MPGK सुपर नोट्स – मध्यप्रदेश में वन, वन्यजीव, राष्ट्रीय उद्यान, अभ्यारण्य
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मध्य प्रदेश: वन और वन्यजीव संपदा
इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट (ISFR) 2023 के अनुसार मध्य प्रदेश देश का सर्वाधिक वनावरण वाला राज्य है। यहाँ की विविधता और संरक्षण के प्रयासों का विस्तृत विवरण।
77,073.44 वर्ग किमी
देश में शीर्ष स्थान
बालाघाट
1180.47 वर्ग किमी
भिण्ड
+81.07 वर्ग किमी
608.42 मिलियन टन
देश में दूसरा स्थान
वनावरण का वर्गीकरण (सघनता के आधार पर)
शीर्ष वन क्षेत्रफल वाले जिले
आंकड़े वर्ग किलोमीटर में
वन रिपोर्ट तुलना: 2021 बनाम 2023
(-) 612.41 किमी² की कमी| श्रेणी | 2021 (किमी²) | 2023 (किमी²) | बदलाव (%) |
|---|---|---|---|
| कुल वन एवं वृक्ष आवरण | 86,335.99 | 85,723.58 | – 0.71% |
| वन आवरण (Forest Cover) | 77,444.98 | 77,073.44 | – 0.47% |
| वृक्ष आवरण (Tree Cover) | 8,891.01 | 8,650.14 | – 2.71% |
वन्यजीव संरक्षण: राष्ट्रीय उद्यान एवं टाइगर रिजर्व
कान्हा किसली
- • शुभंकर: भूरसिंह द बारहसिंगा
- • प्रोजेक्ट टाइगर में शामिल (1974)
- • हालो और बंजर घाटियाँ स्थित हैं
बाँधवगढ़
- • 32 पहाड़ियों से घिरा हुआ
- • चरणगंगा नदी का प्रवाह
- • “मध्य प्रदेश का रणथंभौर”
कूनो पालपुर
- • नामीबिया और द. अफ्रीका से चीते लाए गए
- • शुभंकर: चिंटू चीता
- • अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस: 4 दिसंबर
मुख्य एवं लघु वनोपज
तेन्दूपत्ता (Diospyros Melanoxylon)
मध्य प्रदेश देश में प्रथम (60% उत्पादन)। 1964 में राष्ट्रीयकरण। सागर शीर्ष उत्पादक।
बाँस (Bambusoideae)
बालाघाट शीर्ष उत्पादक। 1973 में राष्ट्रीयकरण। कागज और हस्तशिल्प में उपयोगी।
सागौन एवं साल
सागौन (19.4%) बोरी घाटी में प्रसिद्ध। साल (4.2%) का राष्ट्रीयकरण 1975 में।
प्रमुख सरकारी योजनाएं
चरण पादुका योजना (2018)
तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूते-चप्पल एवं अन्य सुविधाएं प्रदान करना।
अंकुर अभियान (2021)
वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने हेतु नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करना।
एक पेड़ मां के नाम (2024)
मध्य प्रदेश में 5 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण का महा-अभियान।
देवारण्य योजना (2021)
आयुष एवं औषधीय पौधों के विकास के माध्यम से आदिवासियों की आय बढ़ाना।
नोट: मध्य प्रदेश में 8286 उपवन परिक्षेत्र और 16 वनवृत्त हैं। खंडवा सबसे बड़ा वनवृत्त है जबकि होशंगाबाद सबसे छोटा। प्रदेश में भेड़ियों की सर्वाधिक संख्या (772) होने के कारण इसे ‘वुल्फ़ स्टेट’ का दर्जा भी प्राप्त है।
भारत का “हृदय” और
सर्वाधिक वनावरण वाला राज्य
मध्य प्रदेश में वन क्षेत्र 94,689 वर्ग किलोमीटर है, जो राज्य के कुल क्षेत्रफल का 30.72% है। यह देश के कुल वन्य क्षेत्र का 12.4% हिस्सा कवर करता है।
जिलेवार वनावरण विश्लेषण
मुख्य गिरावट (2021-23)
612.41 किमी² की कुल कमी दर्ज की गई है, जो देश में सर्वाधिक है।
सर्वाधिक वृद्धि
- • भिण्ड: +120% (लगभग)
- • झाबुआ: +13.59 किमी²
- • दतिया: +4.92 किमी²
प्रशासनिक ढांचा (Forest Hierarchy)
मध्य प्रदेश वन विभाग की संगठनात्मक संरचना
वनवृत्त विशेष
- सबसे बड़ा वनवृत्त: खण्डवा
- सबसे छोटा वनवृत्त: होशंगाबाद
- सर्वाधिक आरक्षित वन: खण्डवा वृत्त
- सर्वाधिक संरक्षित वन: छतरपुर वृत्त
वैज्ञानिक एवं प्रादेशिक वर्गीकरण
1. जलवायु के आधार पर
सर्वाधिक क्षेत्र। सागौन प्रमुख वृक्ष। (सागर, दमोह, जबलपुर)
100-150cm वर्षा। साल प्रमुख वृक्ष। (मंडला, बालाघाट)
75cm से कम वर्षा। बबूल, पलाश। (भिण्ड, मुरैना)
2. प्रादेशिक आधार पर
विन्ध्य-कैमूर श्रेणी
विरल वन क्षेत्र, शुष्क जलवायु।
सतपुड़ा-मैकल श्रेणी
सर्वाधिक सघन और विविध वन।
मुरैना-शिवपुरी क्षेत्र
कटीले वन और झाड़ियाँ।
वनोपज राष्ट्रीयकरण
MP देश में प्रथम राज्य बना।
बालाघाट शीर्ष उत्पादक।
रेलवे स्लीपर बनाने में प्रयुक्त।
टाइगर, लेपर्ड और वुल्फ़ स्टेट
मध्य प्रदेश वन्यजीव संरक्षण में वैश्विक लीडर है।
785
बाघ (Tiger)
देश में प्रथम (Tiger State)
3,907
तेंदुए (Leopard)
देश में प्रथम (Leopard State)
772
भेड़िए (Wolf)
नया गौरव: Wolf State
9,446
गिद्ध (Vulture)
Vulture State का दर्जा
चीता पुनर्स्थापना प्रोजेक्ट (Kuno)
17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीते और 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो-पालपुर (श्योपुर) लाए गए। कूनो नदी इसके बीच से बहती है। शुभंकर ‘चिंटू चीता’ है।
वन संरक्षण की प्रमुख पहलें
अंकुर अभियान (2021)
वृक्षारोपण हेतु ‘वायुदूत’ ऐप के माध्यम से जन भागीदारी।