MP ESB Science PYQs , Part-15 One Liner Chemistry

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मध्यप्रदेश के सभी परीक्षाओं के PYQs – Physics कुल प्रश्न: 653

मध्यप्रदेश के सभी परीक्षाओं के PYQs- वन लाइनर रूप में
Physics कुल प्रश्न:- 653

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1. भौतिक रसायन (Physical Chemistry)

अम्ल धातुओं के साथ अभिक्रिया करते हैं और हाइड्रोजन उत्पन्न करते हैं। (Asstt. Auditor, 2018)
कृषि में प्रयुक्त कीटनाशकों और उर्वरकों का बचा हुआ भाग जल प्रदूषण का कारण बनता है। (Asstt. Auditor, 2018)
मिल्क ऑफ मैग्नेशिया का उपयोग अम्ल तत्वनाशक (Antacid) के रूप में किया जाता है। (G-3 Sub Engineer, 2018)
मीथेन का जलना एक रासायनिक परिवर्तन है। (G-3 Sub Engineer, 2018)
जंग को रोकने हेतु अच्छी विधि जस्तीकरण (Galvanization) है। (G-3 Sub Engineer, 2018)
बर्फ का पिघलना भौतिक परिवर्तन कहलाता है। (G-3 Sub Engineer, 2018)
एक विद्युत सेल में दो टर्मिनल (धनात्मक एवं ऋणात्मक) होते हैं। (G-3 Sub Engineer, 2018)
क्रिस्टल रचना रासायनिक परिवर्तन का एक उदाहरण है। (Nayab Tahsildar, 2018)
समुद्री हवा संवहन (Convection) का परिणाम है। (Nayab Tahsildar, 2018)
निष्प्रभावन (Neutralization) अभिक्रिया में लवण एवं जल बनता है। (जेल प्रहरी, 2018)
बेरियम कार्बोनेट के अपघटन में तापमान सर्वाधिक होता है। (जेल प्रहरी, 2018)
आयोडीन ऊर्ध्वपातन (Sublimation) का गुण दर्शाता है। (जेल प्रहरी, 2018)
जल का स्थायी कठोरपन सोडियम कार्बोनेट के परिवर्धन द्वारा दूर किया जा सकता है। (जेल प्रहरी, 2018)
दूध से दही का बनना लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया के कारण होता है। (जेल प्रहरी, 2018)
पानी के शुद्धिकरण की छानना पद्धति कीटाणुओं को नहीं मारती है। (जेल प्रहरी, 2018)
धात्विक ऑक्साइड लाल लिटमस को नीले में बदलते हैं (क्षारीय प्रकृति)। (जेल प्रहरी, 2018)
निष्प्रभावन अभिक्रिया सदैव एक लवण तथा जल उत्पन्न करती है। (जेल प्रहरी, 2018)
उष्मीय शक्ति केन्द्र में कोयले को जलाने पर उत्पादित मुख्य वायु प्रदूषक सल्फर डाइ-ऑक्साइड होता है। (जेल प्रहरी, 2018)
रेडियो कार्बन विधि से जीवाश्मों की आयु पता करते हैं। (जेल प्रहरी, 2018)
एक परमाणु की प्रभावी त्रिज्या 10⁻¹⁰ मी. (1 एंगस्ट्रॉम) होती है। (जेल प्रहरी, 2018)
सफेद वस्त्र पर हल्दी का दाग धोने पर लाल हो जाता है क्योंकि साबुन का विलयन क्षारीय होता है। (Kanishth Apooriti, 2018)
प्लाज्मा अवस्था में आवेशित कण उपस्थित रहते हैं। (ANM Training, 2018)
एक अच्छा ईंधन उच्च ऊष्मीय मान और मध्यम ज्वलन ताप का गुण रखता है। (ANM Training, 2018)
मोल अवधारणा का परिचय आवोगाद्रो द्वारा समर्थित एवं प्रतिपादित किया गया था। (ANM Training, 2018)
सोडियम कार्बोनेट का जलीय विलयन क्षारीय होता है। (ANM Training, 2018)
अणुओं की गति में द्रव्य की गैसीय अवस्था में अधिकतम यदृच्छिकता (Randomness) होती है। (श्रमनिरीक्षक, 2017)
पोटेशियम ऑक्साइड का pH मान 12 होता है क्योंकि यह एक प्रबल क्षार है जो लाल लिटमस को नीला कर देता है। (श्रमनिरीक्षक, 2017)
अमोनियम क्लोराइड का पानी में घुलना ऊष्माशोषी (Endothermic) प्रकृति की अभिक्रिया है। (श्रमनिरीक्षक, 2017)
स्टार्च विलयन टिण्डल प्रभाव (Tyndall Effect) दिखाता है। (श्रमनिरीक्षक, 2017)
2AgBr → 2Ag + Br₂ एक प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया (Photochemical Reaction) है। (श्रमनिरीक्षक, 2017)
मिश्रण सरल भौतिक विधियों द्वारा अलग किये जा सकते हैं। (श्रमनिरीक्षक, 2017)
एक वायुमण्डलीय दाब से कम दाब पर द्रव का क्वथनांक कम होता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
पानी के क्वथनांक पर पानी का वाष्प दाब, वायुमण्डलीय दाब के बराबर होता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
तत्व या यौगिक का द्रव अवस्था से गैस अवस्था में परिवर्तन वाष्पीकरण कहलाता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
