MPGK सुपर नोट्स – मध्यप्रदेश में पंचवर्षीय योजनाएं
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म.प्र. योजना दर्पण
विकास की विकास यात्रा
मध्य प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक सुदृढ़ीकरण की कहानी राज्य की नियोजन प्रक्रिया से जुड़ी है। 1972 से शुरू हुआ यह सफर आज ‘नीति आयोग’ के आधुनिक स्वरूप तक पहुँच चुका है।
स्थापना एवं विकासक्रम
24 अक्टूबर 1972
म.प्र. राज्य योजना मंडल का गठन। (मुख्यमंत्री: प्रकाश चंद्र सेठी)
9 जुलाई 2019
म.प्र. नीति आयोग का गठन हुआ।
वर्ष 2020
राज्य योजना मंडल को औपचारिक रूप से समाप्त किया गया।
28 अगस्त 2023
वर्तमान नाम: म.प्र. राज्य नीति आयोग।
योजना फोकस विश्लेषण
“12वीं योजना के दौरान सामाजिक सेवाओं को सर्वाधिक आवंटन मिला, जो राज्य के समावेशी विकास की ओर बदलाव को दर्शाता है।”
पंचवर्षीय योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा
कृषि अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण
मध्य प्रदेश 4 हिस्सों में विभाजित था। गाँधी सागर बांध का शिलान्यास (1954)।
कृषि एवं औद्योगिक विकास
योजना अवधि में म.प्र. राज्य का गठन हुआ। सीमेंट और टेक्सटाइल उद्योग का विकास।
सिंचाई, कृषि व शिक्षा
गठन के बाद म.प्र. की पहली राज्य स्तरीय योजना। 1966-69 में वार्षिक योजनाएँ बनीं।
स्थायित्व के साथ विकास
विदेशी सहयोग के अभाव में राज्य के कार्यक्रमों को स्थायी गति देने का लक्ष्य।
कृषि विकास एवं गरीबी हटाओ
मुख्य उद्देश्य निर्धनता उन्मूलन व आत्मनिर्भरता बढ़ाना था। 1979-80 में वार्षिक योजना।
कृषि एवं सिंचाई विस्तार
प्राथमिकता: सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण व विद्युत। हरिजन-आदिवासी विकास पर विशेष बल।
ग्रामीण विकास व विद्युत
विद्युत पर सर्वाधिक व्यय का प्रावधान। ग्रामीण आधारभूत ढांचे पर केंद्रित।
समग्र विकास एवं साक्षरता
साक्षरता लक्ष्य 75%। सभी गाँवों में पेयजल। बायो-टेक्नोलॉजी का विकास।
तीव्र समावेशी विकास
सामाजिक सेवाओं को सर्वाधिक आवंटन। स्वास्थ्य, पोषण व महिला सशक्तीकरण।
महत्वपूर्ण आंकड़े और तथ्य
स्रोत: मध्य प्रदेश राज्य नीति एवं योजना आयोग (Data Overview)