MPGK सुपर नोट्स – मध्यप्रदेश में खनिज संसाधन

Tez Education By Tez Education February 9, 2026

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मध्य प्रदेश खनिज संसाधन – विस्तृत पोर्टल

मध्य प्रदेश के खनिज संसाधन

भारत का “हृदय प्रदेश” और खनिजों का अटूट भंडार

करेत्तर राजस्व में 56% योगदान खनिज नीलामी में देश में प्रथम

हीरा उत्पादन

प्रथम स्थान

भारत में एकाधिकार (Monopoly)

ताम्र व मैंगनीज

प्रथम स्थान

मालाजखंड व भरवेली खदानें

चूना पत्थर

द्वितीय/तृतीय

कटनी: भारत की ‘चूना नगरी’

कोयला उत्पादन

चौथा स्थान

सिंगरौली: ऊर्जा की राजधानी

सामान्य परिचय एवं भू-वैज्ञानिक संरचना

मध्य प्रदेश खनिज संसाधनों से अत्यंत समृद्ध है। राज्य की अर्थव्यवस्था में खनन एवं उत्खनन क्षेत्र का लगभग 3% योगदान है, जबकि बजट 2024-25 के अनुसार करेत्तर राजस्व का 56% हिस्सा खनिजों से प्राप्त होता है। भारतीय खान ब्यूरो (IBM) की 2022-23 की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश खनिज ब्लॉकों की नीलामी में देश में प्रथम स्थान पर रहा।

शैल समूह एवं खनिज:

  • आर्कियन व धारवाड़: ताँबा, मैंगनीज, लौह अयस्क
  • कुडप्पा व विंध्यन: हीरा, चूना पत्थर, डोलोमाइट
  • गोंडवाना: कोयला निक्षेप
  • दक्कन ट्रैप: बॉक्साइट

खनिजों का असमान वितरण

मध्य प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्से सर्वाधिक समृद्ध हैं

उत्पादन मूल्य वृद्धि (2023-24)

कुल उत्पादन मूल्य: ₹29133 करोड़ (+14.88%)

प्रमुख आठ खनिजों का विस्तृत विवरण

हीरा (Diamond)

एकमात्र उत्पादक

हीरा उत्पादन में मध्य प्रदेश को भारत में एकाधिकार प्राप्त है। यहाँ हीरा ‘किम्बरलाइट पाइप्स’ में पाया जाता है।

प्रमुख खदानें:

पन्ना (रामखेरिया, मझगवां, हिनौता), छतरपुर (अंगोरा, बक्सवाह), सतना (कोटारिया)

उत्खनन एजेंसी:

NMDC (1958 से सक्रिय)

विशेष: खजुराहो में देश का पहला हीरा संग्रहालय प्रस्तावित है।

ताँबा (Copper)

रैंक: 1

भारत के कुल ताँबा उत्पादन का लगभग 73% भाग मध्य प्रदेश से प्राप्त होता है।

प्रमुख क्षेत्र:

मालाजखंड (बालाघाट) – देश की सबसे बड़ी मशीनीकृत खुली खदान। अन्य क्षेत्र: शीतलपानी, गिधरी, डोंगरी।

प्रोजेक्ट:

हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड द्वारा उत्खनन सह धातु प्रोजेक्ट संचालित।

उपाधि: बालाघाट को ‘ताँबा नगरी’ भी कहा जाता है।

मैंगनीज (Manganese)

रैंक: 1

मैंगनीज का निक्षेप धारवाड़ क्रम की चट्टानों में पाया जाता है। राज्य देश के 26% मैंगनीज का उत्पादन करता है।

भरवेली खदान (बालाघाट):

एशिया की सबसे बड़ी खुले मुँह की मैंगनीज खदान।

वितरण क्षेत्र:

बालाघाट (90%), छिंदवाड़ा (सौंसर, सीतापुर), झाबुआ (कजली, थांदला)।

नोट: 209 कि.मी. लंबी अर्धचंद्राकार पेटी बालाघाट-छिंदवाड़ा में विस्तृत है।

बॉक्साइट (Bauxite)

रैंक: 6

यह एल्युमीनियम का प्रमुख अयस्क है। मध्य प्रदेश में इसकी खोज सर्वप्रथम 1908 में कटनी में हुई थी।

मुख्य क्षेत्र:

