MPGK सुपर नोट्स – मध्यप्रदेश की जनजातियां

Tez Education By Tez Education February 15, 2026

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मध्य प्रदेश की जनजातियाँ – सामान्य परिचय

मध्य प्रदेश की जनजातियाँ

संस्कृति, इतिहास और जनांकिकी का एक विस्तृत अध्ययन

Quick Revision Special

सामान्य परिचय

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 366 (25) के अनुसार, जनजातियाँ वे समुदाय हैं जिन्हें अनुच्छेद 342(1) के तहत अनुसूचित माना गया है। मध्य प्रदेश भारत का सर्वाधिक जनजाति जनसंख्या वाला राज्य है।

  • प्रथम प्रयोग: भारत शासन अधिनियम 1935 में ‘अनुसूचित जनजाति’ शब्द का पहली बार प्रयोग।
  • कुल संख्या: वर्तमान में मध्य प्रदेश में 43 अनुसूचित जनजातियाँ निवासरत हैं।
  • जनजातीय गौरव दिवस: 15 नवंबर (बिरसा मुंडा की जयंती)।

विभिन्न नामकरण

ठक्कर बापा

आदिवासी

महात्मा गांधी

गिरिजन

जार्ज ग्रियर्सन

पहाड़ी जनजाति

जी.एस. घुरिये

पिछड़े हिंदू

जनांकिकी आंकड़े (Demographics)

कुल जनजाति जनसंख्या

1,53,16,784

म.प्र. की कुल जनसंख्या का 21.10%

लिंगानुपात

984 / 1000

ग्रामीण: 986 | नगरीय: 956

साक्षरता दर

50.6%

पुरुष: 59.6% | महिला: 41.5%

सर्वाधिक साक्षर जनजाति

परधान

साक्षरता प्रतिशत: 70%

जनसंख्या के आधार पर क्रम

प्रमुख जिलावार तथ्य

सर्वाधिक जनजाति जनसंख्या धार (12,22,814)
सर्वाधिक प्रतिशत (89%) अलीराजपुर
न्यूनतम जनसंख्या एवं % भिण्ड
सर्वाधिक साक्षर जिला बालाघाट

भौगोलिक विस्तार

उत्तरी क्षेत्र

श्योपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, गुना आदि

सहरिया, खैरवार, शोर

पश्चिमी क्षेत्र

झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी

भील व उपजातियाँ

पूर्वी क्षेत्र

शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया

बैगा, कोल, गोंड, पनिका

दक्षिणी क्षेत्र

छिंदवाड़ा, बैतूल, सिवनी, पांढुर्णा

भारिया, कोरकू, गोंड

संवैधानिक प्रावधान

सामाजिक एवं शैक्षणिक

  • अनुच्छेद 15: भेदभाव का प्रतिषेध (15(4) उत्थान हेतु)
  • अनुच्छेद 17: अस्पृश्यता का अंत
  • अनुच्छेद 46: शैक्षणिक व आर्थिक हितों की रक्षा
  • अनुच्छेद 350(क): मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा

आरक्षण एवं प्रशासन

  • अनुच्छेद 330: लोकसभा में आरक्षण
  • अनुच्छेद 332: विधानसभा में आरक्षण
  • अनुच्छेद 243 (D/T): पंचायत व नगर पालिकाओं में आरक्षण
  • अनुच्छेद 338A: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग

पेसा अधिनियम (PESA) 1996

“पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम”

सिफारिश

भूरिया समिति (1991)

मध्य प्रदेश में लागू

15 नवंबर 2022 (शहडोल के लालपुर से)

मुख्य प्रावधान

जल, जंगल, जमीन पर जनजातीय अधिकार

महत्वपूर्ण समितियाँ

1

यू.एन. डेबर आयोग (1960)

1973 में विशेष पिछड़ी जनजाति समूह (PVTG) की श्रेणी बनाई।

2

आदिवासी सलाहकार परिषद

अनुच्छेद 244(1) के तहत। अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते हैं। कुल 20 सदस्य।

3

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग

19 फरवरी 2004 को गठन। वर्तमान अध्यक्ष: अंतरसिंह आर्य।

मध्य प्रदेश जनजातीय विकास विभाग

“जनजातीय संस्कृति ही हमारी पहचान है”

डेटा स्रोत: जनगणना 2011 एवं आधिकारिक अभिलेख Selection Tak (Exam Plus)

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