EVS Pedagogy E-Notes Part-6
![]()
पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण शास्त्र
🎯 CTET एवं अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण वन-लाइनर नोट्स
पर्यावरण की कक्षा में रूपात्मक आकलन (Formative Assessment) का समुचित कार्य नहीं है-
जल प्रदूषण की हानियों के बारे में चर्चा करना।
EVS में किसी अच्छे गृहकार्य (Homework) को मुख्यतः केन्द्रित होना चाहिए-
विस्तारित अधिगम के लिए चुनौतियाँ और उत्तेजना पर।
‘कक्षा के प्रश्नोत्तर’ तकनीक का सबसे अच्छा उपयोग किया जा सकता है-
शिक्षार्थियों में सीखने की जिज्ञासा उत्पन्न करने के लिए।
डिस्लेक्सिया (Dyslexia) मुख्यतः किससे संबंधित समस्या है-
पढ़ने की
पर्यावरण अध्ययन में रचनात्मक आकलन (Constructive Assessment) में क्या शामिल नहीं है-
शिक्षार्थियों की ग्रेडिंग और रैंकिंग।
सहयोगात्मक अधिगम में अधिक दक्ष विद्यार्थियों द्वारा कम कुशल का आकलन करने का परिणाम है-
उच्च उपलब्धि और स्व-गरिमा।
प्राथमिक स्तर पर बच्चे का आकलन करने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है-
पोर्टफोलियो (Portfolio)
शिक्षिका तनावग्रस्त बच्चे की पहचान कैसे कर सकती है-
जब बच्चा आक्रामक व्यवहार प्रदर्शित करता है।
अभिभावक-शिक्षक अन्तःक्रियाओं का मुख्य उद्देश्य है-
पुनर्बलन और सुधार के लिए बच्चे की योग्यताओं और कमजोरियों पर चर्चा करना।
औसत से कम वाले विद्यार्थियों के लिए सबसे प्रभावी व्यूह रचना है-
उनके अधिगम के कमजोर क्षेत्रों की पहचान करना और सुधारात्मक उपाय उपलब्ध कराना।
आकलन प्रक्रियाओं के बारे में सबसे कम उपयुक्त बात है-
‘ठीक’, ‘अच्छा’ और ‘बहुत अच्छा’ जैसी टिप्पणियाँ बच्चे के सीखने के बारे में पूर्ण समझ प्रदान करती हैं (यह गलत धारणा है)।
‘प्रयोग करना’ संकेतक का आकलन करने का सबसे उपयुक्त तरीका है-
हस्तपरक गतिविधि (Hands-on Activity)
शिक्षार्थियों का आकलन करते समय शिक्षिका को क्या नहीं करना चाहिए-
बच्चों के कार्य के केवल कुछ पक्षों पर ध्यान केन्द्रित करना।
दत्त कार्य (Assignment) के सम्बन्ध में क्या सही है-
यह बच्चों को सूचना खोजने, विचारों के निर्माण और उन्हें उच्चारित करने का अवसर प्रदान करता है।
प्राथमिक स्तर पर आकलन में अनिवार्य रूप से शामिल होना चाहिए-
शिक्षक द्वारा सतत् और असंरचनात्मक तरीके से किए गए अवलोकन को साझा करना।
सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) क्यों आवश्यक है-
ताकि शिक्षार्थियों में परीक्षा का अनावश्यक भय न हो।
कार्य-पत्रक, अवलोकन रिपोर्ट और सामग्री के फोल्डर को कहा जाता है-
पोर्टफोलियो
सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन की एक प्रमुख तकनीक है-
निदानात्मक मूल्यांकन (Diagnostic Evaluation)
🌿 पर्यावरण अध्ययन (EVS)
महत्वपूर्ण शिक्षण तथ्य एवं वन-लाइनर नोट्स
🧠 शिक्षण पद्धतियाँ एवं मनोविज्ञान
❓ भ्रमण पर बातचीत का आधार: विद्यार्थियों का अनुभव ज्ञान रचना का आधार है।
🧪 विज्ञान की तीन विधियाँ: अवलोकन, प्रयोग व निगमन।
🌱 पर्यावरण जागरूकता का सृजन: क्षेत्रीय भ्रमण द्वारा।
❌ अच्छे परीक्षण की विशेषता नहीं है: उत्तीर्ण करना।
📝 रटने की प्रवृत्ति रोकने हेतु प्रश्न: वस्तुनिष्ठ प्रश्न।
🏗️ प्राथमिक स्तर पर प्रभावी विधि: कहानी विधि।
🙋 अभिप्रेरित शिक्षण का संकेत: बच्चों द्वारा प्रश्न पूछना।
👤 सीखने के तरीकों के प्रथम शोधकर्ता: जीन पियाजे और एल.एन. वाइगॉत्सकी।
📚 शिक्षण सहायक सामग्री (TLM)
🚫 दृश्य सामग्री नहीं है: ग्रामोफोन (यह श्रव्य सामग्री है)।
🌍 ग्लोब का उपयोग: पृथ्वी के वास्तविक रूप और आकार समझाने के लिए।
🖼️ इतिहास शिक्षण को सजीव बनाने वाली सामग्री: चित्र।
📻 श्रव्य सामग्री (Audio): रेडियो, टेपरिकार्डर, ग्रामोफोन।
📽️ दृश्य सामग्री (Visual): चित्र, मॉडल, मानचित्र, चार्ट, बुलेटिन बोर्ड, श्यामपट्ट, जादुई लालटेन।
📺 श्रव्य-दृश्य सामग्री (Audio-Visual): टेलीविजन, दूरदर्शन, चलचित्र।
⚡ उच्चकोटि का पुनर्बलन देने वाली सामग्री: कम्प्यूटर।
🗺️ शिक्षण रणनीतियां एवं मानचित्रण
📍 मानचित्र कला में सर्वप्रथम ज्ञान: दिशा का ज्ञान।
⛽ ईंधन संरक्षण हेतु सर्वश्रेष्ठ सामग्री: समाचार-पत्र।
🐾 ‘जानवर हमारे साथी’ को रोचक बनाना: जानवरों पर आधारित फिल्म प्रदर्शित करना।
🚂 रेलवे समय-सारणी का उद्देश्य: सैद्धांतिक तथ्यों को व्यवहारिक रूप से समझाना।
👁️ मल्टीमीडिया कैप्सूल का प्रभाव: दृश्य-श्रव्य सामग्रियाँ बेहतर संधारण के लिए सभी इन्द्रियों को शामिल करती हैं।
📅 तिथियां एवं महत्वपूर्ण कथन
दूरदर्शन प्रारंभ
15 अगस्त 1959
आकाशवाणी से अलग
वर्ष 1976
“शताब्दी के बदलने से ही रेडियो का व्यापक अर्थों में एक अत्यन्त महत्वपूर्ण शिक्षा-माध्यम के रूप में प्रयोग होता रहा है।”
— आर. जी. रेनल्ड