MPTET CDP Questions, शिक्षा में सांख्यिकी विधियां, स्मृति-विस्मृति

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Tez Education – शिक्षा में सांख्यिकी विधियां

Topic:- शिक्षा में सांख्यिकी विधियां, स्मृति-विस्मृति

(By- Tez Education)

1.
शिक्षिका को अपनी संज्ञानात्मक शैली के साथ-साथ अपने शिक्षार्थियों की संज्ञानात्मक शैली की पहचान करनी चाहिए, वह अधिगम जिसको अधिकतम करने के लिए सर्वाधिक उचित है।
2.
शिक्षक से सम्बन्धित अधिगम को प्रभावित करने वाला कारक विषय-वस्तु में प्रवीणता है।
3.
अल्प वयस्क बच्चों के अधिगम में अभिभावकों की भूमिका अग्र सक्रिय होनी चाहिए।
4.
एक अध्यापक को अधिगमकर्ताओं की सक्रिय संलग्नता को बढ़ावा देने के लिए अन्वेषण और पूछताछ को बढ़ावा देना चाहिए।
5.
कारक जिसका सीखने पर सबसे कम प्रभाव पड़ता है, लिंगभेद है।
6.
सीखने की प्रकिया को प्रभावित करने वाले कारक अनुकरण, प्रशंसा एवं निन्दा, प्रतियोगिता हैं।
7.
अधिगम को प्रभावित करने वाले व्यक्तिगत कारक परिपक्वता एवं आयु हैं।
8.
दो विद्यार्थी एक ही अवतरण को पढ़ते हैं, फिर भी इसके बिलकुल भिन्न अर्थ लगाते हैं, यह संभव है क्योंकि व्यक्ति के अधिगम को विविध कारण विभिन्न विधियों से प्रभावित करते हैं।
9.
अपनी पीढ़ी में पहली बार विद्यालय जा कर पढ़ने वाले विद्यार्थी का समर्थन करने के लिए एक अध्यापिका को उसके सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश को सम्मानजनक महत्व देते हुए क्रियाकलाप तैयार करने चाहिए।
10.
सीखने की गति व्यक्तिगत और पर्यावरणीय कारकों की पारस्परिक क्रिया पर निर्भर है।
11.
प्रभावी अधिगम हेतु, निर्देश के लिए प्रारंभिक बिंदु बच्चों का सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य होना चाहिए।
12.
अधिगम को प्रभावित करने वाला पर्यावरणीय कारक विद्यालय है।
13.
कक्षाकक्ष में छात्रों की इच्छा को प्रभावित करने वाले बाह्य कारक संस्कृति एवं प्रशिक्षण हैं।
14.
उचित प्रेरक परिवेश स्थितियों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, स्थिर एवं शांतिपूर्ण परिवेश, सहयोगी एवं स्पर्धामूलक समूह स्थिति आवश्यक है।
15.
एक स्कूल का वातावरण आनंददायी होना चाहिए।
16.
वह कार्य जो एक कमजोर छात्र को मनोवैज्ञानिक रूप से हानि पहुंचा सकता है, किसी छात्र के अंकों की कक्षा में चर्चा करना है।
17.
अधिगम को सकारात्मक प्रकार से प्रभावित करने वाला कारक अर्थपूर्ण सम्बन्ध है।
18.
सीखने के बारे में सत्य कथन है कि सीखने को सामाजिक क्रियाएँ सुविधा देती है।
19.
वह स्मरण शक्ति जिसके द्वारा याद की गयी सामग्री को बिना किसी जोड़ तोड़ के ठीक उसी रूप में पुनः पेश कर सके उसे श्रेष्ठ स्मरण शक्ति कहते हैं।
20.
अच्छी स्मृति की विशेषताएँ शीघ्र पुनःस्मरण, शीघ्र पहचान, अच्छी धारणा हैं।
