभ्‍यारण्‍य स्थित है ।

 सिंगरौली (मध्‍यप्रदेश का सिंगापुर)

• ऊर्जा खनिजों की उपस्थि‍ति के कारण सिंगरौली (बैढ़न तहसील) को राज्‍य की ऊर्जा राजधानी होने का गौरव प्राप्‍त है ।
• खनिज राजस्‍व की दृष्टि से राज्‍य के जिलों में सिंगरौली पहले स्‍थान पर है ।
• बैढ़न ताप विद्युत (विंध्‍यांचल ताप विद्युत) केन्‍द्र की स्‍थापना सोवियत संघ की सहायता से की गई है ।
• सिंगरौली का जिला मुख्‍यालय बैढ़न है ।
• ऐतिहासिक माठा की गुफाएँ यही स्थित है ।
• एल्‍युमीनियम कंपनी हिडाल्‍कों  का संयंत्र सिंगरौली में ही स्थित है ।
• 2019 में सिंगरौली के चकरिया गाँव में सोने के भंडार मिले हैं ।

सतना
• सतना का प्राचीन नाम रघुराज नगर था ।
• माँ शारदा का प्रसिद्ध मंदिर सतना जिले के मैहर में स्थित है ।
• सतना (मैहर) को मध्‍यप्रदेश की संगीत राजधानी होने का गौरव प्राप्‍त है ।
• सतना जिले में मंदाकिनी नदी के किनारे पवित्र नगर चित्रकूट स्थित है ।
• महात्‍मा गाँधी ग्रामोदय विश्‍वविद्यालय सतना जिले में है ।
• स्‍फटिक शिला चित्रकूट में राम के पद चिन्‍ह हैं । जानकी कुंड और लक्ष्‍मण मंदिर यहीं है ।
• प्रसिद्ध सरोद वादक उत्‍साद अलाउद्दीन खां की कर्मस्‍थली मैहर रही है ।
• सतना मुख्‍यत: सीमेंट उद्योग के लिए प्रसिद्ध है ।
• सतना के मुकुंदपुर में व्‍हाइट टाइगर सफारी स्‍थापित की गई है ।
• चूना और गेरू के उत्‍पादन में यह शीर्ष जिला है ।

• सती अनुसूया और महर्षि अत्री का आश्रम भी सतना के चित्रकूट में है।
• सतना में माधवगढ़ का किला स्थित है।
• तुलसी संग्रहालय चित्रकूट में स्थित है ।
• 2019 में तुलसी सृजनपीठ चित्रकूट में प्रस्‍तावित है ।
• सतना में भरहुत स्‍तूप स्थित है, जिसकी खोज 1873 में कनिंघम ने की थी ।

शहडोल (यूरेनियम जिला)
• यूरेनियम का एकमात्र उत्‍पादक जिलास शहडोल है ।
• शहडोल में सोन नदी पर देवलोंद नामक स्‍थान पर बाणसागर परियोजना का बाँध स्‍थापित किया गया है।
• यहीं सोन नदी पर घडि़याल अभ्‍यारण्‍य बनाया गया है ।
• कैमूर और मैकाल पर्वत का मिलन बिंदु यहीं पर स्थित है ।
• अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र शहडोल में स्थित है ।
• सोहागपुर में मध्‍यप्रदेश का सबसे बड़ा कोयला क्षेत्र है ।
• शहडोल जिले के सोहागपुर में रिलायंस इंडस्‍ट्रीज द्वारा कोल  बेड मिथेन प्राप्‍त किया जा रहा है ।
• सोहागपुर में ही विराटेश्‍वर मंदिर और कामदेव मंदिर भी अवस्थित है ।
• शहडोल के अमलाई में बिड़ला समूह द्वारा स्‍‍थापित ओरिएंटल पेपर मिल है ।

 उमरिया

• उमरिया में बाँधवगढ़ राष्‍ट्रीय उद्यान है । यह देश के सर्वाधिक बाघ घनत्‍व वाला राष्‍ट्रीय उद्यान है।
• बाँधवगढ़ का किला बघेल वंश के शासकों द्वारा 14वीं शताब्‍दी में बनवाया गया है ।
• यहाँ शेषशाही तालाब और विष्‍णु मंदिर स्थित है ।
• उमरिया में लाख बनाने का सरकारी कारखाना स्थित है।
• वीरसिंहपुर में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र स्थित है ।
• उमरिया मध्‍यप्रदेश का सबसे छोटा  कोयला क्षेत्र है ।