बर्फीले ठण्डे पानी से भरे हुए गिलास की बाहरी सतह पर पानी की बूंदें आने का कारण संघनन है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
समान अवस्था में H₂ और ऑक्सीजन गैस के विसरण की दर में हाइड्रोजन का विसरण, ऑक्सीजन से अधिक तेजी से होगा। (जेल प्रहरी, वन रक्षक, 2017)
ठोस से सीधे वाष्प में बदलने की प्रक्रिया को ऊर्ध्वपातन कहते हैं (उदा. कपूर, नेप्थलीन)। (जेल प्रहरी, वन रक्षक, 2017)
ठोस कार्बन डाइऑक्साइड, शुष्क बर्फ (Dry Ice) का दूसरा नाम है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
ऐसा जल जो साबुन के साथ आसानी से झाग नहीं देता, कठोर जल कहलाता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
अवक्षेपण, संघनन व वाष्पोत्सर्जन जलीय चक्र के भाग हैं, जबकि ऊर्ध्वपातन जलीय चक्र का भाग नहीं है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
अणुओं के मध्य हाइड्रोजन आबंध होने के कारण पानी का क्वथनांक अधिक होता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
क्वथनांक एक ऐसा स्थिर ताप है जिस पर कोई पदार्थ अपनी अवस्था परिवर्तित करता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
संघनन एक भौतिक परिवर्तन है, यह रासायनिक परिवर्तन नहीं है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
जल ठोस, द्रव और गैस तीनों अवस्थाओं में पाया जाता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
शक्कर के एल्कोहॉल में परिवर्तन की प्रक्रिया किण्वन (Fermentation) कहलाती है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
शुद्ध जल की जल क्षमता अधिकतम होती है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
कटे हुए बैंगन या सेब को वायु के सम्पर्क में रखने पर उसका रंग भूरा हो जाना रासायनिक परिवर्तन कहलाता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
निस्पंदन (Filtration) प्रक्रिया के दौरान वे कण जो निस्पंद कागज पर रह जाते हैं, अवशेष कहलाते हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
जंग लगने की प्रक्रिया के दौरान नये पदार्थ (आयरन ऑक्साइड) का निर्माण होता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
शुष्क बर्फ का घनत्व जल से कम होता है। (मध्यप्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर, 2017)
आण्विक भार = वाष्प घनत्व × 2 (यह नियम गैसों के लिए मान्य है)। (उपयंत्री सिविल इंजीनियर, 2016)
जब पदार्थ द्रव अवस्था से गैस अवस्था में आता है तो उसके अन्तरा-अणुक आकर्षण बल क्षीण हो जाते हैं। (ANM Training, 2016)
समान गैसों के समान द्रव्यमान का यदि आयतन भिन्न-भिन्न है तो उनके दाब भी भिन्न होंगे। (ANM Training, 2016)
तत्व निश्चित अनुपातों में परस्पर मिलकर यौगिक का निर्माण करते हैं जिसकी संरचना निश्चित होती है। (ANM Training, 2016)
ऑक्सीकरण में पदार्थ के इलेक्ट्रॉन कम हो जाते हैं (इलेक्ट्रॉन का त्याग होता है)। (ANM Training, 2018)
एक धातु चालक में विद्युत धारा इलेक्ट्रॉनों की गति के कारण बहती है। (ANM Training, 2018)

2. अकार्बनिक रसायन एवं धातु/अधातु (Inorganic Chemistry, Metals & Non-Metals)

सोने का गलनांक 1064°C होता है। (जेल प्रहरी, 2018)
स्वर्ण (सोना) धातु सबसे तन्य (Ductile) होती है। (जेल प्रहरी, 2018)
घरेलू उपकरणों में सर्वाधिक एल्यूमीनियम धातु का प्रयोग होता है। (जेल प्रहरी, 2018)
सिलिकॉन तत्व बालू (रेत) में उपस्थित होता है। (Kanishth Apooriti, 2018)
पारा का मुख्य अयस्क सिनेबार (Cinnabar) होता है। (ANM Training, 2018)
बिजली के बल्बों के तंतुओं (Filament) में टंगस्टन धातु का उपयोग होता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
ताँबे की छीलन और तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की क्रिया से हाइड्रोजन गैस आसानी से नहीं बनती। (G-5 Pharmacist Lab, 2017)
सोडियम कार्बोनेट को बनाने के लिए सोल्वे प्रक्रम (Solvay Process) विधि का इस्तेमाल किया जाता है। (जेल प्रहरी, वन रक्षक, 2017)

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