MP Police Science PYQs 2025- उत्सर्जन तंत्र

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वर्ष 2025-26 Science PYQs – Tez Education
वर्ष 2025-26 Science PYQs

जीवविज्ञान (BIOLOGY) : उत्सर्जन तंत्र (Excretory System)

मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक परीक्षा (MP Police Constable) महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

YouTube: Tez Education MP Police कॉन्स्टेबल, SI व अन्य परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न
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1

एक स्वस्थ वयस्क प्रतिदिन लगभग 180 लीटर प्रारंभिक निस्यंदन उत्पन्न करता है, लेकिन केवल 1-2 लीटर मूत्र उत्सर्जित करता है। इस आयतन में कमी के लिए कौन-सी प्रक्रिया उत्तरदायी है?

A. बोमन कैप्सूल में निस्पंदन
B. डायलिसिंग द्रव (अपोहन द्रव) में विसरण
C. गुर्दे की नलिकाओं में चयनात्मक पुनः अवशोषण
D. मूत्राशय की दीवारों के माध्यम से परासरण

सही उत्तर: C. गुर्दे की नलिकाओं में चयनात्मक पुनः अवशोषण

व्याख्या- वृक्क नलिकाओं (Kidney tubules) में ‘चयनात्मक पुनःअवशोषण’ (Selective Reabsorption) की प्रक्रिया द्वारा प्रारंभिक निस्यंद (Filtrate) में से लगभग 99% उपयोगी विलेय पदार्थ (जैसे ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, सोडियम लवण) और अधिकांश जल वापस रक्त में अवशोषित कर लिया जाता है। इसी कारण प्रतिदिन बनने वाले 180 लीटर निस्यंद में से केवल 1-2 लीटर मूत्र ही उत्सर्जित होता है।

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2

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन डायलिसिस की प्रक्रिया को प्राकृतिक गुर्दा क्रिया से सही रूप में अलग करता है?

A. इसमें विसरण और चयनात्मक पुनः अवशोषण शामिल है।
B. डायलिसिस में केवल विसरण होता है, जबकि गुर्दे पुनः अवशोषण भी करते हैं।
C. डायलिसिस निस्पंदन को रोकता है, जबकि गुर्दे निस्पंदन करते हैं।
D. निस्पंदन की कमी होती है लेकिन यह परासरण दबाव पर निर्भर करता है।

सही उत्तर: B. डायलिसिस में केवल विसरण होता है, जबकि गुर्दे पुनः अवशोषण भी करते हैं।

व्याख्या- कृत्रिम गुर्दा (Hemodialysis) केवल विसरण (Diffusion) की प्रक्रिया द्वारा रक्त से अतिरिक्त अपशिष्टों और विषैले पदार्थों को हटाता है। इसमें प्राकृतिक वृक्क (गुर्दे) की भांति नलिकीय चयनात्मक पुनःअवशोषण (Selective Tubular Reabsorption) की प्रक्रिया नहीं होती है।

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3

मनुष्यों में मूत्र निर्माण का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

A. शरीर के तापमान को बनाए रखना
B. रक्त से नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट को छानता और हटाता है
C. चयापचय के लिए ऊर्जा प्रदान करता है
D. ऊतकों में ऑक्सीजन की सांद्रता को संतुलित करता है

सही उत्तर: B. रक्त से नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट को छानता और हटाता है

व्याख्या- मनुष्यों में मूत्र निर्माण का प्राथमिक उद्देश्य रक्त में से यूरिया, यूरिक एसिड जैसे विषैले नाइट्रोजनयुक्त उत्सर्जी अपशिष्टों को छानकर बाहर निकालना तथा शरीर में जल और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना है।

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4

पौधे अपने पत्तों का उपयोग उत्सर्जन की रणनीति के रूप में कैसे करते हैं?

A. अपशिष्ट को पत्तियों के रिक्तिकाओं में संग्रहित करते हैं, जिन्हें बाद में गिरा दिया जाता है
B. अपशिष्ट को ऑक्सीजन में परिवर्तित करते हैं, जिसे पत्तियों से छोड़ा जाता है
C. रेज़िन का वाष्पोत्सर्जन स्टोमाटा के माध्यम से करते हैं
D. अपशिष्ट को पत्तियों की सतह पर स्रावित करते हैं

सही उत्तर: A. अपशिष्ट को पत्तियों के रिक्तिकाओं में संग्रहित करते हैं, जिन्हें बाद में गिरा दिया जाता है

व्याख्या- पौधे कई अपशिष्ट उत्पादों को पत्तियों की कोशिकाओं की रसधानियों/रिक्तिकाओं (Vacuoles) में संचित कर लेते हैं। जब पत्तियां सूखकर या पुरानी होकर गिरती हैं (पर्णपात), तो ये संचित अपशिष्ट पौधे से अलग हो जाते हैं।

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5

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अच्छी तरह यह समझाता है कि बहुकोशिकीय जीवों को उत्सर्जन के लिए विशिष्ट अंगों की आवश्यकता क्यों होती है?