अमरकंटक पठार (अनूपपुर), बैहर पठार (बालाघाट), रीवा-सतना।

आपूर्ति:

यहाँ का बॉक्साइट रेणुकूट (UP) और कोरबा (CG) प्लांट को भेजा जाता है।

म.प्र. का ‘रेणुकूट’ अमरकंटक को कहा जाता है।

कोयला (Coal) संसाधन

मध्य प्रदेश: देश का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक

सर्वाधिक मात्रा

अकोककर व बिटुमिनस

मध्य भारत कोयला क्षेत्र (पूर्वी भाग)

1. सिंगरौली कोयला क्षेत्र (ऊर्जा राजधानी)

झींगुरदाह में कोयले की सबसे मोटी परत (136 मी.) पाई जाती है।

खदानें: गोरबी, जयंत, झींगुरदाह।

2. सोहागपुर (शहडोल)

राज्य का सबसे बड़ा कोयला क्षेत्र (4142 वर्ग किमी)। रिलायंस द्वारा यहाँ ‘कोल बेड मीथेन’ (CBM) का दोहन किया जा रहा है।

3. उमरिया व जोहिला क्षेत्र

उमरिया सबसे छोटा कोयला क्षेत्र (16 वर्ग किमी) है।

सतपुड़ा कोयला क्षेत्र (दक्षिणी भाग)

1. पेंच व कान्हन घाटी (छिंदवाड़ा)

यहाँ से अर्द्धकोकर और कोककर कोयले के भंडार मिले हैं। प्रमुख क्षेत्र: बरकुही, चांदमेटा।

2. पाथाखेड़ा (बैतूल)

सारणी ताप विद्युत केंद्र को यहाँ से कोयले की आपूर्ति होती है।

3. मोहपानी (नरसिंहपुर)

सतपुड़ा के उत्तरी दल का हिस्सा।

गौण एवं अन्य खनिज निक्षेप

खनिज का नाम प्रमुख उत्पादक जिले विशेष उपयोग / तथ्य
डोलोमाइट मण्डला, छिंदवाड़ा, कटनी, झाबुआ, बालाघाट राउरकेला स्टील प्लांट को निर्यात। 2015 से लघु खनिज।
चीनी मिट्टी जबलपुर (लम्हेटा), ग्वालियर, उमरिया सिरेमिक बर्तन और पॉटरी उद्योग।
ग्रेफाइट बैतूल (एकमात्र उत्पादक) पेंसिल, बैटरी व स्नेहक। मण्डीदीप (रायसेन) में प्लांट।
गेरु (Ochre) सतना (जैतवारा) भारत में प्रथम स्थान।
स्लेट मंदसौर देश का एकमात्र उत्पादक जिला।
टंगस्टन आगर गाँव (नर्मदापुरम) अयस्क: वुल्फ्रामाइट। सर्वाधिक गलनांक वाली धातु।
यूरेनियम शहडोल (निक्षेप) अयस्क: पिच ब्लेंड। आणविक खनिज।
संगमरमर जबलपुर (सफेद), ग्वालियर (हरा), छिंदवाड़ा (रंगीन) जबलपुर स्टोन क्राफ्ट को GI टैग प्राप्त है।

सरकारी प्रयास एवं खनिज नीतियाँ

मध्य प्रदेश खनिज नीति:

प्रथम नीति: 1995 | नवीन नीति: 2010 (खनिज विकास निधि का प्रावधान)

म.प्र. राज्य खनिज विकास निगम:

स्थापना: 19 जनवरी 1962 (खनिजों के संवर्धन व उत्खनन हेतु)

डिजिटल पहल:

ई-खनिज पोर्टल 2.0 (MSS सॉफ्टवेयर आधारित) एवं 31 गौण खनिजों हेतु ई-टेंडरिंग।

“क्या आप जानते हैं?”

  • कोयला उत्पादन में म.प्र. का योगदान देश में 8% है।
  • नदियों की रेत में मिलने वाला सोना ‘सोन नदी’ में पाया जाता है।
  • टीकमगढ़ जिले में हाल ही में हीरे के उत्खनन को मंजूरी मिली है।
  • रीवा की ‘सोहागी पहाड़ी’ में हीरे के नवीन भंडार मिले हैं।
  • ताँबा उत्पादन में राज्य का देश में 73% का भारी योगदान है।

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