MPGK सुपर नोट्स – मध्यप्रदेश में खनिज संसाधन
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मध्य प्रदेश के खनिज संसाधन
भारत का “हृदय प्रदेश” और खनिजों का अटूट भंडार
हीरा उत्पादन
प्रथम स्थान
भारत में एकाधिकार (Monopoly)
ताम्र व मैंगनीज
प्रथम स्थान
मालाजखंड व भरवेली खदानें
चूना पत्थर
द्वितीय/तृतीय
कटनी: भारत की ‘चूना नगरी’
कोयला उत्पादन
चौथा स्थान
सिंगरौली: ऊर्जा की राजधानी
सामान्य परिचय एवं भू-वैज्ञानिक संरचना
मध्य प्रदेश खनिज संसाधनों से अत्यंत समृद्ध है। राज्य की अर्थव्यवस्था में खनन एवं उत्खनन क्षेत्र का लगभग 3% योगदान है, जबकि बजट 2024-25 के अनुसार करेत्तर राजस्व का 56% हिस्सा खनिजों से प्राप्त होता है। भारतीय खान ब्यूरो (IBM) की 2022-23 की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश खनिज ब्लॉकों की नीलामी में देश में प्रथम स्थान पर रहा।
शैल समूह एवं खनिज:
- आर्कियन व धारवाड़: ताँबा, मैंगनीज, लौह अयस्क
- कुडप्पा व विंध्यन: हीरा, चूना पत्थर, डोलोमाइट
- गोंडवाना: कोयला निक्षेप
- दक्कन ट्रैप: बॉक्साइट
खनिजों का असमान वितरण
मध्य प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्से सर्वाधिक समृद्ध हैं
उत्पादन मूल्य वृद्धि (2023-24)
कुल उत्पादन मूल्य: ₹29133 करोड़ (+14.88%)
प्रमुख आठ खनिजों का विस्तृत विवरण
हीरा (Diamond)
एकमात्र उत्पादकहीरा उत्पादन में मध्य प्रदेश को भारत में एकाधिकार प्राप्त है। यहाँ हीरा ‘किम्बरलाइट पाइप्स’ में पाया जाता है।
प्रमुख खदानें:
पन्ना (रामखेरिया, मझगवां, हिनौता), छतरपुर (अंगोरा, बक्सवाह), सतना (कोटारिया)
उत्खनन एजेंसी:
NMDC (1958 से सक्रिय)
ताँबा (Copper)
रैंक: 1भारत के कुल ताँबा उत्पादन का लगभग 73% भाग मध्य प्रदेश से प्राप्त होता है।
प्रमुख क्षेत्र:
मालाजखंड (बालाघाट) – देश की सबसे बड़ी मशीनीकृत खुली खदान। अन्य क्षेत्र: शीतलपानी, गिधरी, डोंगरी।
प्रोजेक्ट:
हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड द्वारा उत्खनन सह धातु प्रोजेक्ट संचालित।
मैंगनीज (Manganese)
रैंक: 1मैंगनीज का निक्षेप धारवाड़ क्रम की चट्टानों में पाया जाता है। राज्य देश के 26% मैंगनीज का उत्पादन करता है।
भरवेली खदान (बालाघाट):
एशिया की सबसे बड़ी खुले मुँह की मैंगनीज खदान।
वितरण क्षेत्र:
बालाघाट (90%), छिंदवाड़ा (सौंसर, सीतापुर), झाबुआ (कजली, थांदला)।
बॉक्साइट (Bauxite)
रैंक: 6यह एल्युमीनियम का प्रमुख अयस्क है। मध्य प्रदेश में इसकी खोज सर्वप्रथम 1908 में कटनी में हुई थी।
मुख्य क्षेत्र:
अमरकंटक पठार (अनूपपुर), बैहर पठार (बालाघाट), रीवा-सतना।
आपूर्ति:
