MPGK सुपर नोट्स – मध्यप्रदेश का अपवाह तंत्र एवं नदियां

Tez Education By Tez Education February 8, 2026

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मध्य प्रदेश की नदियाँ – डिजिटल गाइड

मध्य प्रदेश: “नदियों का मायका”

207 छोटी-बड़ी नदियों का उद्गम स्थल, विंध्य और सतपुड़ा की गोद से बहती म.प्र. की जीवनधाराएं।

207+ कुल नदियाँ
06 अपवाह तंत्र
1312km नर्मदा लंबाई

6 मुख्य अपवाह तंत्र

गंगा-यमुना

राज्य का सबसे बड़ा तंत्र। उत्तर और उत्तर-पूर्वी जिलों में विस्तृत।

1.8 लाख वर्ग किमी

नर्मदा तंत्र

मध्य प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा तंत्र। वृक्षनुमा अपवाह प्रतिरूप का निर्माण।

98,796 किमी²

ताप्ती तंत्र

नर्मदा के समांतर भ्रंश में प्रवाहित। मुल्ताई (बैतूल) से उद्गम।

65,145 किमी²

गोदावरी तंत्र

दक्षिण की ओर बहने वाली नदियाँ – वेनगंगा, पेंच, कान्हन।

23,388 किमी²

माही तंत्र

कर्क रेखा को दो बार काटने वाली एकमात्र नदी।

38,699 किमी²

महानदी तंत्र

मध्य प्रदेश का सबसे छोटा अपवाह तंत्र। हसदो नदी द्वारा निर्मित।

154 किमी²

नदियों की तुलनात्मक लंबाई (किमी)

नर्मदा 1312 किमी
चंबल 965 किमी
सोन 780 किमी
ताप्ती 724 किमी
बेतवा 590 किमी

प्रमुख नदियों का विस्तृत विवरण

नर्मदा नदी

म.प्र. की जीवन रेखा

उद्गम अमरकंटक (अनूपपुर)
लंबाई 1312 KM (म.प्र. 1077)

अन्य नाम

रेवा, मैकलसुता, नामादोस (टॉलमी), साखिरी, गिवर ऑफ प्लेजर, म.प्र. की गंगा।

पर्वत श्रेणियाँ

उत्तर में विन्ध्याचल और दक्षिण में सतपुड़ा के मध्य भ्रंश घाटी में प्रवाहित।

सहायक नदियाँ (41)

  • दाएँ: हिरन, बारना, कोलार, हथनी
  • बाएँ: शेर, शक्कर, तवा, बंजर

विशेष तथ्य

“नर्मदा नदी मुहाने पर 27 KM लंबा एस्टुअरी (Estuary) बनाती है।”

चंबल नदी

पश्चिमी म.प्र. की मुख्य नदी

उद्गम जानापाव पहाड़ी (महू)
लंबाई 965 KM

प्रमुख विशेषता

भिण्ड-मुरैना में बीहड़ (Ravines) का निर्माण करती है।

सहायक नदियाँ

क्षिप्रा, काली सिंध, पार्वती, कूनो, बनास, सीप।

चंबल घाटी परियोजना (प्रथम परियोजना)

गांधी सागर
115 MW
राणा प्रताप
172 MW
जवाहर सागर
99 MW

विशाल जलप्रपात (Waterfalls)

मध्य प्रदेश के ऊँचे और मनमोहक झरने, जो विंध्य और सतपुड़ा की पहाड़ियों से गिरकर प्रकृति का अद्भुत दृश्य बनाते हैं।

01

बहुटी

सेलर नदी (मऊगंज)

198 मी.
म.प्र. का सबसे ऊँचा
02

चचाई

बीहड़ नदी (रीवा)

130 मी.
प्राचीन गौरव
03

धुआँधार

नर्मदा नदी (जबलपुर)

18 मी.
संगमरमर की चट्टानें
04

पातालपानी

चंबल नदी (इंदौर)

18 मी.
टंट्या भील की समाधि

नदी जोड़ो परियोजनाएँ

केन-बेतवा लिंक (KBLP)

भारत की पहली नदी जोड़ो परियोजना। इसमें छतरपुर में ‘दोधन बांध’ (अब अटल बांध) का निर्माण किया जा रहा है।

लागत ₹44,605 करोड़
सिंचाई लाभ 8.11 लाख हेक्टेयर

लाभान्वित जिले (म.प्र.):

पन्ना छतरपुर टीकमगढ़ दमोह सागर

नर्मदा-क्षिप्रा लिंक

पाइप लाइन के माध्यम से 49 कि.मी. लंबी परियोजना, जो मालवा क्षेत्र में जल संकट को दूर करने के लिए समर्पित है।

समर्पण 25 फरवरी 2014
लाभ 3000+ गाँव

अन्य प्रमुख लिंक:

  • पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक
  • नर्मदा-पार्वती लिंक
  • नर्मदा-मालवा-गंभीर लिंक

एग्जाम प्लस: महत्वपूर्ण तथ्य

सबसे लंबा बांध

बरगी बांध (5357 मीटर) जबलपुर में स्थित है।

सबसे ऊंचा बांध

इंदिरा सागर (92 मीटर) खंडवा में स्थित है।

मिट्टी का बांध

भीमगढ़ (संजय सरोवर) एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध है।

पवित्रता के आधार पर गंगा

नर्मदा को म.प्र. की गंगा कहा जाता है।

बुंदेलखंड की गंगा

बेतवा नदी को बुंदेलखंड की जीवन रेखा कहा जाता है।

भारत का ग्रैंड कैनियन

रनेह झरना (केन व खद्दर नदी) को भारत का ग्रैंड कैनियन कहते हैं।

नदियों के किनारे बसे प्रमुख शहर

नर्मदा जबलपुर, ओंकारेश्वर, महेश्वर, अमरकंटक, होशंगाबाद
चंबल महू, श्योपुर, मुरैना, रतलाम
बेतवा साँची, ओरछा, विदिशा, अशोक नगर
ताप्ती मुल्ताई, बैतूल, नेपानगर, बुरहानपुर
अन्य इंदौर (खान), मंदसौर (शिवना), उज्जैन (क्षिप्रा)

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