 अनूपपुर

• अनूपपुर को 15 अगस्‍त 2003 का शहडोल से अलग कर जिला बनाया गया ।
• मध्‍यप्रदेश की जीवनरेखा नर्मदा नदी अनुपपूर जिले की पुष्‍पराजगढ़ तहसील से निकलती है ।
• अनूपपुर जिले में नर्मदा नदी द्वारा कपिलधारा, शम्‍भूधारा, पंचधारा और दुग्‍धधारा जलप्रपात का निर्माण होता है ।
• अमरकंटक में इंदिरा गाँधी जनजातीय विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना की गई है ।
• अमरकंटक में कर्ण मंदिर, कबीर चौराहा, माई की बगिया व सर्वोदय मंदिर स्थित है ।
• ग्राम पंचायत प्रशिक्षण संस्‍थान अमरकंटक में  है ।
• अमरकंटक – अचानकमार जैन आरक्षित क्षेत्र मध्‍यप्रदेश का नवीनतम जैव आरक्षित क्षेत्र है ।
• अमरकंटक को मध्‍यप्रदेश का रेनुकूट (बॉक्‍साइट  की अधिक उपलब्‍धता के कारण) कहा जाता है ।

जबलपुर (आम जिला)
• जाबाली ऋषि के नाम पर जबलपुर का नाम पड़ा ।
• जबलपुर को आचार्य विनोबा भावे ने संस्‍कार धानी की संज्ञा दी थी ।
• 12 वीं शताब्‍दी में गोंड शासक मदन शाह ने मेदन महल की स्‍थापना की ।
• 15 वीं शताब्‍दी में गोंड शासक संग्राम शाह ने संग्राम सागर झील व बाजना मठ मंदिर की स्‍थापना की ।
• महात्‍मा गाँधी सामुदायिक वि‍कास केन्‍द्र , रानी दुर्गावती विश्‍वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्‍वविद्यालय (देश का प्रथम कृषि विश्‍वविद्यालय) स्थित है ।
• प्रदेश एक मात्र वैटनरी विश्‍वविद्यालय नानाजी देशमुख स्थित है ।
• सुभाष चन्‍द्र मेडिकल कॉलेज स्थित है ।
• संगमरमर, तेंदुपत्‍ता व बीड़ी उत्‍पादन में जबलपुर का अग्रणी स्‍थान है ।
• जबलपुर के रूपनाथ में अशोक का अभिलेख प्राप्‍त हुआ है ।

• मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय का मुख्‍यालय जबलपुर में है।
• भारतीय वन अनुसंधान संस्‍थान, देहरादून का क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में है ।
• यहाँ देश का पहला रत्‍न परिष्‍कृत केंद्र है ।
• केंद्रीय रक्षा मंत्रालय के अधीन भारी वाहन कारखाना , गन कैरिज एवं फैक्‍ट्री है।
• देश का पहला विकलांग पुनर्वास केन्‍द्र जबलपुर में है ।
• पं. रविशंकर स्‍टेडियम जबलपुर में स्थित है ।
• नानाजी देशमुख पशु चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय स्थित है ।
• पर्यटन की दृष्टि से मदन महल, चौसठ योगिनी मंदिर, हनुमान ताल, लमेटा हिल्‍स और भेड़ाघाट जलप्रपात प्रमुख है ।
• भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अभिकल्‍पना एवं विनिर्माण संस्‍थान ( IIITDM) 2005 में की स्‍थापना की गई है ।

 कटनी (चूना नगरी)
• कटनी का प्राचीन नाम मुड़वारा था।
• कटनी को जबलपुर से पृथक करके 1998 में जिला  बनाया गया ।
• देश की पहली किन्‍नर महापौर कमला जॉन यहीं से बनी थी ।
• ठगी प्रथा को खत्‍म करने में सहायता करने वाले कर्नल स्‍लीमन
 के नाम पर यहाँ स्‍लीमनाबाद नगर स्‍थापित किया गया जहाँ स्‍टोन
 पार्क है ।
• कटनी की विजयराघवगढ़ किले का निर्माण प्रयागराज द्वारा करवाया गया था ।
• कटनी में पर्यटक स्‍थान तिगवा का विष्‍णु मंदिर, रूपनाथ धाम स्थित है ।
• कटनी का बिलहरी पान देश में प्रसिद्ध है ।

 नरसिंहपुर

• राज्‍य का एकमात्र किशोर बंदीगृह नरसिंहपुर में है।
• गाडरवाड़ा में स्थित बरमान घाट पर मकर संक्राति पर
 13 दिन के लिए बरमान का मेला लगता है ।
• चौरागढ़ किले का निर्माण संग्रामसिंह द्वारा कराया गया ।
• नरसिंहपुर के गाडरवाड़ा में पर्यटक स्‍थल डमरू घाटी स्थित है ।
• मध्‍यप्रदेश गन्‍ना अनुसन्‍धान केंद्र गाडरवाड़ा के बोहानी ग्राम में स्थित है ।
• हाल ही में (2020) नरसिंहपुर के करेली में शक्‍कर नदी के किनारे प्राचीन शैलचित्र पाए गए हैं ।

