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म.प्र. अस्पताल सहायक परीक्षा टेस्ट सीरीज
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महत्वपूर्ण निर्देश:
प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देने के लिए सही विकल्प पर क्लिक करें। आपका उत्तर चुनते ही सही जवाब तथा विस्तृत व्याख्या प्रदर्शित हो जाएगी।
सभी एसिड के लिए आम तत्व है:
सही उत्तर – (d) हाइड्रोजन
व्याख्या: सभी एसिड के लिए आम तत्व हाइड्रोजन है।
सभी अम्ल अपने जलीय विलयन में हाइड्रोजन के धनायन (H+) उत्पन्न करते हैं। जैसे हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl), नाइट्रिक अम्ल (HNO3) आदि।
Ex- HCl — जल → H+ + Cl–
1. अम्लों का स्वाद खट्टा होता है।
2. ये मिथाइल ऑरेंज व नीले लिटमस को लाल कर देते हैं।
सभी एसिड सामान्य रूप से पाया जाने वाला तत्व है:
सही उत्तर – (d) हाइड्रोजन
व्याख्या: सभी एसिड में सामान्य रूप से पाया जाने वाला तत्व हाइड्रोजन है। कृपया पूर्व प्रश्न (प्रश्न क्रमांक 1) की विस्तृत व्याख्या देखें।
प्रबल अम्ल के विलयन में ……….होते हैं।
सही उत्तर – (b) ज्यादातर आयन
व्याख्या: प्रबल अम्ल के विलयन में ज्यादातर आयन होते हैं। प्रबल अम्ल अपने जलीय विलयन में पूरी तरह से आयनीकृत होकर बड़ी संख्या में हाइड्रोजन आयन (H+) उत्पन्न करते हैं। इस वजह से विलयन में अणुओं की संख्या नगण्य होती है और ज्यादातर केवल आयन ही उपस्थित होते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही/गलत है?
कथन:
A) H2SO4 का प्रयोग पेट्रोलियम के परिष्करण में सल्फर और अन्य यौगिकों को हटाने के लिए किया जाता है।
B) सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH) की मूल प्रकृति हाइड्रोजन के आयनों की उपस्थिति के कारण है।
सही उत्तर – (b) केवल कथन A सही है।
व्याख्या: H2SO4 अम्लीय प्रकृति का यौगिक है। इसका प्रयोग पेट्रोलियम के शोधन में, कई प्रकार के विस्फोटक बनाने में, सल्फर तथा अन्य यौगिकों को हटाने में एवं संचायक बैटरियों में होता है। अतः कथन A सही है।
वही, सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) की मूल प्रकृति (क्षारीयता) हाइड्रॉक्सिल आयनों (OH–) की उपस्थिति के कारण होती है न कि हाइड्रोजन आयनों की उपस्थिति के कारण। अतः कथन B गलत है।
कॉपर सल्फेट का जलीय विलयन-
सही उत्तर – (b) नीले लिटमस को लाल कर देता है।
व्याख्या: कॉपर सल्फेट का जलीय घोल अम्लीय होता है, क्योंकि इसका जलीय अपघटन हो जाता है, जिसके फलस्वरूप यह नीले लिटमस को लाल कर देता है।
प्रबल अम्ल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
सही उत्तर – (c) अम्ल वह रासायनिक पदार्थ होते हैं जिनमें स्वाद नमकीन होता है।
व्याख्या: अम्लों (Acids) का स्वाद नमकीन नहीं बल्कि खट्टा होता है। इनका pH मान 7.0 से कम होता है, अम्ल नीले लिटमस पेपर को लाल कर देते हैं। अम्ल, क्षारों के साथ अभिक्रिया करके लवण तथा जल का निर्माण करते हैं।
समस्त खनिज अम्ल जैसे – हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl), सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) तथा नाइट्रिक अम्ल (HNO3) प्रबल ऑक्सीकारक अम्ल होते हैं। कार्बनिक अम्ल जैसे- साइट्रिक अम्ल, फॉर्मिक अम्ल एवं एसिटिक अम्ल आदि दुर्बल अम्लों की श्रेणी में आते हैं। प्रबल अम्ल मुख्यतः धातु कार्बोनेट एवं धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट आदि के साथ तीव्र गति से अभिक्रिया करते हैं।
वे अम्ल जिनमें हाइड्रोजन के साथ, ऑक्सीजन के अतिरिक्त, अन्य अधात्विक तत्व होते हैं, कहलाते हैं:
सही उत्तर – (c) हायड्रासिड्स / अनॉक्सीअम्ल
व्याख्या: अम्लों का वर्गीकरण दो मुख्य प्रकार से होता है:
1. ऑक्सी अम्ल- वे अम्ल जिनमें हाइड्रोजन के साथ-साथ ऑक्सीजन भी उपस्थित होते हैं, उन्हें ऑक्सी अम्ल कहते हैं। जैसे- H2SO4, HNO3, H3PO4 आदि।
2. हाइड्रा अम्ल (Hydracids / अनॉक्सी अम्ल)- वे अम्ल जिनमें हाइड्रोजन के साथ अन्य अधात्विक तत्त्व उपस्थित होते हैं तथा ऑक्सीजन अनुपस्थित होती है। जैसे- HCl, HBr, HCN आदि।
एक सान्द्र अम्ल को तनु करने के लिए, हमें क्या करना चाहिए?
सही उत्तर – (d) पानी में सान्द्र अम्ल
व्याख्या: एक सान्द्र अम्ल को तनु करने के लिए हमें पानी में सान्द्र अम्ल धीरे-धीरे हिलाते हुए डालना चाहिए।
चूँकि यह एक अत्यंत तीव्र ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic reaction) होती है, इसलिए यदि सीधे सान्द्र अम्ल में पानी डाला जाए तो अचानक अत्यधिक भाप बनने से मिश्रण पात्र से बाहर छलक कर भयानक दुर्घटना का कारण बन सकता है।
इनमें से कौन सा पदार्थ गैस्ट्रिक अम्ल के एक संघटक के रूप में पेट में नहीं स्त्रावित होता ?
सही उत्तर – (b) सल्फ्यूरिक अम्ल
व्याख्या: सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) पेट में गैस्ट्रिक जूस के रूप में स्रावित नहीं होता है। सल्फ्यूरिक अम्ल एक अत्यंत तीव्र अकार्बनिक अम्ल है। इसका उपयोग पेट्रोलियम शोधन, विस्फोटक निर्माण, संचालक बैटरी आदि में होता है।
मानव अमाशय में मुख्य रूप से हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) स्रावित होता है जो भोजन को पचाने तथा रोगाणुओं को नष्ट करने का कार्य करता है। साथ ही अल्प मात्रा में अन्य क्लोराइड लवण उपस्थित होते हैं।
……….सोना को घोल सकता है।
सही उत्तर – (d) एक्वारेजिया
व्याख्या: एक्वारेजिया (अम्लराज) सोना को घोल सकता है। सांद्र नाइट्रिक अम्ल (HNO3) का एक भाग और सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के तीन भाग के मिश्रण को ऐक्वारेजिया नाम से जानते हैं, क्योंकि यह स्वर्ण और प्लेटिनम आदि नोबल धातुओं को भी गला देता है।
पानी में घुलने पर निम्न में से कौन सा एसिड कम H+ आयन देता है?
सही उत्तर – (b) CH3COOH
व्याख्या: एसिटिक अम्ल (CH3COOH) एक दुर्बल अम्ल है, जो पानी में घुलने पर कम H+ आयन प्रदान करता है।
प्रबल अम्ल: वे अम्ल होते हैं जो पानी में मिलाने पर पूरी तरह H+ और ऋणायनों में टूट जाते हैं। जैसे- HCl, H2SO4, HNO3 आदि। ये अम्ल पानी में घुलने पर अधिक मात्रा में H+ देते हैं।
दुर्बल अम्ल: वे अम्ल होते हैं जो पानी में मिलाने पर आंशिक रूप से ही आयनीकृत होते हैं जैसे CH3COOH आदि। ये पानी में घुलने पर अल्प मात्रा में H+ देते हैं।
अम्ल के आधार पर कौन सा सही है?
सही उत्तर – (c) निष्प्रभावीकरण दर्शाता है
व्याख्या: अम्ल एक रासायनिक यौगिक है जो जल में घुलकर हाइड्रोजन आयन (H+) देता है। इसका pH मान 7.0 से कम होता है तथा स्वाद में खट्टा होता है।
अम्ल का जलीय विलयन नीले लिटमस पेपर को लाल कर देता है, अतः विकल्प (a) गलत है। यह H+ उत्पन्न करता है, न कि OH–, अतः (b) गलत है। अम्ल क्षारक को उदासीन कर देता है तथा निष्प्रभावीकरण दर्शाता है, अतः विकल्प (c) पूर्णतः सत्य है।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही/ गलत नहीं है?
