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मध्यप्रदेश के सभी परीक्षाओं के PYQs- वन लाइनर रूप में
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मध्यप्रदेश के सभी परीक्षाओं के PYQs- वन लाइनर रूप में
Physics कुल प्रश्न:- 653
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चाल = दूरी / समय। चाल की इकाइयाँ सेमी/से., मी./से. तथा किमी/घंटा होती हैं। (Asstt. Auditor, 2018 / ANM Training, 2016)
यदि समयान्तराल Δt में वस्तु का विस्थापन Δx हो, तो वस्तु का तात्क्षणिक वेग v = dx/dt होता है। (Group 03, 2018)
गोली चलने से पहले गोली और बंदूक विरामावस्था में होते हैं, अतः उनका प्रारंभिक वेग शून्य होने के कारण संवेग भी शून्य होता है। (Group 03, 2018)
न्यूटन के गति के नियम का एक भाग विराम के जड़त्व को और दूसरा भाग गति के जड़त्व को दर्शाता है। (जेल प्रहरी, 2015 / Group 03, 2018)
पृष्ठ तनाव = बल / लम्बाई (T = F / L)। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
टक्कर के कारण टकराने वाली दोनों वस्तुओं के संवेगों में परिवर्तन होता है। (ANM Training, 2016)
निकाय का आकार अथवा आकृति बदलने पर भी उसका वेग अपरिवर्तित रह सकता है। (G-3 Sub Engineer, 2018)
बल = द्रव्यमान × त्वरण। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
दाब = बल / क्षेत्रफल। इसकी इकाई न्यूटन/मीटर² (या पास्कल) होती है। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
पवन के वेग को पवनवेगमापी या एनीमोमीटर (Anemometer) के द्वारा मापा जाता है। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
कोई वस्तु एक सेकंड में जितने कम्पन पूर्ण कर लेती है, उसे उसकी आवृत्ति (Frequency) कहते हैं। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
द्रव के अंदर किसी बिन्दु पर दाब द्रव की सतह से ऊर्ध्वाधर गहराई (h), द्रव के घनत्व (ρ) एवं गुरुत्वीय त्वरण (g) पर निर्भर करता है। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
समय के साथ वेग में परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं। (ANM Training, 2016)
लोलक की गति सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion) होती है। (ANM Training, 2016)
बर्फ का घनत्व जल के घनत्व से कम होता है, इसलिए बर्फ पानी पर तैरती है। (B.A. B.Ed./B.Sc. B.Ed., 2016)
एकसमान त्वरित गति में वेग-समय ग्राफ की ढाल (प्रवणता) त्वरण के बराबर होती है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
जब कोई वस्तु एक निश्चित समय के पश्चात् एक निश्चित पथ पर बार-बार अपनी गति को दोहराती है, तो इस गति को आवर्ती गति कहते हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
यदि वस्तु का वेग एकसमान है, तो वह प्रत्येक मात्रक समय में उसी दिशा में समान दूरी तय करती है। (M.P.S.I., 2016)
जब कोई वस्तु किसी समतल में गति करती है, तो उसकी इस गति को द्विविमीय गति कहते हैं। (M.P.S.I., 2016)
न्यूटन के प्रथम नियमानुसार- जो वस्तु स्थिर है वह स्थिर ही रहेगी और जो गतिमान है वह उसी वेग से चलती रहेगी, जब तक उस पर कोई बाह्य बल न लगाया जाए। (Jail Department, 2016)
रेखीय संवेग संरक्षण नियमानुसार- यदि किसी निकाय पर कोई बाह्य बल न लग रहा हो, तो उस निकाय का सम्पूर्ण रेखीय संवेग नियत रहता है। (ANM Training, 2016)
पृथ्वी की सतह पर वायुमंडलीय दाब का मान लगभग 1.013 × 10⁵ न्यूटन/मीटर² होता है। (ANM Training, 2016)
दाब = बल / क्षेत्रफल। दाब की SI इकाई न्यूटन/मीटर² (पास्कल) है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