A. वे नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट उत्पन्न नहीं करते
B. उनका चयापचय अपशिष्ट विषैला नहीं होता
C. शरीर की जटिलता के कारण केवल विसरण अपर्याप्त होता है
D. गैसीय अपशिष्ट केवल प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से ही हटाए जाते हैं

सही उत्तर: C. शरीर की जटिलता के कारण केवल विसरण अपर्याप्त होता है

व्याख्या- बहुकोशिकीय जीवों की शारीरिक संरचना अत्यधिक जटिल और विशाल होती है, जिससे सभी कोशिकाएं सीधे बाह्य वातावरण के संपर्क में नहीं रहतीं। अतः केवल साधारण विसरण (Diffusion) द्वारा अपशिष्टों का निष्कासन संभव नहीं होता, जिसके लिए विशिष्ट उत्सर्जन अंगों की आवश्यकता होती है।

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6

पत्तियों का गिरना पौधों के उत्सर्जन में सहायक क्यों होता है?

A. संग्रहीत कचरे को हटाता है
B. वाष्पोत्सर्जन रोकता है
C. प्रकाश संश्लेषण बढ़ाता है
D. संक्रमण को रोकता है

सही उत्तर: A. संग्रहीत कचरे को हटाता है

व्याख्या- पौधे अपने उपापचयी अपशिष्टों को पुरानी और परिपक्व पत्तियों में संग्रहित कर लेते हैं। पर्णपात (पत्तियों के झड़ने) द्वारा ये संग्रहीत अपशिष्ट पदार्थ पौधे के शरीर से पूरी तरह निष्कासित हो जाते हैं।

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पौधों में कौन-सी प्रक्रिया अतिरिक्त पानी को उत्सर्जन के रूप में निकालने में मदद करती है?

A. स्थानांतरण
B. वाष्पोत्सर्जन
C. श्वसन
D. गटेशन

सही उत्तर: B. वाष्पोत्सर्जन

व्याख्या- पौधों में वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) मुख्य प्रक्रिया है जिसके द्वारा रंध्रों (Stomata) के माध्यम से अतिरिक्त जल जलवाष्प के रूप में उत्सर्जित किया जाता है। (नोट: कुछ पौधों में गटेशन द्वारा भी जल बूंदों के रूप में निकलता है, परंतु व्यापक उत्सर्जन प्रक्रिया वाष्पोत्सर्जन है।)

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8

पौधे अनेक अपशिष्ट उत्पादों को रिक्तिकाओं में बिना किसी तत्काल हानि के संग्रहीत करने में सक्षम क्यों होते हैं?

A. अपशिष्टों को नष्ट करते हैं
B. अविषैले होते हैं
C. अपशिष्ट को अलग-थलग करते हैं
D. मिट्टी में स्रावित करते हैं

सही उत्तर: C. अपशिष्ट को अलग-थलग करते हैं

व्याख्या- पादप कोशिकाओं में रिक्तिकाएं (Vacuoles) टोनोप्लास्ट झिल्ली से घिरी होती हैं। ये रिक्तिकाएं संचित अपशिष्ट पदार्थों को सक्रिय कोशिकाद्रव्य (Metabolically active cytoplasm) से अलग-थलग (Isolate) रखती हैं, जिससे कोशिका की उपापचयी क्रियाओं को कोई क्षति नहीं पहुंचती।

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निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना कार्यात्मक रूप से फेफड़ों की एल्वियोली (वायुकोष्ठिकाओं) के सबसे समान है?

A. बोमन कैप्सूल
B. मूत्रवाहिनी
C. मूत्राशय
D. मूत्रमार्ग

सही उत्तर: A. बोमन कैप्सूल

व्याख्या- फेफड़ों में एल्वियोली गैसों के आदान-प्रदान के लिए एक अत्यधिक पतली और विस्तृत विनिमय सतह प्रदान करती है। इसी तरह गुर्दे के नेफ्रॉन में स्थित बोमन कैप्सूल (Bowman’s capsule) रक्त के निस्पंदन (Ultrafiltration) के लिए एक विशिष्ट और विस्तृत सतह प्रदान करता है।

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निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प पौधों और जानवरों के उत्सर्जन को सही रूप से अलग करता है?

