MPGK सुपर नोट्स – मध्यप्रदेश का भौतिक विभाजन

Tez Education By Tez Education February 8, 2026

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मध्य प्रदेश भौतिक अन्वेषण | MP Physical Explorer

मध्य प्रदेश भौतिक अन्वेषण

भारत के हृदय का भौगोलिक सफ़र: पठारों, नदियों और समृद्ध भू-भागों का एक इंटरैक्टिव विश्लेषण।

⛰️
सबसे ऊंचा
धूपगढ़ (1350m)
🗺️
सबसे बड़ा क्षेत्र
मालवा (28%)
🌊
प्रमुख जीवनरेखा
नर्मदा नदी
⛏️
मुख्य खनिज
हीरा और कोयला

🧭 भौगोलिक नेविगेटर

नीचे दिए गए क्षेत्र पर क्लिक करके उसके बारे में गहराई से जानें। यह लेआउट मध्य प्रदेश के सामान्य भौगोलिक विस्तार को दर्शाता है।

मध्य भारत
मालवा का पठार
बुंदेलखंड
रीवा-पन्ना
नर्मदा-सोन घाटी
सतपुड़ा श्रेणी
बघेलखंड
सांकेतिक मानचित्र (क्लिक करने योग्य)
मध्य उच्च प्रदेश 28%

मालवा का पठार

मुख्य विवरण

ज्वालामुखी के ‘बेसाल्ट लावे’ से निर्मित। यह राज्य का सबसे बड़ा भौतिक भाग है।

🌱
मृदा
काली मिट्टी
🌤️
जलवायु
आदर्श जलवायु

प्रमुख नदियाँ

फसलें एवं खनिज

💡 विशेष तथ्य:

📊 क्षेत्रीय तुलना (Area Shares)

📈 सांख्यिकीय अवलोकन

क्षेत्रीय डेटा ग्रिड

सभी सात भौतिक विभागों का त्वरित तुलनात्मक अवलोकन

मध्य प्रदेश का भौतिक स्वरूप

मध्य प्रदेश का भौतिक स्वरूप

उच्चावच, चट्टान और जलप्रपातों की अद्भुत गाथा

भौतिक विभाजन एवं क्षेत्र (%)

मालवा का पठार 28%
नर्मदा-सोन घाटी 26%
सतपुड़ा मैकल श्रेणी 11%
मध्य भारत का पठार 10.68%
100% भौतिक क्षेत्रफल

भौतिक उप-प्रदेशों का विस्तृत विवरण

मध्य भारत का पठार

इसे “सरसों की हांडी” कहा जाता है। ग्वालियर, भिंड और मुरैना जिले यहाँ स्थित हैं।

नदियाँ: चम्बल, सिंध, कूनो
मिट्टी: जलोढ़ व कछारी
वर्षा: सबसे कम (<75cm)
विशेष

चंबल घाटी में अवनलिका अपरदन से गहरे खड्डों (Ravines) का निर्माण हुआ है।

मालवा का पठार

प्रदेश का सबसे बड़ा भू-भाग (28.62%)। फाह्यान ने यहाँ की जलवायु को सर्वश्रेष्ठ कहा।

चोटियाँ: सिगार (881m), जानापाव
मिट्टी: काली मिट्टी (बेसाल्ट)
मुख्य फसल: गेहूँ, सोयाबीन
विशेष

इसे “गेहूँ की डलिया/हांडी” कहा जाता है। पीथमपुर औद्योगिक केंद्र यहीं है।

नर्मदा-सोन घाटी

म.प्र. का सबसे निचला हिस्सा। अर्थव्यवस्था की “रीढ़” कहा जाता है।

ऊंचाई: ~300 मीटर
नदियाँ: नर्मदा, सोन, तवा
वर्षा: 125 cm (पूर्व में अधिक)
विशेष

यह भाग मध्य उच्च प्रदेश को प्रायद्वीपीय भारत से अलग करता है।

सतपुड़ा-मैकल श्रेणी

पर्वतीय विस्तार, यहाँ म.प्र. की सबसे ऊँची चोटी धूपगढ़ (1350m) है।

वनस्पति: सागौन, साल (घने वन)
खनिज: कोयला, तांबा, मैंगनीज
वर्षा: सर्वाधिक (पचमढ़ी)
विशेष

इसे तीन भागों में बाँटा गया है: पश्चिमी सतपुड़ा, महादेव और मैकाल।

बुंदेलखंड का पठार

प्राचीन ग्रेनाइट और नीस चट्टानों से बना, सूखा प्रभावित क्षेत्र।

ऊंची चोटी: सिद्धबाबा (1172m)
जीवन रेखा: बेतवा नदी
मिट्टी: मिश्रित मिट्टी
विशेष

आर्थिक दृष्टि से प्रदेश का सबसे पिछड़ा भौगोलिक क्षेत्र है।

रीवा-पन्ना का पठार

इसे “विंध्य कगारी प्रदेश” भी कहते हैं। कैमूर और भांडेर श्रेणियाँ यहीं हैं।

खनिज: हीरा, चूना पत्थर
जलप्रपात: बीहड़ (चचाई)
चोटी: सद्भावना (752m)
विशेष

कैमूर श्रेणी सोन और यमुना के मध्य जल-विभाजक का कार्य करती है।

MP भौतिकी सहायक (AI)

म.प्र. के भूगोल से संबंधित कोई भी प्रश्न पूछें। जैसे: “मालवा के पठार की नदियाँ कौन सी हैं?”

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