यहाँ का बॉक्साइट रेणुकूट (UP) और कोरबा (CG) प्लांट को भेजा जाता है।
कोयला (Coal) संसाधन
मध्य प्रदेश: देश का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक
सर्वाधिक मात्रा
अकोककर व बिटुमिनस
मध्य भारत कोयला क्षेत्र (पूर्वी भाग)
1. सिंगरौली कोयला क्षेत्र (ऊर्जा राजधानी)
झींगुरदाह में कोयले की सबसे मोटी परत (136 मी.) पाई जाती है।
खदानें: गोरबी, जयंत, झींगुरदाह।
2. सोहागपुर (शहडोल)
राज्य का सबसे बड़ा कोयला क्षेत्र (4142 वर्ग किमी)। रिलायंस द्वारा यहाँ ‘कोल बेड मीथेन’ (CBM) का दोहन किया जा रहा है।
3. उमरिया व जोहिला क्षेत्र
उमरिया सबसे छोटा कोयला क्षेत्र (16 वर्ग किमी) है।
सतपुड़ा कोयला क्षेत्र (दक्षिणी भाग)
1. पेंच व कान्हन घाटी (छिंदवाड़ा)
यहाँ से अर्द्धकोकर और कोककर कोयले के भंडार मिले हैं। प्रमुख क्षेत्र: बरकुही, चांदमेटा।
2. पाथाखेड़ा (बैतूल)
सारणी ताप विद्युत केंद्र को यहाँ से कोयले की आपूर्ति होती है।
3. मोहपानी (नरसिंहपुर)
सतपुड़ा के उत्तरी दल का हिस्सा।
गौण एवं अन्य खनिज निक्षेप
| खनिज का नाम | प्रमुख उत्पादक जिले | विशेष उपयोग / तथ्य |
|---|---|---|
| डोलोमाइट | मण्डला, छिंदवाड़ा, कटनी, झाबुआ, बालाघाट | राउरकेला स्टील प्लांट को निर्यात। 2015 से लघु खनिज। |
| चीनी मिट्टी | जबलपुर (लम्हेटा), ग्वालियर, उमरिया | सिरेमिक बर्तन और पॉटरी उद्योग। |
| ग्रेफाइट | बैतूल (एकमात्र उत्पादक) | पेंसिल, बैटरी व स्नेहक। मण्डीदीप (रायसेन) में प्लांट। |
| गेरु (Ochre) | सतना (जैतवारा) | भारत में प्रथम स्थान। |
| स्लेट | मंदसौर | देश का एकमात्र उत्पादक जिला। |
| टंगस्टन | आगर गाँव (नर्मदापुरम) | अयस्क: वुल्फ्रामाइट। सर्वाधिक गलनांक वाली धातु। |
| यूरेनियम | शहडोल (निक्षेप) | अयस्क: पिच ब्लेंड। आणविक खनिज। |
| संगमरमर | जबलपुर (सफेद), ग्वालियर (हरा), छिंदवाड़ा (रंगीन) | जबलपुर स्टोन क्राफ्ट को GI टैग प्राप्त है। |
सरकारी प्रयास एवं खनिज नीतियाँ
मध्य प्रदेश खनिज नीति:
प्रथम नीति: 1995 | नवीन नीति: 2010 (खनिज विकास निधि का प्रावधान)
म.प्र. राज्य खनिज विकास निगम:
स्थापना: 19 जनवरी 1962 (खनिजों के संवर्धन व उत्खनन हेतु)
डिजिटल पहल:
ई-खनिज पोर्टल 2.0 (MSS सॉफ्टवेयर आधारित) एवं 31 गौण खनिजों हेतु ई-टेंडरिंग।
“क्या आप जानते हैं?”
- कोयला उत्पादन में म.प्र. का योगदान देश में 8% है।
- नदियों की रेत में मिलने वाला सोना ‘सोन नदी’ में पाया जाता है।
- टीकमगढ़ जिले में हाल ही में हीरे के उत्खनन को मंजूरी मिली है।
- रीवा की ‘सोहागी पहाड़ी’ में हीरे के नवीन भंडार मिले हैं।
- ताँबा उत्पादन में राज्य का देश में 73% का भारी योगदान है।