A. जानवर वाष्पोत्सर्जन करते हैं; पौधे गुर्दों का उपयोग करते हैं
B. जानवर नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट उत्सर्जित करते हैं; पौधे अपशिष्टों को संग्रहित या बहा देते हैं
C. पौधे फेफड़ों पर निर्भर करते हैं; जानवर रंध्रों पर निर्भर करते हैं
D. दोनों विशिष्ट उत्सर्जन अंगों का उपयोग करते हैं

सही उत्तर: B. जानवर नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट उत्सर्जित करते हैं; पौधे अपशिष्टों को संग्रहित या बहा देते हैं

व्याख्या- जंतुओं में यूरिया, यूरिक अम्ल आदि नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्टों को निकालने हेतु विशेष उत्सर्जी अंग (जैसे वृक्क) पाए जाते हैं, जबकि पौधों में कोई विशिष्ट उत्सर्जी अंग नहीं होते; वे अपशिष्टों को रिक्तिकाओं में संचित करते हैं या पुरानी पत्तियों, छाल आदि को गिराकर निष्कासित करते हैं।

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प्रकाश संश्लेषण का कौन-सा अपशिष्ट उत्पाद संचित होने पर हानिकारक माना जाता है?

A. कार्बन डाइऑक्साइड
B. ऑक्सीजन
C. ग्लूकोज़
D. जल

सही उत्तर: B. ऑक्सीजन

व्याख्या- प्रकाश संश्लेषण की प्रकाशिक अभिक्रिया में ऑक्सीजन एक उप-उत्पाद (By-product/अपशिष्ट) के रूप में मुक्त होती है। यदि कोशिकाओं में ऑक्सीजन अत्यधिक मात्रा में संचित हो जाए, तो यह रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) का निर्माण कर कोशिकाओं और ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकती है।

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मूत्र निर्माण से पहले निस्यंद से कौन-से पदार्थ पुनः अवशोषित होते हैं?

A. यूरिया, नमक
B. ग्लूकोज, अमीनो एसिड
C. गैसें, प्रोटीन
D. केवल अपशिष्ट पदार्थ

सही उत्तर: B. ग्लूकोज, अमीनो एसिड

व्याख्या- बोमन कैप्सूल से आगे वृक्क नलिकाओं में प्रारंभिक निस्यंद से ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, आवश्यक लवण और जल की अधिकांश मात्रा का चयनात्मक पुनःअवशोषण (Selective reabsorption) कर लिया जाता है, जबकि यूरिया जैसे अपशिष्ट नलिका में ही रह जाते हैं।

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गुर्दों में जल के पुनः अवशोषण की मात्रा मुख्य रूप से किस कारक पर निर्भर करती है?

A. ग्लूकोज स्तर
B. लवण स्तर
C. शरीर की जल आवश्यकताएँ
D. यूरेटर (मूत्रवाहिनी) दबाव

सही उत्तर: C. शरीर की जल आवश्यकताएँ

व्याख्या- वृक्क नलिकाओं द्वारा जल का पुनःअवशोषण शरीर में उपलब्ध अतिरिक्त जल की मात्रा और उत्सर्जित किए जाने वाले घुलित अपशिष्टों की मात्रा पर निर्भर करता है। यह नियमन मुख्य रूप से पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा स्रावित एंटी-डाययूरेटिक हार्मोन (ADH/वेसोप्रेसिन) द्वारा संचालित होता है।

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उत्सर्जन तंत्र में निम्नलिखित में से कौन-सा ऐच्छिक तंत्रिका नियंत्रण के अधीन है?

A. बोमन कैप्सूल निस्पंदन
B. यूरेटर (मूत्रवाहिनी) का संकुचन
C. नेफ्रॉन में जल पुनः अवशोषण
D. मूत्राशय से मूत्र का उत्सर्जन

सही उत्तर: D. मूत्राशय से मूत्र का उत्सर्जन

व्याख्या- मूत्र त्याग (Micturition) की प्रक्रिया तंत्रिका तंत्र के ऐच्छिक नियंत्रण (Voluntary control) में होती है। यद्यपि मूत्राशय की दीवार का संकुचन अनैच्छिक प्रतिवर्ती क्रिया से शुरू होता है, लेकिन बाह्य मूत्रमार्ग संकोचनी पेशी (External urethral sphincter) पर ऐच्छिक नियंत्रण होने से व्यक्ति कुछ समय तक मूत्र त्याग को रोक सकता है।

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मनुष्य मूत्र त्याग को स्वेच्छा से क्यों रोक सकते हैं?

A. मोटी यूरेटर दीवारें
B. मूत्राशय पेशीय होता है
C. यूरेटर (मूत्रवाहिनी), अप्रत्यास्थ यानी नॉन-इलास्टिक होते हैं
D. मूत्र की मात्रा स्थिर होती है

सही उत्तर: B. मूत्राशय पेशीय होता है

व्याख्या- मूत्राशय एक पेशीय थैलीनुमा अंग (Muscular organ) है जो तंत्रिका तंत्र (Nervous system) के प्रत्यक्ष नियंत्रण में रहता है। इसकी पेशीय संरचना और तंत्रिका नियंत्रण के समन्वय के कारण ही मनुष्य स्वेच्छा से कुछ समय के लिए मूत्र त्याग को विलंबित (delay) कर सकते हैं।

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