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मध्यप्रदेश के सभी परीक्षाओं के PYQs- वन लाइनर रूप में
Biology कुल प्रश्न:- 470
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किसी भी पौधे, पशु या जीव के शरीर की सबसे छोटी इकाई कोशिका है। अनेक समान कोशिकाएँ आपस में मिलकर ऊतक बनाती हैं। ऊतकों के मिलने से अंग और अंगों से मिलकर जीव बना होता है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
यदि एक बार में अधिक कोशिकाओं का अध्ययन करना है तो कम क्षमता के आवर्धन में देखना चाहिए। इससे कोशिकाएँ आकार में छोटी और अधिक दिखेंगी।
(ANM Training, 2016)
सभी प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में नाभिकीय झिल्ली का अभाव होता है अतः इनमें नाभिक भी अनुपस्थित होता है। इसलिए ई. कोली आदि में DNA पर m-RNA निर्माण के साथ-साथ ट्रांसलेशन का कार्य प्रारंभ हो जाता है।
(M.P.S.I., 2016)
रॉबर्ट हुक को कोशिका की सर्वप्रथम खोज का श्रेय दिया जाता है। इन्होंने सूक्ष्मदर्शी में कॉर्क के पतले टुकड़े को देखा था।
(G-3 Sub Engineer, 2018)
उपास्थि अर्धठोस संयोजी ऊतक है। यह अंगों के मध्य नहीं पाया जाता है। उपास्थि कर्ण पल्लव, नाक के सिरे, पसलियों के अग्रस्थ भाग, थाइरॉइड ग्रंथि आदि में पायी जाती है, यह लचीला यांत्रिक सहारा देने वाला ऊतक है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
प्रत्येक प्लाज्मोडियम बहुविखण्डन द्वारा लाखों की संख्या में पुत्री कोशिकाओं को जन्म देती है।
(जेल प्रहरी, 2015)
सबसे पतली त्वचा आँखों में होती है।
(ग्रुप 2 : लेब टेक्नीशियन, 2015)
कोशिकाओं की दीवार गैसों एवं सूक्ष्म कणों के लिए पारगम्य होती है अतः ये पोषक को ग्रहण करने और व्यर्थ पदार्थों को उत्सर्जित करने का कार्य करती है।
(जेल प्रहरी, 2015)
जीवाणु की कोशिका भित्ति पेप्टीडोग्लाइकन की बनी होती है।
(जेल प्रहरी, 2015)
टेंडन कोलाजेन फाइबर से बना एक घना सफेद संयोजी ऊतक है जिसमें लोच नहीं होती। टेंडन में उच्चतम तन्यता ताकत होती है।
(मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
त्वचीय ऊतक में एपिडर्मिस नामक एक एकल ऊतक होते हैं। एपिडर्मिस विशेष, चपटी व बहुभुज कोशिकाओं से बना है।
(मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
जीवविज्ञान में किसी कोशिका का दो भागों में विभाजित होकर दो नयी कोशिकाओं का निर्माण करना द्विविखंडन कहलाता है।
(मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
जीवाणु एवं वनस्पति कोशिकाओं में कोशिका झिल्ली के बाहर निर्जीव, पारगम्य तथा मोटी दीवार पायी जाती है, उसे कोशिका भित्ति कहते हैं।
(मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
युग्मक ‘यूकैरियोटिक प्रकार’ की जनन कोशिका है। इनका निर्माण युग्मक जनन की क्रिया में माइटोसिस/मियोसिस कोशिका विभाजन के फलस्वरूप होता है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
हरितलवक या क्लोरोप्लास्ट एक प्रकार का कोशिकांग है जो सुकेन्द्रिक पादप कोशिकाओं में और शैवालीय कोशिकाओं में पाया जाता है।
(जेल प्रहरी, 2015)
माइटोकॉन्ड्रिया में सभी खाद्य पदार्थों का ऑक्सीकरण होता है, इसलिए माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का पावर हाउस भी कहते हैं।
(जेल प्रहरी, 2015)
अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) सुकेन्द्रिक कोशिकाओं में एक झिल्लीदार कोशिकांग है। कोशिका में इसके दो प्रकार होते हैं- एक प्रकार पर राइबोसोम जुड़े होते हैं जहाँ प्रोटीन संश्लेषण होता है तथा दूसरा प्रकार राइबोसोम रहित होता है।
(मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