   छिन्‍दवाड़ा (सिटी ऑफ कोर्न)

• छिन्‍दवाड़ा , क्षेत्रफल के आधार पर मध्‍यप्रदेश का सबसे बड़ा जिला है ।
• राज्‍य का मानव विकास संस्‍थान छिन्‍दवाड़ा में है।
• छिन्‍दवाड़ा के तामिया विकासखंड में पातालकोट नाम स्‍थान पर भारिया जनजाति  निवास करती है ।
• यहाँ पर दूधी नदी बहती है, जो नर्मदा की सहायक नदी है।
• छिन्‍दवाड़ा में स्‍याही बनाने का सरकारी कारखाना है ।
• जाम नदी के किनारे पांढुर्ना में गोटमार का मेला लगता है।
• छिन्‍दवाड़ा में एग्रो कॉम्‍पलेक्‍स व मसाला पार्क स्‍थापित है ।
• बादलभोई आदिवासी संग्रहालय छिन्‍दवाड़ा में स्‍थापित किया गया है ।

सिवनी (मध्‍यप्रदेश का लखनऊ)

• सिवना वृक्ष के नाम पर सिवनी का नामकरण हुआ था ।
• सिवनी में वेनगंगा नदी पर एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बाँध बनाया गया है । इसे भीमगढ़ बाँध या संजय सरोवर कहते है ।
• पेंच राष्‍ट्रीय उद्यान यहीं स्थित है । जिसे टाइगर प्रोजेक्‍ट में शामिल किया गया है, राज्‍य सरकार यहीं पर मोगली उत्‍सव मनाती है। इसी पार्क में मोगलीलैंड का निर्माण किया जा रहा है ।
• यहीं पर मठघोघरा (भैरोथन) का मेला लगता है ।
• टुरिया जंगल सत्‍याग्रह का संबंध सिवनी से है।
• सिवनी का लखनादौन काली मूंछ चावल और मावाबाटी के लिए प्रसिद्ध है ।
 मंडला

• कान्‍हा किसली प्रदेश का सबसे बड़ा राष्‍ट्रीय पार्क यहीं स्थित है ।
• कान्‍हा किसली बाघ व बारहसिंगा के लिए प्रसिद्ध है ।
• मंडला में सर्वाधिक रेशम उत्‍पादन होता है।
• चुटका परमाणु विद्युत केन्‍द्र मंडला में प्रस्‍तावित है ।
• मंडला किले में मोती महल, राज राजेश्‍वरी भव व बघेलिन महल स्थित है ।
• रानी अवन्‍ती बाई की समाधि रामगढ़ मंडला में स्थित है ।

  बालाघाट (‍तांबा व मैगनीज नगरी)
• बालाघाट मध्‍यप्रदेश का सर्वाधिक लिंगानुपात (1021) वाला जिला है ।
• यह जिला बाँस के वन और मैंगनीज की एशिया की सबसे बड़ी खुली
  खदान भरवेली प्रसिद्ध है । इसे “मैंग्‍नीज नगरी’’ भी कहा जाता है ।
• मध्‍यप्रदेश व महाराष्‍ट्र की संयुक्‍त परियोजना बावनथड़ी (राजीव सागर)  यहीं पर स्थित है ।
• मजालखंड ताम्र अयस्‍क उत्‍पादन के लिए प्रसिद्ध है व यहाँ HCL (Hindustan Copper Limited) कार्यरत है ।
• प्रदेश में सर्वाधिक वन बालाघाट जिले में पाए जाते हैं  व इन वनों को “शिकारियों का स्‍वर्ग’’ कहा गया है ।
• यहाँ प्रदेश का पहला वनराजिक महाविद्यालय स्‍थापित किया गया है ।
• बालाघाट के प्रमुख पर्यटक स्‍थल लांजी का किला, गाँगुलधारा जलप्रपात स्थित है ।
• बालाघाट में रामपयली का मेला चन्‍दन नदी के किनारे लगता है ।

 डिंडोरी

• डिंडोरी जिले का गठन 1998 में मंडला से अलग करके किया गया है ।
• मध्‍यप्रदेश में न्‍यूनतम जनसंख्‍या घनत्‍व (94 व्‍यक्ति) वाला जिला है।
• जीवाश्‍म राष्‍ट्रीय उद्यान प्रदेश का सबसे छोटा जीवाश्‍म नेशनल पार्क डिंडोरी में है।
• डिंडोरी में पर्यटन स्‍थल देवनाला व दागोना जलप्रपात स्थित है ।
• कारोपानी हिरन पार्क डिंडोरी में स्थित  है ।

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