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Topic- शिक्षा एवं मनोविज्ञान
(By- Tez Education)
1. शिक्षा के तीन प्रमुख आधार हैं- शिक्षक, छात्र, पाठ्यक्रम
2. शिक्षा मनोविज्ञान का अध्ययन अध्यापक को इसलिए करना चाहिए ताकि- इसकी सहायता से अपने शिक्षण को अधिक प्रभावशाली बना सके
3. व्यवहारवाद के जनक थे- जे.बी. वाटसन
4. मनोविज्ञान का आधुनिक अर्थ है- बर्ताव का अध्ययन
5. वर्तमान समय में मनोविज्ञान को कहा जाता है- व्यवहार
6. “एक स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का बसना” परिभाषित किया है- अरस्तू
7. अस्तित्ववाद के अनुसार शिक्षा का प्राथमिक उद्देश्य है- एक व्यक्ति को तैयार करना जो स्वयं निर्णय लेता है
8. शिक्षा एक पुनर्गठित और पुनर्निर्मित अनुभव है जो होता है- निरन्तर
9. ‘व्यवहारवाद’ अध्यापन पर बल देता है- केवल बाह्य व्यवहार
10. प्रथम मनोविज्ञान प्रयोगशाला स्थापित की थी- विलियम वुण्ट
11. वुण्ट ने मनोविज्ञान की कार्यशाला शुरू की- 1879
12. “मनोविज्ञान, शिक्षा का आधारभूत विज्ञान है” यह परिभाषा दी थी- स्किनर
13. शिक्षा मनोविज्ञान सहायक है- सर्वांगीण विकास में
14. व्यवहार अध्ययन के लिए अत्यधिक वैज्ञानिक और वस्तुनिष्ठ विधि है- प्रयोगात्मक विधि
15. प्रयोगात्मक विधि का आवश्यक अवयव है- व्यवहार का प्रेक्षण
16. चरों के बीच सम्बन्ध दर्शाने वाला कथन है- परिकल्पना
17. मनोवैज्ञानिक प्रयोग का प्रमुख उद्देश्य होता है- प्रभाव सम्बन्ध का कारण पता चलता है
18. “शिक्षा मनुष्य की अंतर्निहित शक्तियों का प्रकटीकरण है” यह कथन है- विवेकानंद
19. व्यवहार अध्ययन की सबसे पुरानी विधि है- अंतर्दर्शन विधि
20. Psychology (मनोविज्ञान) शब्द का सबसे पहले प्रयोग किया था- रूडोल्फ गॉलकाय
21. Psychology शब्द की उत्पत्ति हुई है- Psyche + Logos यूनानी भाषा के दो शब्दों से
22. आधुनिक मनोविज्ञान के जनक हैं- विलियम जेम्स
23. ‘शिक्षा मनोविज्ञान, शिक्षा का विज्ञान है।’ यह परिभाषा ई.ए. पील के द्वारा दी गई है।
24. एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों की क्षमताओं को समझने का प्रयास कर रहा है। उसके इस उद्देश्य से संबंधित क्षेत्र है- शैक्षिक मनोविज्ञान
25. मनोविज्ञान एवं शिक्षण शास्त्र के प्रतिच्छेद बिन्दु पर स्थित है यह अध्ययन है- शैक्षिक मनोविज्ञान
26. व्यवहार की व्याख्या में सूचना प्रक्रम को आधार बनाया गया है- संज्ञानात्मकवाद में
27. मानवतावाद बल देता है- स्व को
28. जब एक ही विषय के विकास का अध्ययन अधिक समयावधि तक किया जाता है, इस अध्ययन को कहते हैं- अनुदैर्ध्य अध्ययन
29. “शिक्षा मनोविज्ञान, मनोविज्ञान की वह शाखा है, जो शिक्षण एवं सीखने से सम्बन्धित है।” यह कथन दिया गया है- स्किनर द्वारा
30. शिक्षा मनोविज्ञान की विषयवस्तु मुख्य कारकों के आस-पास घूमती है- शिक्षार्थी एवं अधिगम अनुभव, शिक्षक एवं अधिगम प्रक्रिया, अधिगम परिस्थितियाँ
31. शिक्षा मनोविज्ञान का अध्ययन अध्यापक को इसलिए करना चाहिए, क्योंकि- इसकी सहायता से अपने शिक्षण को अधिक प्रभावशाली बना सके
32. एक शिक्षक को अपने विद्यार्थियों की क्षमताओं को समझने का प्रयास करना चाहिए। इस उद्देश्य के साथ संबद्ध क्षेत्र है- शिक्षा-मनोविज्ञान
33. छात्र अधिगम का वार्क (VARK) मॉडल इनके द्वारा प्रस्तावित किया गया था- नील फ्लेमिंग
34. शिक्षा मनोविज्ञान का उत्पत्ति वर्ष है- 1900
35. शिक्षा मनोविज्ञान की प्रकृति है- विध्यात्मक विज्ञान
36. शिक्षा मनोविज्ञान की दृष्टि से बच्चे अपने ज्ञान का स्वयं सृजन करते हैं।
37. 1882 ई. में वह मनोवैज्ञानिक जिसने लन्दन में मानवीय विशेषताओं का अध्ययन करने के लिए प्रयोगशाला का निर्माण किया- अल्फ्रेड बिने
38. शिक्षा मनोविज्ञान का अध्ययन अध्यापक को इसलिए करना चाहिए क्योंकि- इसकी सहायता से अपने शिक्षण को अधिक प्रभावशाली बना सके
39. वह शिक्षा जो मनोविज्ञान की सर्वाधिक व्यक्तिनिष्ठ विधि है- अन्तर्दर्शन
40. शिक्षा मनोविज्ञान की एक सीमा है- वैयक्तिक विभिन्नताओं की समस्या
41. मनोविज्ञान का शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बड़ा योगदान है- बाल केन्द्रित शिक्षा
42. शिक्षा मनोविज्ञान अधिक बल देता है- छात्र केन्द्रित शिक्षा पर
43. मनोविज्ञान दर्शनशास्त्र विषय का अंग था।
44. पारिस्थितिक प्रणाली सिद्धांत, जो मूल रूप से उरी ब्रोफेरब्रेनर द्वारा तैयार किया गया है, चार प्रकार के नेस्टेड पर्यावरण प्रणालियों को निर्दिष्ट करता है जिन्हें कहा जाता है- मानव पारिस्थितिकी
45. शिक्षा मनोविज्ञानी द्वारा अध्ययन किया जाता है- औपचारिक वातावरण में होने वाले अधिगम का
46. “व्यक्ति बिना किसी अंतर्निहित मानसिक प्रकरण के पैदा होते हैं, और इसलिए सभी ज्ञान अनुभव या धारणा से आते हैं।” इस धारणा को मासूम मनः स्थिति (तबुला रास) के रूप में संदर्भित किया जाता है।