21.
स्मृति मापने की विधि पुनरूत्पादन (रिकॉल यानी याद करना) है।
22.
कविता को याद करने में प्रयुक्त विधि को क्रमिक संस्मरण कहा जाता है।
23.
स्मरण करने की विधि मिश्रित विधि और विचार-साहचर्य विधि है।
24.
स्मरण की प्रक्रिया संवेदक, लघुकालीन और दीर्घकालीन है।
25.
स्मृति का सूचना प्रक्रिया मॉडल एटकिंसन शिफरिन द्वारा प्रतिपादित किया गया है।
26.
स्मरण प्रक्रिया की पहली अवस्था आगमनात्मक है।
27.
स्मरण के अंतर्गत धारण एवं अनुसरण होता है।
28.
नियमित रूप से व्यायाम करने वाले शिक्षार्थियों में बुद्धि और स्मृति को नियंत्रित करने वाला मस्तिष्क का ग्रे मैटर अधिक मात्रा में होता है।
29.
अंध स्मरणन (ब्लाइंड मैमोराइजेशन) रटने द्वारा अधिगम कहलाता है।
30.
जटिल गणितीय समस्याओं को पूरा करने में चलन स्मृति (वर्किंग मेमोरी) प्रकार की स्मृति सम्मिलित हो सकती है।
31.
केंद्रीय कार्यकारी हमारी कार्यशील स्मृति का एक हिस्सा है।
32.
लघु अवधि स्मरण का अंतराल 30 सेकेण्ड होता है।
33.
संवेदी स्मृति तात्कालिक स्मृति को कहते हैं।
34.
अल्पकालिक स्मृति एक समय में 7±2 कुल इकाइयों को धारित कर सकती है।
35.
स्मृति का वह हिस्सा जिसमें चेकिंग (खण्डन) होता है, लघु-कालीन स्मृति है।
36.
हमारा कार्यकारी स्मृति संस्थान अल्पकालीन स्मृति है।
37.
विवरणात्मक स्मृति दीर्घकालिक स्मृति से सम्बन्धित है।
38.
दीर्घ कालीन स्मृति दिनों, महीनों, वर्षों तक रह सकती है।
39.
“मैने अपने बचपन के दिन शिमला में बिताए हैं,” इसे याद करना प्रासंगिक स्मृति को दर्शाता है।
40.
वह स्मृति जिसमें एक साइकिल चलाने का कौशल संग्रहित होता है, प्रक्रियात्मक स्मृति (प्रोसिजरल मेमोरी) कहलाती है।
41.
हमारी स्मृति का वह हिस्सा जो हमारे जीवन में घटित घटनाओं का भंडार है, प्रासंगिक स्मृति है।
42.
स्मृति का वह भाग जिसमें 15-25 सेकंड में अनावश्यक जानकारी को भूल जाना शामिल हैं, लघु-कालीन स्मृति है।
43.
स्मृति का वह हिस्सा जो पिछले अनुभव को संग्रहित करता है, प्रासंगिक (एपिसोडिक) स्मृति है।
44.
वह स्मृति जो संदर्भ का विशेष ध्यान रखती है, प्रासंगिक स्मृति है।
45.
संघनन सिद्धान्त स्मृति से सम्बन्धित है।
46.
चेकिंग पर मिलर के सिद्धांत के अनुसार ‘मैजिक नंबर’ 7 (+/-2) है।
47.
सूचना की पुनरावृत्ति में पूर्वाभ्यास सम्मिलित है ताकि यह लघु-कालीन से दीर्घ-कालीन स्मृति तक चले।
48.
एबिंगहास ने स्मृति पर एक प्रयोग किया, जिसमें बकवास शब्दांश शामिल थे।
49.
आंशिक या पूर्ण स्मरण का खो जाना विस्मरण कहा जाता है।
50.
सीखी हुई बात को स्मरण रखने या पुनः स्मरण करने की असफलता विस्मृति कहलाती है।
51.
विस्मरण को प्रभावित करने वाले कारक सीखे जाने वाले विषय की प्रकृति, सीखने की विधि और एकांशों का क्रमिक स्थान हैं।
52.
भूलने का सिद्धान्त प्रतीपकारी अवरोध है।
