EVS Pedagogy E-Notes Part-3
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🎯 महत्वपूर्ण वन-लाइनर नोट्स
शिक्षा शास्त्र, पर्यावरण एवं भूगोल का संकलन
अधिगम एवं मनोविज्ञान
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
भूगोल एवं सामाजिक अध्ययन
शिक्षण विधियाँ एवं अन्य
संश्लेषण विधि (Synthesis Method)
दत्तकार्य विधि (Assignment Method)
आत्मचेतना व सामाजिकता
केवल “अच्छी नौकरी प्राप्त करना”
🌿 पर्यावरण एवं विज्ञान शिक्षण (Pedagogy)
स्मार्ट वन-लाइनर नोट्स – सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए
विज्ञान विषय की समझ: छात्रों में विज्ञान की समझ पैदा होने से उनके स्वभाव और वैज्ञानिक दृष्टिकोण में परिवर्तन होता है।
अन्तर्राष्ट्रीय सद्भाव: शिक्षण का एक मुख्य उद्देश्य छात्रों को सांस्कृतिक जानकारी देना है।
मनोविज्ञान सम्बन्ध: विज्ञान का प्रकरण दृष्टिकोण मनोविज्ञान के अवयवी सिद्धान्त पर आधारित है।
अनुच्छेद 47: भारतीय संविधान के अंतर्गत पोषाहार स्तर, जीवन स्तर और लोक स्वास्थ्य सुधार राज्य का कर्तव्य है।
भौतिकी और पर्यावरण: ‘जलवायु सम्बन्धी’ प्रकरण इन दोनों विषयों का सम्मिलित रूप है।
पर्यावरण अध्ययन: वे सभी विषय जिनकी सहायता से हम अपनी पारिस्थितिकी का अध्ययन करते हैं।
निगमन विधि: इसमें सर्वप्रथम नियम बताए जाते हैं, फिर उदाहरण दिए जाते हैं।
स्पेन्सर का कथन: “बालकों को जितना सम्भव हो बताया न जाए, बल्कि उन्हें खोजने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।”
ह्यूरिस्टिक विधि: अन्वेषण की इस विधि का प्रतिपादन सर्वप्रथम आर्मस्ट्रांग ने किया था।
रूसो: बालकों को भ्रमण द्वारा शिक्षित करने के प्रबल पक्षधर थे।
खेल विधि: इसे शिक्षण प्रणाली में शामिल करने वाले यूरोपीय शिक्षाशास्त्री हेनरी कुक थे।
सूक्ष्म शिक्षण (Micro-Teaching): इसके पूर्ण चक्र की अवधि 36 मिनट होती है।
टोली शिक्षण: इसका मुख्य उद्देश्य प्रभावी एवं सतर्क अनुदेशन सुनिश्चित करना है।
गृह-कार्य का तर्क: विद्यार्थी के ज्ञान का आधार उसका निजी अनुभव होता है।
रसायन विज्ञान: प्राकृतिक परिवेश की घटनाओं के कारणों का पता लगाने के लिए EVS में इसे सम्मिलित कर सकते हैं।
खेल प्रक्रिया: इसका उपयोग मुख्य रूप से बालकों को सिखाने में किया जाता है।
शिक्षक स्वयं सामग्री: शिक्षक मौखिक उदाहरण प्रस्तुत करने में सक्षम होता है, इसलिए वह स्वयं एक उद्योतन सामग्री है।
एकल शिक्षक: प्राथमिक विद्यालय में अकेले अध्यापक होने पर अभिक्रमित अनुदेशन विधि का प्रयोग श्रेष्ठ है।
प्रसून शब्द: इसके अर्थ स्पष्टीकरण हेतु वस्तु प्रदर्शन प्रविधि सबसे उपयुक्त है।
विज्ञान क्लब: इसमें ‘रोम ऑफ क्लब’ को शामिल नहीं किया जा सकता।
EVS का गलत उद्देश्य: विज्ञान के आधारभूत प्रत्ययों और सिद्धान्तों को रटकर याद करना उद्देश्य नहीं है।
प्रक्रिया कौशल: पूछताछ आधारित अनुभवों में ‘निर्धारण’ (Determination) कोई कौशल नहीं है।
सार्थक अधिगम: बच्चों को पौधों की ऊँचाई, पत्तियों, गन्ध और स्थानों में अन्तर का अवलोकन करने के लिए प्रोत्साहित करें।
E.V.S. Full Form: इसका अर्थ है Environmental Studies (एनवायर्मेंटल स्टडीज़)।
नकारात्मक उद्देश्य: शिक्षक कक्षा-कक्ष में कड़ा अनुशासन सुनिश्चित करें, यह प्राथमिक स्तर का उद्देश्य नहीं है।
सर्वेक्षण और लेखन: इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षार्थियों को चीजों को खोजने और सीखने का अवसर देना है।
प्रमुख उद्देश्य: कक्षा की पढ़ाई को शिक्षार्थी के विद्यालय से बाहर के जीवन से जोड़ना।
साकल्यवादी (Holistic): विज्ञान और सामाजिक विज्ञान को मिलाकर पढ़ाना ताकि बच्चा पर्यावरण को पूर्ण रूप (Integrated) में देख सके।
शब्दावली: बच्चों को मुख्य शब्दावली की सही परिभाषा याद कराना EVS का उद्देश्य नहीं है।
NCERT का दृष्टिकोण: पर्यावरण अध्ययन को उच्च प्राथमिकता चिन्तन और विस्मय (Wonder) के अवसर देने के लिए दी गई है।