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मध्यप्रदेश के सभी परीक्षाओं के PYQs- वन लाइनर रूप में
Biology कुल प्रश्न:- 470
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• संधिपाद (Arthropoda) प्राणी जगत का सबसे बड़ा संघ है। पृथ्वी पर संधिपाद की लगभग दो तिहाई जातियाँ हैं, इसमें कीट भी शामिल हैं। (मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
• ये सभी अण्डे देने वाले प्राणी हैं, इन्हें अण्डप्रजक या ओवीपेरस प्राणी भी कहा जाता है। (जेल प्रहरी वन रक्षक, 2017)
• मछली, मेढक, छिपकली, साँप आदि अण्ड-प्रजक जीव हैं। (जेल प्रहरी वन रक्षक, 2017)
• अमीबा जल में पाए जाने वाले सूक्ष्म जीवों को अपना आहार बनाता है। वह अपने भोजन को किसी भी सतह से कूटपाद के द्वारा ग्रहण कर लेता है। (ANM Training, 2016)
• यूकैरियोट एक जीव को कहा जाता है जिसकी कोशिकाओं में झिल्लियों में बंद असरल ढाँचे हों। (ANM Training, 2016)
• अमीबा एककोशिकीय जीव है तथा इसमें पादाभ (कूटपाद) पाए जाते हैं। परजीवी अमीबा संग्रहणी का कारण बनता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
• बहुत से सहजीवी जीवाणु और अंतरकोशिक यीस्ट आहारनाल की कोशिकाओं में रहते हैं और पाचन क्रिया में सहायता करते हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
• खमीर एक कवक है। यह शर्करायुक्त कार्बनिक पदार्थ में बहुतायत से पाया जाने वाला विशेष प्रकार का कवक है। (श्रमनिरीक्षक, कनिष्ठ सहायक, 2017)
• प्लेटीहेल्मिन्थीज संघ के अधिकांश जंतु परजीवी होते हैं। जन्तु प्रायः फीते के आकार के चपटे या पत्ती की आकृति के होते हैं, जैसे- फीताकृमि (टेपवर्म), प्लेनेरिया आदि। (जेल प्रहरी, 2018)
• जीवाणु जैव पोषक तत्वों से युक्त नम भूमि में पनपते हैं। इनकी उपस्थिति से भूमि में नाइट्रोजनयुक्त पोषक तत्वों की वृद्धि होती है। (ANM Training, 2016)
• पक्षियों का शरीर तीन भागों में बँटा होता है- सिर, गर्दन एवं धड़। इनका शरीर परों से ढँका रहता है। इनके जबड़ों में दाँत नहीं होते हैं। (ANM Training, 2016)
• न्यूरोस्पोरा एक कवक है, जिसे आमतौर पर गुलाबी ब्रेड मोल्ड के रूप में जाना जाता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
• ई. कोलाई एक ग्राम ऋणात्मक, विकल्पी अवायुजीवी, छड़ी-आकृति का बैक्टीरिया है जो आमतौर पर स्वस्थ लोगों और जानवरों की आँतों में रहते हैं। (M.P.S.I., 2016)
• सूअर आर्टियोडेक्टिला गण के सुइडी कुल के जीव हैं, जिनमें संसार के सभी जंगली एवं पालतू सूअर सम्मिलित हैं। (समग्र सामाजिक सुरक्षा विस्तार, 2017)
• असमतापी (शीतरक्त) वे प्राणी हैं जिनके शरीर का ताप बाह्य वातावरण के अनुसार बदला करता है, जैसे- कीड़े, सर्प, छिपकली, कछुआ, मेंढक, मछली आदि। (Sub Engineer, 2017)
• सरीसृप प्राणी-जगत का एक समूह है जो पृथ्वी पर रेंग कर चलते हैं, जैसे- साँप, छिपकली, मगरमच्छ आदि। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
• मेंढक का बच्चा (टैडपोल) एक नन्हीं मछली जैसा लगता है, लेकिन कुछ ही दिनों में पूरी तरह परिवर्तित होकर मेंढक बन जाता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
• स्पंज एक अमेरूदण्डी, पोरीफेरा संघ का समुद्री जीव है। यह मीठे एवं खारे पानी में पाया जाता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
• व्हेल समुद्रों में रहने वाला एक स्तनधारी प्राणी है, जिसे जीव-वैज्ञानिक वर्गीकरण के नजरिए से सीटेशया के गण में शामिल किया जाता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
• पक्सिनिया कवक का एक जीनस है। इस जीनस की सभी प्रजातियाँ पादप रोगजनकों को परिशोधित करती हैं और जंग के रूप में जानी जाती हैं। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
• ऐसे जीव जो ऑक्सीजन पूर्ण पर्यावरण में जीवित रहकर पनपते हैं, वायवीय जीवाणु कहलाते हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
• खोखली हड्डियाँ (Pneumatic Bones) पक्षियों में पाई जाती हैं। (ANM Training, 2016)
• बैक्टीरिया या जीवाणु जगत-मोनेरा के अन्तर्गत रखे गए सूक्ष्मजीव हैं जो कि प्रोकैरियोटिक प्रकार की कोशिकाएँ हैं। (G.3- Sub Engineer, 2018)
• मोनेरा जगत बैक्टीरिया का प्रतिनिधित्व करता है। (ANM Training, 2016)
• जैविक नाइट्रोजन फिक्सर नीले-हरे शैवाल (Blue Green Algae) हैं। (ASH Auditor, 2015)
• कंगारू जरायुज (Viviparous) पशु का उदाहरण है। (श्रमनिरीक्षक, 2017)
