MPGK सुपर नोट्स – मध्य प्रदेश: साहित्य, कला एवं संस्कृति

Tez Education By Tez Education February 17, 2026

Loading

मध्य प्रदेश: साहित्य, कला एवं संस्कृति

मध्य प्रदेश

साहित्य, कला एवं संस्कृति की पावन धरा

📜 साहित्य 🎨 कला 🏛️ संस्कृति

साहित्यकारों का वर्गीकरण

🏺

प्राचीनकालीन

  • • कालिदास
  • • भर्तृहरि
  • • बाणभट्ट
  • • भवभूति
⚔️

मध्यकालीन

  • • केशवदास
  • • पद्माकर
  • • भूषण
  • • राजाभोज
✍️

आधुनिककालीन

  • • माखनलाल चतुर्वेदी
  • • सुभद्राकुमारी चौहान
  • • गजानन माधव मुक्तिबोध
  • • हरिशंकर परसाई
🎻

लोकसाहित्यकार

  • • संत सिंगाजी
  • • जगनिक
  • • ईसुरी
  • • घाघ
🖋️

महाकवि कालिदास

“भारत के शेक्सपियर”

प्राचीन गौरव: महाकवि कालिदास

उज्जैन के निवासी और राजा विक्रमादित्य के नवरत्नों में से एक। प्रकृति चित्रण और मानवीय भावनाओं के अद्भुत चितेरे। इनकी रचनाएँ विश्व साहित्य की अमूल्य निधि हैं।

जन्म स्थान उज्जैन
विशेषज्ञता प्रकृति चित्रण
विधा प्रमुख रचनाएँ विवरण
नाटक अभिज्ञान शाकुंतलम्, विक्रमोर्वशीयम्, मालविकाग्निमित्रम् शकुंतला-दुष्यंत, पुरुरवा-उर्वशी एवं अग्निमित्र-मालविका की प्रेम कथाएँ।
महाकाव्य रघुवंशम्, कुमारसंभवम् रघुकुल का इतिहास और शिव-पार्वती विवाह एवं कार्तिकेय जन्म।
खंडकाव्य मेघदूतम्, ऋतुसंहारम् बादलों द्वारा संदेश और भारत की छह ऋतुओं का वर्णन।

साहित्यिक स्मृतियाँ एवं उपाधियाँ

माखनलाल चतुर्वेदी

“एक भारतीय आत्मा”

इनकी रचना ‘हिमतरंगिणी’ को 1955 में पहला साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।

भवभूति

“भारतीय मिल्टन”

इनका वास्तविक नाम श्रीकंठ था। ये कन्नौज नरेश यशोवर्मन के आश्रय में थे।

हरिशंकर परसाई

“व्यंग्य के पुरोधा”

‘सदाचार का तावीज’ और ‘रानी नागफनी की कहानी’ जैसे तीखे व्यंग्यों के रचनाकार।

प्रमुख कला एवं साहित्य अकादमियाँ

1952
म.प्र. कला परिषद

संगीत, नृत्य, नाटक प्रोत्साहन

1954
म.प्र. साहित्य परिषद

हिन्दी साहित्य संरक्षण

1978
कालिदास अकादमी

उज्जैन: संस्कृत साहित्य शोध

1979
अलाउद्दीन खां संगीत अकादमी

शास्त्रीय संगीत संरक्षण

1982
भारत भवन

भोपाल: ललित कला केंद्र

2013
भोजपुरी/पंजाबी अकादमी

भाषा एवं संस्कृति संरक्षण

भारत भवन (भोपाल)

📅 स्थापना: 13 फरवरी 1982

📐 वास्तुकार: चार्ल्स कोरिया

🎤 उद्घाटन: श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा

🎭 कला केंद्र
🎼 संगीत

भारत भवन के ५ प्रमुख अंग:

१. रूपांकर ललित कला केंद्र
२. रंगमंडल नाट्य गतिविधियाँ
३. वागर्थ कविता एवं साहित्य
४. अनहद शास्त्रीय/लोक संगीत
५. छवि सिनेमा एवं फिल्म

लोक साहित्य की महक

🌾
संत सिंगाजी निमाड़ का कबीर
⚔️
जगनिक आल्हाखंड के रचयिता
🚜
घाघ कृषि पंडित
🪕
ईसुरी बुंदेलखंड का जयदेव
MP

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *