EVS Pedagogy E-Notes Part-7
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पर्यावरण शिक्षण का मूल्यांकन
एवं पर्यावरण अध्ययन की समस्यायें – One Liner Notes
सीखने की जिज्ञासा उत्पन्न करना
सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन में प्रश्नोत्तर विधि द्वारा शिक्षार्थियों में जिज्ञासा जगाई जाती है।
दत्त कार्य (Assignment) का उद्देश्य
कक्षा-IV की शिक्षिका माधुरी द्वारा निरंतर दत्त कार्य देने का उद्देश्य बच्चे की सम्पूर्ण वृद्धि एवं विकास का आकलन करना है।
क्विज और प्रतियोगिता
इसके द्वारा बच्चे के ज्ञान, सहयोग की भावना और प्रजातान्त्रिक गुणों का आकलन होता है।
भाषा विकास का महत्व
प्राथमिक स्तर पर भाषा विकास जरुरी है क्योंकि यह विचारों की अभिव्यक्ति और परिवेश के अवलोकन के लिए आवश्यक है।
एन.सी.एफ-2005 (कक्षा 1 व 2)
यह पर्यावरण अध्ययन विषय की सिफारिश नहीं करता, परन्तु मूल्यांकन की बात कहता है। सत्य नहीं है: “मूल्यांकन औपचारिक होना चाहिए” (यह गलत कथन है)।
ईंधनों से परिचय
शिक्षक लघु फिल्म दिखाने के साथ संभावित ईंधन के प्रकारों पर चर्चा कर सकता है।
मानचित्र कौशल
मानचित्र पढ़ने के लिए स्थान, दूरी और दिशाओं की सापेक्ष स्थिति को समझने की योग्यता आवश्यक है।
रेलवे टिकट का नमूना
यह बच्चों को वास्तविक जानकारी से अन्तःक्रिया करने का अवसर देता है और अवलोकन कुशलता बढ़ाता है।
कक्षा में रुचि जगाना
भोजन अवकाश के बाद यदि बच्चे रुचि न लें, तो बहु-आयामी बुद्धि आधारित दृश्य-श्रव्य सामग्रियों का प्रयोग करें।
गंध के आधार पर पहचानना
ईशान द्वारा गंध से चीजों को अलग करना वर्गीकरण (Classification) कौशल का आकलन है।
न्याय और समानता
बचे हुए भोजन को जमीन पर नहीं फेंकना चाहिए – यह न्याय और समानता के प्रति सरोकार दर्शाता है।
अभिभावकों से चर्चा
शिक्षक को बच्चों की योग्यताओं और कमजोरियों के बारे में अभिभावकों से चर्चा करनी चाहिए।
शिक्षक की भूमिका
पर्यावरण शिक्षण में शिक्षक की भूमिका: अभिभावक, दार्शनिक और निर्देशक की होती है।
अध्यापक और सदाचार
अध्यापक को हमेशा सदाचारी रहना चाहिए क्योंकि इससे अध्यापक की प्रतिष्ठा बढ़ती है।
समस्या निवारण का सरल तरीका
पर्यावरणीय शिक्षण समस्याओं को दूर करने हेतु विषय के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करना चाहिए।
विकास सीमा निर्धारण
छात्रों की विकास सीमा निर्धारित करने हेतु सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) उपयुक्त है।
शिक्षण सुगम बनाना
कार्यों को सुगम बनाने हेतु शैक्षिक भ्रमण (Field Trips) को प्रोत्साहित करना अनिवार्य है।
गम्भीर समस्या
वर्तमान में प्रारम्भिक शिक्षा की सबसे गम्भीर समस्या स्कूल छोड़ने की समस्या है।
छात्र की असफलता
अगर कोई छात्र असफल होता है, तो जिम्मेदार कारक योग्य शिक्षक का अभाव माना जाता है।
क्या समस्या नहीं है?
पर्यावरण अध्ययन शिक्षण की समस्या संसाधनों की प्रचुरता नहीं है।
महत्वपूर्ण तथ्य एवं वर्ष
समाज और शिक्षा
शिक्षा के लिए समाज पारस्परिक ज्ञान की अवहेलना नहीं करता है।
अवरोधन (Stagnation) का कारण
प्रमुख कारण: अनुपयुक्त पाठ्यक्रम, अधिक छात्र संख्या, दोषपूर्ण परीक्षा प्रणाली।
सफल शिक्षा
आपकी शिक्षा सफल है, यदि उससे आपको सन्तोष (Satisfaction) प्राप्त होता है।
अपव्यय (Wastage) की समस्या
जब छात्र शिक्षा पूरी किए बिना ही अपना अध्ययन कार्य छोड़ देता है, तो इसे अपव्यय की समस्या कहते हैं।
समस्या निवारण
समस्याओं के निवारण के लिए पर्यावरण विषय को अनिवार्य विषय के रूप में पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाए।
शिक्षक की जागरूकता
शिक्षक को प्रचलित समस्याओं को जानना आवश्यक है क्योंकि शिक्षक ही उसका समाधान कर सकते हैं।
अभिरुचि वाला शिक्षक
एक अध्यापक जिसकी शिक्षण में अभिरुचि है, वह छात्रों की व्यवहार सम्बन्धी समस्याओं का अध्ययन करता है।
जलाभाव का आकलन
कक्षा IV के बच्चों को ‘जलाभाव’ पर आंकने का तरीका: यह पता करना कि उन्होंने दैनिक जीवन में जल की बचत कैसे प्रारम्भ की।
अनुपयुक्त संकेतक
प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन के आकलन में स्मरण रखना (Rote Learning) उपयुक्त संकेतक नहीं है।