53.
विस्मृति कम करने का उपाय पाठ की पुनरावृत्ति है।
54.
बर्ताव को प्रतिक्रियाओं का पुलिंदा के रूप में जाना जाता है।
55.
बर्ताव समस्याओं की दो विधियाँ इंतजार और निगरानी हैं।
56.
थकावट के लक्षण काम में रुचि की कमी हैं।
57.
व्यवहार को नियंत्रित करने से अभिप्राय आत्म नियंत्रण है।
58.
केन्द्रवर्ती मान पर सुदूर प्राप्तांकों का सर्वाधिक प्रभाव अंकगणितीय औसत पर पड़ता है।
59.
वह विज्ञान जो संख्यात्मक प्रदत्त को एकत्र करने, विभाजित करने, प्रस्तुत करने, तुलना करने और व्याख्या करने की विधि से सम्बन्धित है, वह सांख्यिकी कहलाता है।
60.
‘बिना भिन्नता’ की परिकल्पना को शून्य परिकल्पना कहा जाता है।
61.
विचलनशीलता के माप से संबंधित दूरी है।
62.
प्राप्तांकों के समूह का वह बिन्दु, जिसके नीचे समूह के आधे प्राप्तांक और जिसके ऊपर समूह के आधे प्राप्तांक होते है, मध्यांक कहलाता है।
63.
सांख्यिकी में वह रेखाचित्र, जिसमें आवृत्तियों को स्तम्भों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है, स्तम्भाकृति कहलाता है।
64.
आवृत्ति वितरण को रेखाचित्र द्वारा प्रदर्शित करने की विधियों में से स्तम्भाकृति एक विधि है।
65.
दिए हुए प्राप्तांकों के समूह में जो प्राप्तांक बहुधा सबसे अधिक बार आता है उसे बहुलक कहते हैं।
66.
माध्यिका केन्द्रीय प्रवृत्ति का एक माप है।
67.
पूरे आवृत्ति वितरण के प्रतिनिधित्व करने वाले मान को केन्द्रवर्ती प्रमाप का मान कहा जाता है।
68.
केन्द्रीय प्रवृत्ति के तीनों मापों में आनुभविक संबंध है: 3 माध्यिका = बहुलक + 2 माध्य।
69.
आप छात्रों के औसत अंकों की गणना अंकगणित औसत से करेंगे।
70.
सांख्यिकी के नियम सार्वभौमिक हैं।
71.
सांख्यिकी विज्ञान व कला दोनों है।
72.
व्यवस्थित व्यक्तिगत श्रेणी में माध्यिका (N+1/2) वाँ पद होगा।
73.
मध्यांक की विशेषता सुगमता, विश्सनीयता और सम्भाव्यता है।
74.
मध्यमान का अर्थ प्राप्तांको का औसत है।
75.
शिक्षा में आवृत्ति वितरण का महत्व कक्षा के छात्रों को किसी विषय में सामान्य योग्यता का स्पष्ट ज्ञान प्रदान करना है।
76.
एक पेड़ पर लगे सन्तरों का औसत आकार निकालने हेतु सर्वाधिक उपयुक्त औसत बहुलक है।
77.
केन्द्रीय आवृत्ति का सर्वोत्तम आदर्श माप समान्तर माध्य है।
78.
चतुर्थांश विचलन तृतीय चतुर्थांश तथा प्रथम चतुर्थांश के बीच के अन्तर की आधी दूरी को कहते हैं।
79.
उच्चतम प्राप्तांक और न्यूनतम प्राप्तांक के बीच के अन्तर को विस्तार क्षेत्र/परिसर कहते हैं।
80.
वितरण में जो अंक सबसे अधिक बार आता है उसे बहुलांक कहते हैं।
81.
माध्य स्थिति माध्य बहुलक है।
82.
माध्यिका की गणना में श्रेणी को आरोही अथवा अवरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाता है।

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