विभज्योतक (Meristematic tissue) की कोशिकाएँ समान व्यास वाली आयताकार या बहुभुजी होती हैं। इन कोशिकाओं में केंद्रक बड़ा, जीवद्रव्य सघन एवं रिक्तिकाविहीन होता है।
(मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
अस्थि मज्जा हड्डियों के अंदर भरा हुआ एक मुलायम ऊतक होता है। वयस्कों में बड़ी अस्थियों में मज्जा रक्त कोशिकाएँ निर्माण करने में सहायक होता है।
(जेल प्रहरी, 2015)
‘कोशिका’ का अंग्रेजी शब्द सेल (cell) लैटिन भाषा के ‘सेलुला’ (cellula) शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ एक छोटा कमरा है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
रॉबर्ट हुक ने 1665 में कोशिकाओं की खोज की। कोशिकाओं के अवलोकन के लिए प्रतिदर्श के रूप में उन्होंने कॉर्क के ऊतक का उपयोग किया।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
टेरिडोफाइटा व जिम्नोस्पर्म के शर्करा स्थानान्तरणकारी अवयव चालनी कोशिकाएँ (Sieve cells) हैं।
(Asstt. Auditor, 2017)
क्यूटिन, अधिचर्मीय कोशिकीय भित्तियों में पाया जाने वाला वसीय पदार्थ होता है।
(जेल प्रहरी, 2018)
कोशिका के ‘माइटोकाण्ड्रिया’ एवं ‘लवक’ की स्वयं की आनुवंशिक सामग्री (DNA) होती है।
(श्रमनिरीक्षक, 2017)
केन्द्रक को कोशिका का मस्तिष्क माना जाता है।
(श्रमनिरीक्षक, 2017)
वनस्पति कोशिका के विभाजन के दौरान केन्द्रक कोशिकांग दो भागों में विभाजित होता है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
निषेचित अण्डे को युग्मनज (Zygote) कहते हैं।
(Sub Engineer, 2017)
एक पादप कोशिका में जीवद्रव्य संकुचन (Plasmolysis) को अतिपरासरी (Hypertonic) माध्यम में देखा जाता है।
(म. प्र. पुलिस आरक्षक, 2017)
जीवद्रव्य, कोशिका के भीतर का भाग बनाता है।
(म. प्र. पुलिस आरक्षक, 2017)
चिकनी अंतद्रव्यी जालिका (Smooth ER), एक कोशिका में विष तथा दवा को निराविषीकरण (Detoxification) करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
(म. प्र. पुलिस आरक्षक, 2017)
कोशिका के सेंट्रीओल को तारक केंद्र भी कहा जाता है। यह कोशिका विभाजन के समय तर्क रेशा या स्पिण्डल फाइबर्स का निर्माण करता है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
राइबोसोम सबसे छोटे कोशिका अंगक हैं। इनका संश्लेषण केंद्रिका (Nucleolus) द्वारा किया जाता है।
(जेल प्रहरी, 2015)
केंद्रक को कोशिका का नियंत्रण कक्ष भी कहा जाता है। यह समस्त चयापचयी क्रियाओं को भी नियंत्रित करता है।
(जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
माइटोकांड्रिया, क्लोरोप्लास्ट और केंद्रक में द्वि-स्तरीय झिल्ली पायी जाती है।
(जेल प्रहरी, 2015)
केन्द्रक झिल्ली वनस्पतियों, प्राणियों एवं सुकेन्द्रिक जीवों की कोशिकाओं के कोशिका केन्द्रक को घेरने वाली झिल्ली होती है।
(श्रमनिरीक्षक, कनिष्ठ सहाय, प्रबंध, 2017)
कोशिका द्रव्य में स्थित वह संरचना जो जीवद्रव्यी क्रियाओं को संचालित करती है, केन्द्रक कहलाती है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
काइटिन n-ग्लूकोज से व्युत्पन्न N-एसिटाइलग्लूकोसेमाइन का वृहत-श्रृंखला बहुलक है जो समस्त जीव जगत में पाया जाता है।
(ANM Training, 2016)
कांस्य कोशिका एवं नारियल जटा बनाने में प्रयुक्त स्केलेरेनकाइमा (दृढ़ोतक) निर्जीव कोशिकाओं का बना होता है। लिग्निन का जमाव होने के कारण ये मृत हो जाते हैं और पौधों को यांत्रिक सहारा प्रदान करते हैं।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017 / G-3 Sub Engineer, 2018)
पौधों में पेरेनकाइमा आधारभूत विभाजन क्षमता वाली कोशिकाएँ हैं; इनकी दीवार पतली तथा अन्तर्कोशिकीय अवकाशयुक्त होती है। पादपों में पतली झिल्ली तथा बड़ी रिक्तिका पेरेनकाइमा में पाई जाती है।