कथन:
A. एक अम्ल जो पूरी तरह से आयनों में आयनित हो जाता है, वह H+ आयनों का बड़ी मात्रा में उत्पादन करता है। उदाहरण के लिए: HCl, H2SO4, HNO3
B. एक अम्ल जो आंशिक रूप से जल में आयनित होता है वह H+ आयनों का कम मात्रा में उत्पादन करता है। उदाहरण के लिए: CH3COOH, H2CO3, H2SO3
सही उत्तर – (b) A और B दोनों सही हैं।
व्याख्या: वे पदार्थ जो अपने जलीय विलयन में पूर्णतः आयनित होकर हाइड्रोजन धनायन (H+) का उत्पादन करते हैं, उन्हें प्रबल अम्ल कहते हैं। (जैसे- HCl, H2SO4, HNO3)। अतः कथन A सही है।
इसी प्रकार, ऐसे अम्ल जो जल में आंशिक रूप से ही आयनीकृत होते हैं तथा जिसके फलस्वरूप कम मात्रा में हाइड्रोजन आयन (H+) उत्पन्न होते हैं, उन्हें दुर्बल अम्ल कहते हैं। (जैसे- CH3COOH, H2CO3, H2SO3)। अतः कथन B भी सही है।
इथेनॉल को इथेन में परिवर्तित करने के लिए डीहाइड्रेटिंग एजेंट के रूप में ……….का उपयोग किया जाता है।
सही उत्तर – (c) सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल
व्याख्या: इथेनॉल को इथेन में परिवर्तित करने के लिए डीहाइड्रेटिंग एजेंट (निर्जलीकारक) के रूप में सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल (Concentrated H2SO4) का उपयोग किया जाता है।
यह उच्च तापमान पर इथेनॉल से जल के अणु (H2O) को पृथक कर देता है जिससे एथीन/इथेन प्राप्त होता है।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन अम्ल के बारे में सत्य नही है?
सही उत्तर – (b) यह स्वाद में कड़वा होता है
व्याख्या: अम्ल के संबंध में “यह स्वाद में कड़वा होता है” कथन असत्य है। अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं, जबकि कड़वा स्वाद क्षारों (Bases) का होता है।
ब्रॉन्सटेड तथा लॉरी के सिद्धांत के अनुसार, अम्ल वह रासायनिक यौगिक है जो क्षार को हाइड्रोजन आयन (H+) प्रदान करता है। अम्ल नीले लिटमस को लाल करते हैं तथा सक्रिय धातुओं व बाइकार्बोनेट्स के साथ अभिक्रिया करके क्रमशः हाइड्रोजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न करते हैं।
निम्न में से कौन सा ऑक्साइड अम्लीय नहीं है?
सही उत्तर – (a) CO (कार्बन मोनोऑक्साइड)
व्याख्या: अधातुओं के वे ऑक्साइड जो जल के साथ अभिक्रिया करके अम्ल बनाते हैं, उन्हें अम्लीय ऑक्साइड कहते हैं। जैसे SO2, SO3, NO2, P2O5 आदि।
जबकि CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) जल के साथ अभिक्रिया नहीं करती है और यह एक उदासीन (Neutral) प्रकृति का ऑक्साइड प्रदर्शित करती है।
………. अम्लीय नहीं है।
सही उत्तर – (c) CCl4
व्याख्या: CCl4 (कार्बन टेट्राक्लोराइड) एक अम्लीय यौगिक नहीं है। यह एक उदासीन सहसंयोजक कार्बनिक यौगिक है।
यह एक रंगहीन वाष्पशील द्रव है, इसकी वाष्प वायु से भारी व अज्वलनशील होती है। इसका उपयोग मुख्य रूप से ‘पायरीन’ नाम से अग्निशामक (Fire Extinguisher) के रूप में किया जाता है।
सांद्र नाइट्रिक अम्ल और सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का ………. के अनुपात में मिश्रण, एक्वा रेजिया कहलाता है।
सही उत्तर – (d) 1:3
व्याख्या: सांद्र नाइट्रिक अम्ल (HNO3) और सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) को परस्पर 1:3 के अनुपात में मिश्रित किया जाता है।
इसे अम्लराज या ‘एक्वारेजिया’ कहा जाता है क्योंकि यह स्वर्ण और प्लैटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं को भी गला देता है।
HNO3 + 3HCl → NOCl (नाइट्रोसिल क्लोराइड) + Cl2 + 2H2O
निम्नलिखित में से कौन-सा दुर्बल अम्ल पानी में घुलने पर H+ आयन प्रदान करता है?
सही उत्तर – (b) एसिटिक अम्ल
व्याख्या: एसिटिक अम्ल (CH3COOH) एक मोनोकार्बोक्सिलिक दुर्बल अम्ल है। इसका स्वाद खट्टा और गंध तीखी होती है और यह सिरके (Vinegar) का मुख्य घटक होता है।
पानी में घोलने पर एसिटिक अम्ल आंशिक रूप से वियोजित होता है जिससे एसीटेट आयन तथा हाइड्रोजन धनायन बनते हैं:
CH3COOH → CH3COO– + H+
अम्ल के संबंध में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
सही उत्तर – (b) अम्ल क्षार से अभिक्रिया कर लवण में वृद्धि करते हैं… (गलत कथन)
व्याख्या: अम्ल और क्षार की आपसी अभिक्रिया से लवण और जल का निर्माण होता है, तथा इस विशिष्ट अभिक्रिया को उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction) कहते हैं, न कि अपघटन अभिक्रिया। अतः विकल्प (b) में दिया गया कथन पूर्णतः गलत है।
अन्य सभी कथन (a, c, d) अम्ल के गुणों के संबंध में बिल्कुल सत्य हैं।
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