MPGK सुपर नोट्स – मध्यप्रदेश का भौतिक विभाजन
![]()
मध्य प्रदेश भौतिक अन्वेषण
भारत के हृदय का भौगोलिक सफ़र: पठारों, नदियों और समृद्ध भू-भागों का एक इंटरैक्टिव विश्लेषण।
🧭 भौगोलिक नेविगेटर
नीचे दिए गए क्षेत्र पर क्लिक करके उसके बारे में गहराई से जानें। यह लेआउट मध्य प्रदेश के सामान्य भौगोलिक विस्तार को दर्शाता है।
मालवा का पठार
मुख्य विवरण
ज्वालामुखी के ‘बेसाल्ट लावे’ से निर्मित। यह राज्य का सबसे बड़ा भौतिक भाग है।
प्रमुख नदियाँ
फसलें एवं खनिज
💡 विशेष तथ्य:
📊 क्षेत्रीय तुलना (Area Shares)
📈 सांख्यिकीय अवलोकन
क्षेत्रीय डेटा ग्रिड
सभी सात भौतिक विभागों का त्वरित तुलनात्मक अवलोकन
मध्य प्रदेश का भौतिक स्वरूप
उच्चावच, चट्टान और जलप्रपातों की अद्भुत गाथा
भौतिक विभाजन एवं क्षेत्र (%)
भौतिक उप-प्रदेशों का विस्तृत विवरण
मध्य भारत का पठार
इसे “सरसों की हांडी” कहा जाता है। ग्वालियर, भिंड और मुरैना जिले यहाँ स्थित हैं।
चंबल घाटी में अवनलिका अपरदन से गहरे खड्डों (Ravines) का निर्माण हुआ है।
मालवा का पठार
प्रदेश का सबसे बड़ा भू-भाग (28.62%)। फाह्यान ने यहाँ की जलवायु को सर्वश्रेष्ठ कहा।
इसे “गेहूँ की डलिया/हांडी” कहा जाता है। पीथमपुर औद्योगिक केंद्र यहीं है।
नर्मदा-सोन घाटी
म.प्र. का सबसे निचला हिस्सा। अर्थव्यवस्था की “रीढ़” कहा जाता है।
यह भाग मध्य उच्च प्रदेश को प्रायद्वीपीय भारत से अलग करता है।
सतपुड़ा-मैकल श्रेणी
पर्वतीय विस्तार, यहाँ म.प्र. की सबसे ऊँची चोटी धूपगढ़ (1350m) है।
इसे तीन भागों में बाँटा गया है: पश्चिमी सतपुड़ा, महादेव और मैकाल।
बुंदेलखंड का पठार
प्राचीन ग्रेनाइट और नीस चट्टानों से बना, सूखा प्रभावित क्षेत्र।
आर्थिक दृष्टि से प्रदेश का सबसे पिछड़ा भौगोलिक क्षेत्र है।
रीवा-पन्ना का पठार
इसे “विंध्य कगारी प्रदेश” भी कहते हैं। कैमूर और भांडेर श्रेणियाँ यहीं हैं।
कैमूर श्रेणी सोन और यमुना के मध्य जल-विभाजक का कार्य करती है।
MP भौतिकी सहायक (AI)
म.प्र. के भूगोल से संबंधित कोई भी प्रश्न पूछें। जैसे: “मालवा के पठार की नदियाँ कौन सी हैं?”
AI उत्तर: