MP ESB Science PYQs , Part-21 One Liner Biology

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मध्यप्रदेश के सभी परीक्षाओं के PYQs – Biology

मध्यप्रदेश के सभी परीक्षाओं के PYQs- वन लाइनर रूप में
Biology कुल प्रश्न:- 470

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अध्याय-1: जीव विज्ञान (परिचय एवं शाखाएं)
विज्ञान की वह शाखा जिसमें सूक्ष्मजीवों का अध्ययन किया जाता है, कीट विज्ञान कहलाती है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
सबसे छोटे प्रोकैरियोटिक जीव माइक्रोप्लाज्मा कहते हैं। (म. प्र. पुलिस आरक्षक, 2017)
पेलेंटोलॉजी में जीवाश्म का अध्ययन होता है। (म. प्र. पुलिस सब इंस्पेक्टर, 2017)
यदि एक जीव, विभाजन के एक तल में दो समान टुकड़ों में काटा जा सकता है, तो उस जीव को द्विपार्श्व-सममित कहते हैं। (जेल प्रहरी, 2018)
वे सूक्ष्मजीव जो परपोषी जीव के शरीर के अन्दर ही प्रजनन करते हैं, वायरस कहलाते हैं। (श्रम निरीक्षक, 2017)
मशरूम सूक्ष्म जीव नहीं है जबकि जीवाणु, यीस्ट, अमीबा सूक्ष्मजीव हैं। (ANM Training, 2016)
जीव विज्ञान की वह शाखा जिसके अन्तर्गत ऊतकों और उनके संगठनों से संबंधित अध्ययन किया जाता है, ऊतक विज्ञान कहलाती है। (ANM Training, 2016)
जीवों द्वारा शरीर में ठोस भोजन को शरीर के अंदर ले जाना अंतर्ग्रहण कहलाता है। (ANM Training, 2016)
शैवाल और कवक लाइकेन में दो निकटता से सम्मिलित जीव हैं, जो परस्पर लाभान्वित होते हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
दो विभिन्न जीवों में सम्बन्ध जो एक साथ रहते हैं और परस्पर लाभान्वित हैं, सहजीवी कहलाते हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
गति के लिए युग्लीना जीव कशाभिका का इस्तेमाल करता है। (म. प्र. पुलिस आरक्षक, 2016)
रिंगवार्म एक सूक्ष्मजीव है, जो कवक से संबंधित है। (ANM Training, 2018)
कीवी एक न उड़ सकने वाला पक्षी है। (ANM Training, 2018)
जन्तुओं के मछलियों वर्ग में हृदय ऑक्सीजन रहित रक्त को पम्प करता है। (जेल प्रहरी, 2015)
मछली जलीय पर्यावरण पर आश्रित जलचर जीव है तथा जलीय पर्यावरण को संतुलित रखने में इसकी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वैज्ञानिकों द्वारा मछली को जीवन सूचक माना गया है। (ANM Training, 2016)
मछलियों के हृदय विऑक्सीजनित रुधिर बाहर को पंप करता है, क्लोम द्वारा ऑक्सीजनित होकर शरीर के विभिन्न भागों में पहुँचाया जाता है तथा वहाँ से विऑक्सीजनित रक्त हृदय में वापस आता है। इस क्रिया को एकल परिसंचरण कहते हैं। (जेल प्रहरी, 2015)
उल्लू रात्रि में जागता है और चमगादड़ रात्रि में उड़ता और भोजन की तलाश करता है जबकि कौआ और गौरेया दिन में घूमते हैं। उल्लू और चमगादड़ स्तनधारी जीव हैं। ये पक्षी की श्रेणी में नहीं आते हैं। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
एन्टोनी वॉन ल्यूवेनहॉक ने सूक्ष्मदर्शी का आविष्कार किया। इन्हें ‘फादर ऑफ माइक्रोबायोलॉजी’ कहा जाता है। इन्होंने सर्वप्रथम ‘सूक्ष्मजीव विज्ञान’ अध्ययन की नींव रखी। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
किसी क्षेत्र विशेष में पाए जाने वाले घोड़ों के समूह के लिए जनसंख्या शब्द का उपयोग किया जा सकता है। समान जाति के जीवों के समूह जो एक क्षेत्र में रहते हैं, को जनसंख्या कहते हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
जीव के शरीर पर बनी संरचना के अलग होने से बना जीव मुकुलन कहलाता है। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
प्रोटोजोआ एक एककोशिकीय जीव है। इनकी कोशिका यूकैरियोटिक प्रकार की होती है। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
हाइड्रा निडेरिया संघ का जन्तु है। इस जलीय जन्तु का आकार कुछ मिलीमीटर का होता है तथा इनके अध्ययन के लिए सूक्ष्मदर्शी यंत्र की आवश्यकता पड़ती है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
कशेरूकी प्राणि साम्राज्य के कॉरडेटा समुदाय का सबसे बड़ा उपसमुदाय है, जिसके सदस्यों में रीढ़ की हड्डियाँ विद्यमान रहती हैं। इनमें मछलियाँ, शार्क, उभयचर, सरीसृप, स्तनपोषी एवं चिड़ियाँ शामिल हैं। (जेल प्रहरी, 2015)
द्विनाम पद्धति जीवों के नामकरण की पद्धति है। इसके अनुसार दिए गए नाम के दो अंग होते हैं जो जीव के वंश एवं जाति को दर्शाते हैं, जैसे- ‘एलिअम सेपा’। (ANM Training, 2016)
होमो सेपियन्स, आधुनिक मानव स्तनपायी सर्वाहारी प्रधान जंतुओं की एक जाति है, जो बात करने, अमूर्त सोचने, ऊर्ध्व चलने तथा परिश्रम के साधन बनाने योग्य है। (M.P.S.I., 2016)
एंटोन वोन ल्यूवेनहॉक एक डच जीव वैज्ञानिक थे। वे सूक्ष्मजीव विज्ञान के जनक माने जाते हैं। उनके सूक्ष्मदर्शी यंत्र ने जीव-विज्ञान की दुनिया में क्रांति ला दी थी। (जेल प्रहरी, 2015)
अध्याय-2: वर्गीकी (Taxonomy)
उत्पत्ति में भिन्न तथा कार्य में समान अंगों को अनुरूप अंग या एनालॉगस अंग कहते हैं। पक्षी, चमगादड़ और कीट के पंख अनुरूप अंग हैं। (G.3- Sub Engineer, 2018)
मोनेरा जगत में सभी प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं को रखा गया है जैसे- बैक्टीरिया, BGA आदि। (G.3- Sub Engineer, 2018)
मेंढक की त्वचा श्वसन अंग की तरह कार्य करती है। जब मेंढक जमीन के अंदर सुप्तावस्था में रहता है तो वह त्वचा द्वारा श्वसन करता है और जागृत अवस्था में जमीन के ऊपर रहते हुए फेफड़ों द्वारा श्वसन करता है। (पैरामेडिकल टेस्ट, 2015)
कॉकरोच में अग्रांत्र और मध्यांत्र के संधि स्थल पर हिपेटिक सीका होता है। इसका कार्य पाचन के लिए पाचक रस का स्रावण करना है। (ANM Training, 2016)
लायन-टेल्ड मकाक पुरानी दुनिया का बंदर है। यह शेर की तरह बड़े बालोंनुमा मुँह का होता है जिनका रंग सफेद/सिल्वर होता है। (ANM Training, 2018)
सभी बहुकोशिकीय जीवों के शरीर को दो सतहों – अधर (वेण्ट्रल) अर्थात् आगे वाली सतह और पृष्ठीय (डार्सल) अर्थात् पीछे वाली सतह में बाँटा गया है। (M.P.S.I., 2016)
क्लैमाइडोमोनास एककोशिकीय प्रोकैरियोटिक शैवाल है जिसमें प्रकाश संश्लेषी वर्णक क्लोरोफिल पाया जाता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
मध्यावस्था या मेटाफेज में DNA या गुणसूत्र मध्य रेखा पर कतारबद्ध रूप से जोड़ों में विन्यस्त हो जाते हैं, जिनके सेन्ट्रोमीयर्स केंद्र की ओर तथा भुजाएँ ध्रुवों की ओर विन्यस्त होती हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
शैवाल में पूर्ण ऑक्सी श्वसन द्वारा शर्करा को CO2 में बदल दिया जाता है जबकि कवक और जीवाणुओं में मुख्यतः अवायुवीय श्वसन होता है। विषाणुओं में श्वसन नहीं होता। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
विषाणु या वायरस को जीव-निर्जीव के मध्य संयोजी कड़ी कहा जाता है क्योंकि यह सजीव कोशिका के अंदर सजीवों के समान प्रजनन करने की क्षमता रखता है और निर्जीवों के समान इसमें उपापचयी क्रियाओं, जीवद्रव्य आदि का अभाव होता है। (जेल प्रहरी, 2012)
सभी कवक प्रजनन के दौरान करोड़ों की संख्या में छोटे-छोटे दानेनुमा संरचना बीजाणु या स्पोर्स बनाते हैं जो अनुकूल सतह पर गिरकर अंकुरण द्वारा नया कवक बना देते हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
मेढ़क का लार्वा टेडपोल लार्वा कहलाता है। यह दिखने में मछली जैसा दिखता है। यह जल के अंदर रहता है और श्वसन गिल्स द्वारा करता है। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
कवकों को पाँच जगत वर्गीकरण में एक पृथक जगत ‘जगत फंजाई’ (कवक जगत) में रखा गया है। ये तन्तुवत, रंगहीन, प्रकाश संश्लेषण विहीन एवं परपोषी जीव हैं जिनमें काइटिन की बनी सेल वॉल पायी जाती है। (ANM Training, 2016)
विषमदंती जीवों में दाँत चार प्रकार के – इंसाइजर्स, केनाइन, प्रिमोलर एवं मोलर पाये जाते हैं। (ANM Training, 2016)
मेंढक जमीन के अंदर अथवा जल के अंदर त्वचा द्वारा और स्थल पर मुख और फेफड़ों द्वारा श्वसन करता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
अधिकांश कवकों में मृतोपजीवी पोषण पाया जाता है। (M.P.S.I., 2016)
सरीसृप, कीट एवं मरुस्थलीय प्राणी अपने शरीर से जल की अतिरिक्त हानि को रोकने के लिए विशेष अनुकूलन प्रणाली अपनाते हैं। (जेल प्रहरी, 2015)
पेनिसिलिन को पेनिसिलियम कवक की प्रजातियों से प्राप्त किया जाता है। (जेल प्रहरी, 2015)
व्हेल लगभग 30 हाथियों के भार के बराबर होती है, जल में रहने के लिए इसका शरीर मछली जैसा होता है। (ANM Training, 2016)
किंगफिशर कोरासीफोर्म्स वर्ग के छोटे से मध्यम आकार के चमकीले रंग के पक्षियों का एक समूह है। (मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
कवक में पर्णहरित का अभाव होता है, अतः ये प्रकाश-संश्लेषण नहीं कर पाते हैं। (श्रमनिरीक्षक, कनिष्ठ सहायक, 2017)
अमीबा निराकार सूक्ष्म एककोशिकीय जीव है। इसकी अधिकांश जातियाँ नदियों, तालाबों, मीठे पानी की झीलों आदि में पाई जाती हैं। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
प्रोटिस्टा जगत में मुख्य रूप से एककोशिकीय जीव एवं यूकैरियोटिक जीव शामिल किये गये हैं। (मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)

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