वायुमंडलीय दाब अचानक कम होने पर अन्य स्थानों से वायु तीव्र वेग से बहकर आने लगती है (आंधी-तूफान की संभावना)। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
जब कोई वस्तु वृत्तीय मार्ग में गति करती है, तो उसकी इस गति को वृत्तीय गति कहते हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
4°C पर जल का घनत्व अधिकतम (1.0 × 10³ किग्रा/मीटर³) होता है। (म.प्र. होमगार्ड प्लाटुन कमांडर, 2016)
तना हुआ गोफना विरामावस्था में होता है। (ANM Training, 2016)
किसी गैस का ताप उस गैस के आयतन, दाब एवं अणुओं की गतिज ऊर्जा पर निर्भर करता है। (ANM Training, 2016)
0 K = -273°C; इस ताप को परम शून्य ताप कहते हैं। (M.P.S.I., 2016)
क्वांटम यांत्रिकी के अंतर्गत सूक्ष्म स्तर पर प्रकाश व कणों के व्यवहार की व्याख्या की जाती है। (ANM Training, 2016)
दूरी और चाल अदिश राशियाँ हैं, इनका मान कभी ऋणात्मक नहीं होता है। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
किसी वस्तु पर लगने वाले धक्के या खिंचाव को बल कहते हैं। बल परिमाण व दिशा दोनों रखने के कारण एक सदिश राशि है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
किसी तरल द्वारा किसी सतह पर डाले गए बल को मापने का यंत्र मेनोमीटर कहलाता है। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
केप्लर के ग्रहीय गति नियमों के अनुसार सभी ग्रहों की कक्षाएँ दीर्घवृत्ताकार होती हैं तथा सूर्य कक्षा के नाभिक (फोकस) पर होता है। (Post Graduate Selection, 2016)
एक विशेष दिशा में गतिमान वस्तु के स्थिति परिवर्तन को विस्थापन कहते हैं, यह एक सदिश राशि है। (Jail Department, 2015)
किसी पिण्ड पर बाह्य बल आरोपित करने पर उसकी दिशा, गति, आकृति तथा आकार परिवर्तित किए जा सकते हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
एक वस्तु दूसरी वस्तु के प्रत्यक्ष भौतिक सम्पर्क में आए बिना भी उस पर (जैसे गुरुत्वाकर्षण या चुम्बकीय) बल आरोपित कर सकती है। (M.P.S.I., 2016)
गुरुत्वीय बल के कारण ही ऊपर की ओर फेंकी गई प्रत्येक वस्तु पृथ्वी तल पर वापस लौट आती है। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
सम्पर्क बल दो सतहों के बीच लगने वाला बल है जो उनके मध्य सापेक्ष गति का विरोध करता है। (ANM Training, 2016)
गुरुत्वाकर्षण बल एक पारस्परिक अन्योन्य क्रिया (क्रिया-प्रतिक्रिया) का बल है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
घर्षण बल एक गति-विरोधी बल है, जो सम्पर्क सतहों के क्षेत्रफल से स्वतंत्र होता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
सर्पी घर्षण में फिसलने वाले पिण्ड का वही तल सदैव दूसरे पिण्ड के सम्पर्क में रहता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
ताप बढ़ाने पर असंजक बल कम होने के कारण द्रव का पृष्ठ तनाव घट जाता है। (ANM Training, 2016)
बल = द्रव्यमान × त्वरण; इसका मात्रक किलोग्राम·मीटर/सेकंड² (न्यूटन) होता है। (ANM Training, 2016)
जब किसी ठोस को किसी द्रव में डुबाया जाता है, तो वह ऊपर की ओर एक बल अनुभव करता है जिसे उत्प्लावन बल (Buoyant force) कहते हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
गुरुत्वाकर्षण बल प्रकृति में सबसे क्षीण बल होता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
गेंद को दबाकर छोड़ने पर वह प्रत्यास्थता के कारण पुनः अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ जाती है। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)