• चार कक्षित हृदय वाला सरीसृप मगरमच्छ है। (म. प्र. पुलिस आरक्षक, 2017)
• यीस्ट एककोशिकीय कवक का उदाहरण है। (G.3- Sub Engineer, 2018)
• सबसे बड़ा पक्षी ऑस्ट्रिच (शतुर्मुर्ग) है। (म. प्र. पुलिस सब इंस्पेक्टर, 2017)
• अमीबा बिना मुख के अपने भोजन को कूटपाद द्वारा निगलता है। (Sub. Engineer, 2017)
• पेनिसिलियम कवक का सदस्य है, इसे नीली या हरी फफूंदी भी कहा जाता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
• जेली फिश में वास्तविक फिश की तरह रीढ़ की हड्डी नहीं होती है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
• कौआ ताल समुदाय का सदस्य नहीं है, जबकि मछली, मेंढक और जीवाणु ताल समुदाय के सदस्य हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
• चूहे और मगरमच्छ दोनों के हृदय में चार कक्ष पाये जाते हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
• पक्षी द्वारा होने वाला परागण ‘ऑर्निथोफिली’ कहलाता है। (मध्यप्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर, 2017)
• जलीय जीवधारियों में श्वसन दर स्थलीय जीवधारियों से अधिक होती है, क्योंकि पानी में घुलित ऑक्सीजन वातावरणीय ऑक्सीजन से कम होती है। (ANM Training, 2016)
• यीस्ट जगत-कवक के अन्तर्गत आने वाला एककोशिकीय जीव है जो मुकुलन द्वारा वृद्धि करता है। (G.3- Sub Engineer, 2018)
• ‘लिटमस’ एक प्राकृतिक रंजक है, जो लाइकेन से प्राप्त होता है। (ANM Training, 2016)
• एल्गी अथवा शैवाल को थैलोफाइट समूह के अन्तर्गत रखा गया है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
• अमीबा के आभासी पैर (कूटपाद) भोजन पकड़ने और गति करने के लिए होते हैं। (ANM Training, 2016)
• द्विविखंडन अमीबा में पाया जाता है। (जेल प्रहरी, 2015)
• चिड़ियों की चोंच में दाँत नहीं होते हैं। (ANM Training, 2016)
• कार्प मछली मूलतः चीन देश की है। भारतवर्ष में इसका प्रथम पदार्पण मिरर कार्प के रूप में सन् 1930 में हुआ था। (ANM Training, 2016)
• युग्लीना एक क्लोरोफिलयुक्त हरा प्रोटोजोआ है जिसे जंतुओं और पादपों के मध्य की संयोजक कड़ी कहते हैं। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
• जाति जीवों के जीव वैज्ञानिक वर्गीकरण में सबसे बुनियादी और निचली श्रेणी होती है। (ANM Training, 2016)
• बायसन गोवंश के जीव वैज्ञानिक कुल में विशाल समखुरीय प्राणियों का एक जीव वैज्ञानिक वंश है। (Sub Group 4 AG 1 & 3, 2018)
अध्याय-3: जैव विकास के सिद्धान्त एवं मानव का उद्विकास / पारिस्थितिकी
• प्रजातियाँ जो अब पृथ्वी पर कहीं भी मौजूद नहीं हैं, उनको विलुप्त प्रजातियाँ कहा जाता है। (श्रम निरीक्षक, 2017)
• डोडो पक्षी विलुप्त प्रजातियों का प्रमुख उदाहरण है। (श्रम निरीक्षक, 2017)
• पूर्वी हिमालय तथा पश्चिमी घाट भौगोलिक क्षेत्र का युग्म हमारे देश में अधिकतम जैव विविधता दर्शाता है। (जेल प्रहरी, 2017)
• पादपों की ग्लानि का कारण अधिक वाष्पोत्सर्जन है। (जेल प्रहरी, 2017)
• हमें जैव विविधता को संरक्षित करने की आवश्यकता है क्योंकि यह पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
• अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 22 मई को मनाया जाता है। (म. प्र. पुलिस आरक्षक, 2017)
• प्राकृतिक चयन (Natural Selection) की अवधारणा सर्वप्रथम चार्ल्स डार्विन द्वारा दी गई थी। (M.P.S.I., 2016)
• उपार्जित लक्षणों की वंशानुगति का सिद्धांत लैमार्क द्वारा प्रस्तावित किया गया था। (जेल प्रहरी, 2015)
• कवक नमी वाले स्थानों पर शीघ्रता से उगते हैं। ब्रेड में अधिक नमी होने के कारण उस पर तेजी से कवक वृद्धि करेगा। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
• मेंढक में लार्वा अवस्था लंबी, पतली, गिल्सयुक्त तथा पूँछवाली होती है जो वयस्क अवस्था में फेफड़ेयुक्त एवं पूँछविहीन हो जाती है। इसे कायान्तरण कहते हैं। (उपयंत्री- सिविल इंजीनियर, 2016)
• वायरस या विषाणु जब अपने होस्ट जीव पर आक्रमण करता है तो उसके DNA की कार्यविधि पर नियंत्रण कर प्रजनन मशीनरी को अपने नियंत्रण में ले लेता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
• हाइड्रा को यदि अनेक खण्डों में काट दिया जाए तो प्रत्येक खण्ड पुनर्जनन द्वारा नए हाइड्रा का निर्माण कर देता है। (जेल प्रहरी, 2015)
• पेलेंटोलॉजी में जीवाश्मों का अध्ययन किया जाता है। (म. प्र. पुलिस सब इंस्पेक्टर, 2017)