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जीवविज्ञान (Biology) – परिसंचरण तंत्र (Circulatory System)
MP Police Constable 2025 PYQs | महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी
उच्च रक्तचाप धमनी के फटने का कारण बन सकता है क्योंकिः
💡 व्याख्या:
धमनिकाओं (आर्टेरियोल्स) के संकुचन से रक्त प्रवाह के विरुद्ध प्रतिरोध बढ़ जाता है, जिससे धमनियों में रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) अत्यधिक बढ़ जाता है और वाहिका की दीवारों पर तनाव बढ़ने के कारण धमनी के फटने का खतरा उत्पन्न हो जाता है।
केशिकाएं रक्त और ऊतकों के बीच पदार्थों के आदान-प्रदान के लिए उपयुक्त होती हैं क्योंकिः
💡 व्याख्या:
केशिकाओं की दीवारें अत्यधिक पतली यानी केवल एक कोशिका जितनी मोटी (single-cell thick) होती हैं। यह पतली भित्ति रक्त और आसपास के ऊतकों के बीच गैसों (ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड), पोषक तत्वों और अपशिष्ट पदार्थों के विसरण व आदान-प्रदान को सुगम बनाती है।
यदि विनिमय के बाद केशिकाएं शिराओं में विलीन नहीं होतीं, तो तुरंत क्या समस्या उत्पन्न होगी?
💡 व्याख्या:
केशिकाएं आगे चलकर शिरिकाओं (वेन्यूल्स) और शिराओं में विलीन होकर रक्त को वापस हृदय तक पहुंचाने का परिसंचरण मार्ग पूरा करती हैं। यदि वे शिराओं में विलीन नहीं होंगी, तो रक्त हृदय में वापस नहीं लौट सकेगा और परिसंचरण तंत्र बाधित हो जाएगा।
शिराएँ धमनियों से मुख्यतः इसलिए भिन्न होती हैं क्योंकिः
💡 व्याख्या:
शिराओं में रक्त का दबाव धमनियों की तुलना में कम होता है, अतः रक्त को उल्टी दिशा में बहने (प्रतिवाह / backflow) से रोकने के लिए शिराओं में आंतरिक कपाट (वाल्व) पाए जाते हैं, जबकि धमनियों में वाल्व नहीं होते हैं। शिराओं में भी चिकनी पेशियों का ऊतक उपस्थित होता है।
किस प्रकार की रक्त वाहिकाओं में रक्तचाप सबसे अधिक होता है?
💡 व्याख्या:
दैहिक धमनियों (Arteries) में रक्तचाप सबसे अधिक होता है, क्योंकि वे सीधे हृदय के निलय (Ventricles) द्वारा उच्च दबाव के साथ पंप किए गए रक्त को पूरे शरीर में ले जाती हैं। जैसे-जैसे रक्त केशिकाओं और शिराओं की ओर बढ़ता है, दबाव निरंतर घटता जाता है।
रक्त का कौन-सा घटक मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्टों का परिवहन करता है?
💡 व्याख्या:
रक्त का तरल भाग यानी प्लाज्मा मुख्य रूप से यूरिया, यूरिक एसिड जैसे नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्टों और कार्बन डाइऑक्साइड (अधिकांशतः घुलित अवस्था में बाइकार्बोनेट आयनों के रूप में) का परिवहन करता है। जबकि आरबीसी मुख्यतः ऑक्सीजन का परिवहन हीमोग्लोबिन के माध्यम से करती है।
मनुष्यों में पम्पिंग अंग क्यों आवश्यक है?
💡 व्याख्या:
मनुष्यों में हृदय एक पेशीय पंपिंग अंग के रूप में कार्य करता है जो निरंतर दबाव उत्पन्न करता है, जिससे ऑक्सीजन, पोषक तत्वों और आवश्यक पदार्थों से युक्त रक्त शरीर के सभी ऊतकों और कोशिकाओं तक प्रभावी व निरंतर रूप से परिसंचारित होता रहे।
“डबल सर्कुलेशन” (दोहरा परिसंचरण) शब्द का क्या अर्थ है?
💡 व्याख्या:
दोहरा परिसंचरण (Double Circulation) का तात्पर्य यह है कि शरीर में रक्त के एक पूरे चक्र के दौरान रक्त हृदय से दो बार होकर गुजरता है—पहली बार फुफ्फुसीय परिसंचरण (हृदय से फेफड़े और फेफड़े से हृदय) में और दूसरी बार दैहिक परिसंचरण (हृदय से पूरे शरीर और शरीर से हृदय) में।
धमनियों में कौन-सी संरचनात्मक विशेषता उन्हें हृदय से आने वाले उच्च दबाव को सहन करने में मदद करती है?
💡 व्याख्या:
हृदय से रक्त अत्यधिक उच्च दबाव और झटके के साथ धमनियों में प्रवेश करता है। धमनियों की दीवारें मोटी, पेशीय और अत्यधिक लचीली (elastic) होती हैं, जो इस उच्च दबाव को बिना फटे आसानी से सहन करने और रक्त प्रवाह को सुचारू बनाए रखने में सक्षम होती हैं।