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म.प्र. शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग-3 स्पेशल
वर्ष 2022 में आयोजित कुल पेपर संख्या-40
विषय:- भाषा-१ हिन्दी एवं शिक्षण शास्त्र | कुल प्रश्न संख्या-30 | पेपर नं.-19/40
Exam Date:- Varg 3 Hindi 14-3-2022 Shift-1.docx
गद्यांश आधारित प्रश्न
निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न 46 से 53) के उत्तर दीजिए:
“प्रकृति वैज्ञानिक और कवि दोनों की ही उपास्या है। दोनों ही उससे निकटतम सम्बन्ध स्थापित करने की चेष्टा करते हैं, किन्तु दोनों के दृष्टिकोण में अंतर है। वैज्ञानिक प्रकृति के बाह्य रूप का अवलोकन करता है और सत्य की खोज करता है। वैज्ञानिक प्रकृति की जिस वस्तु का अवलोकन करता है, उसका सूक्ष्म निरीक्षण भी करता है। चन्द्र को देखकर उसके मस्तिष्क में अनेक विचार उठते हैं— इसका तापक्रम क्या है, कितने वर्षों में वह पूर्णतः शीतल हो जायेगा, किस गति से वह सौर मण्डल में परिक्रमा करता है और किन तत्वों से इसका निर्माण हुआ है। वह अपने सूक्ष्म निरीक्षण और अनवरत चिन्तन से उसको एक लोक ठहराता है और उस लोक में स्थित ज्वालामुखी पर्वतों तथा जीवनधारियों की खोज कर उसके प्रत्येक अंग का विश्लेषण करने को तैयार हो जाता है। उसका प्रकृति-विषयक अध्ययन वस्तुगत होता है। उसकी दृष्टि में विश्लेषण और वर्ग विभाजन की प्रधानता रहती है। वह सत्य और वास्तविकता का पुजारी होता है। कवि प्रकृति के साथ अपने भावों का सम्बन्ध स्थापित करता है। वह उसमें मानव-चेतना का अनुभव करके उसके साथ अपनी आन्तरिक भावनाओं का समन्वय करता है। वह तथ्य और भावना के सम्बन्ध पर बल देता है। वह नग्न सत्य का उपासक नहीं होता, वैज्ञानिक की भाँति मस्तिष्क की यांत्रिक प्रक्रिया नहीं।”
काव्यांश आधारित प्रश्न
निर्देश: नीचे दिए गए काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न 54 से 56) के उत्तर दीजिए:
“प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी, जाकी अंग-अंग बास समानी।
प्रभु जी, तुम घन बन हम मोरा, जैसे चितवत चंद चकोरा।
प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती, जाकी जोति बरै दिन राती।
प्रभु जी, तुम मोती हम धागा, जैसे सोनहि मिलत सुहागा।
प्रभु जी, तुम स्वामी हम दासा, ऐसी भक्ति करें रैदासा ॥”