MPGK सुपर नोट्स – मध्यप्रदेश की जनजातियां Part-2
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मध्य प्रदेश की प्रमुख जनजातियाँ
संस्कृति, परंपरा और गौरव का अनूठा संगम
प्रमुख जनजातियाँ
भील, गोंड, कोल, कोरकू आदि।
विशेष पिछड़ी (PVTG)
सहरिया, बैगा, भारिया
घुमंतू जातियाँ
बंजारा, पारधी, नट, बंजारा आदि।
जनसंख्या वितरण (2011 जनगणना)
भील जनजाति
“धनुष के पुत्र”
सामान्य परिचय
- उत्पत्ति: द्रविड़ शब्द ‘बील’ (धनुष)
- विस्तार: पश्चिमी म.प्र. (झाबुआ, अलीराजपुर)
- प्रतीक: धनुष-बाण
- लेखक: “द भील” – टी.व्ही. नायक
सांस्कृतिक पहलू
- त्योहार: भगोरिया (7 दिवसीय राजकीय पर्व)
- नृत्य: डोहिआ, गैर, गरबी
- चित्रकला: पिथौरा (पेमा फत्या, भूरी बाई)
- विवाह: गोलगधेड़ो, भगोरिया
💡 महत्वपूर्ण तथ्य: बेणेश्वर मेला को “भीलों का कुंभ” कहा जाता है।
गोंड जनजाति
“पर्वत निवासी (कोंड)”
विवरण
- क्षेत्रफल: म.प्र. का सबसे बड़ा समूह
- विवाह: दूध-लौटावा, लमसेना
- युवागृह: घोटुल
- कृषि: बारी (झूम कृषि)
उपजातियाँ (व्यवसाय आधार)
- अगरिया: लोहे का काम करने वाले
- ओझा: तांत्रिक क्रिया करने वाले
- परधान: पूजा-पाठ करने वाले
- सोलाहस: बढ़ई का काम करने वाले
🎨 चित्रकला: जनगढ़ कलम, पाटनगढ़ चित्रकला। प्रमुख देवता: दूल्हादेव।
विशेष पिछड़ी जनजातियाँ (PVTG)
क्षेत्र: ग्वालियर, चंबल संभाग (श्योपुर को भारत का इथोपिया कहते हैं)।
मुख्य विशेषताएँ:
- सर्वाधिक कुपोषित जनजाति
- जड़ी-बूटियों के ज्ञाता
- मुख्य नृत्य: लहंगी, दुलदुल घोड़ी
क्षेत्र: मण्डला, डिंडोरी (बैगाचक)। अपने को ‘जंगल का राजा’ मानते हैं।
मुख्य विशेषताएँ:
- कृषि: बेवार (हल का प्रयोग वर्जित)
- नृत्य: करमा (लोक नृत्य का राजा)
- पूजनीय वृक्ष: साल / साज
क्षेत्र: पातालकोट (छिंदवाड़ा)। 1981 में “जंगलियों के जंगली” कहा गया।
मुख्य विशेषताएँ:
- निवास स्थान: ढाना
- प्रिय नृत्य: भडम, सैतम
- उत्पत्ति: राजा कर्ण देव से
युवागृह (Dormitories)
| जनजाति | युवागृह का नाम |
|---|---|
| मुड़िया / गोंड | घोटुल |
| भारिया | रंग-भंग |
| उराँव | धूमकुरिया |
| मुंडा | गतिओरा |
सामुदायिक रेडियो केंद्र
-
भीली रेडियो केंद्र
भावरा (अलीराजपुर) – प्रथम केंद्र
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सहरिया रेडियो केंद्र
कराहल्, श्योपुर
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कोरकू रेडियो केंद्र
खंडवा
प्रमुख जनजाति कलाकार
पेमा फत्या
भील पिथोरा चित्रकार
भूरी भाई
भील चित्रकार
जोधईया बाई
बैगा चित्रकार
अर्जुन धुर्वे
परधौनी नृत्य कलाकार
प्रधानमंत्री जन मन योजना
प्रारम्भ: 15 नवम्बर 2023 (आदिवासी गौरव दिवस)। बजट: 24,000 करोड़। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) को समाज की मुख्य धारा में लाने हेतु एक व्यापक पहल।
भौगोलिक संकेन्द्रण मानचित्र
पश्चिम: भील | दक्षिण: गोंड, कोरकू | पूर्व: बैगा, कोल