(G-3 Sub Engineer, 2018 / ANM Training, 2016)
m-RNA (एम-आर-एन-ए) नाभिक तथा राइबोसोम दोनों में उपस्थित हो सकते हैं।
(M.P.S.I., 2016)
पॉरोक्सीसोम पाचक थैली के रूप में कार्य नहीं करता है, यह पादपों में प्रकाशीय श्वसन में भाग लेने वाला कोशिका अंगक है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
अध्याय – 6: रक्त/रुधिर एवं परिसंचरण तंत्र (Blood & Circulatory System)
उच्च रक्तचाप असंक्रामक बीमारी का एक उदाहरण है।
(G-3 Sub Engineer, 2018)
लसिका (Lymph) RBC रहित रक्त है।
(म. प्र. पुलिस आरक्षक, 2017)
धमनियाँ वे रक्त वाहिकाएँ हैं, जो हृदय से ऑक्सीजन-युक्त रक्त को शरीर के सभी हिस्सों में ले जाती हैं।
(ANM Training, 2018)
ऑक्सीजनित रुधिर का परिवहन न करने वाली शिरा फुफ्फुस शिरा है।
(म. प्र. पुलिस आरक्षक, 2017)
मनुष्य में सामान्य रक्तचाप Hg का 120/80 मिमी. होता है।
(म. प्र. पुलिस आरक्षक, 2017)
लाल रुधिर कोशिकाओं में लाल रंग का वर्णक पाया जाता है, जो हीमोग्लोबिन कहलाता है।
(श्रमनिरीक्षक, 2017)
मानव रक्त का pH मान 7.4 से 7.5 के बीच होता है।
(म. प्र. पुलिस सब इंस्पेक्टर, 2017)
रुधिर बिम्बाणुओं (Platelets) का प्रमुख कार्य रक्त का थक्का जमने में सहायता करना है।
(G-3 Pharmacist Lab, 2017)
AB रक्त समूह वाले व्यक्ति को सर्वग्राही (Universal Recipient) कहा जाता है क्योंकि उसमें एंटीबॉडी अनुपस्थित होती है।
(म. प्र. पुलिस सब इंस्पेक्टर, 2017)
ABO रुधिर वर्ग बहुयुग्म विकल्पी (Multiple Alleles) और सहप्रभाविकता (Codominance) को प्रदर्शित करता है।
(समग्र सामाजिक सुरक्षा, 2017)
रेसेरपाइन का उपयोग अधिक रक्तचाप को कम करने के लिए होता है।
(म. प्र. पुलिस सब इंस्पेक्टर, 2017)
गर्म रक्त वाले प्राणी (Warm-blooded) वह होते हैं जो निरन्तर शरीर का तापमान बनाये रखते हैं।
(Sub Engineer, 2017)
रक्त अल्पता (Anemia) को कम करने वाला मुख्य स्त्रोत हरी पत्तेदार सब्जियाँ और नट्स हैं।
(ANM Training, 2017)
रक्त दाब को मापने के लिए स्फिग्मोमैनोमीटर (Sphygmomanometer) उपकरण का प्रयोग किया जाता है।
(ANM Training, 2017)
रक्त फेफड़ों से हृदय में फुफ्फुसीय शिरा (Pulmonary Vein) द्वारा प्रवेश करता है।
(जेल प्रहरी, वन रक्षक, 2017)
रक्त का पंपिंग स्टेशन हृदय है।
(जेल प्रहरी, वन रक्षक, 2017)
ऑक्सीजन का परिवहन शरीर के सभी कोशिकाओं में RBC द्वारा किया जाता है।
(म. प्र. पुलिस आरक्षक, 2016)
श्वेत रक्त कोशिका (WBC) अमीबा के अलावा ऐसी एकल कोशिका है, जो अपना आकार बदल सकती है।
(म. प्र. पुलिस आरक्षक, 2016)
हृदय का निम्न अर्द्ध भाग शरीर के विभिन्न भागों में शुद्ध रक्त भेजता है।
(म. प्र. पुलिस आरक्षक, 2016)
AB नेगेटिव ब्लड ग्रुप असामान्य/दुर्लभ है।
(M.P.S.I., 2016)
हीमोग्लोबिन केवल कशेरुकियों (Vertebrates) में पाया जाता है।
(जेल प्रहरी, 2015)
लाल रुधिर कोशिका (RBC) तथा श्वेत रुधिर कोशिका (WBC) का निर्माण अस्थिमज्जा (Bone Marrow) में होता है।
(जेल प्रहरी, 2015)
रक्त में उपस्थित बिम्बाणुओं का एक महत्वपूर्ण कार्य शरीर में उपस्थित हॉर्मोन एवं प्रोटीन उपलब्ध कराना होता है।
(जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
शिराओं में जो रक्त प्रवाहित होता है, उसमें कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा अधिक एवं ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है।
(जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
धमनियाँ शरीर की गहराई वाले भागों में उपस्थित होती हैं, इनमें शुद्ध रक्त प्रवाहित होता है एवं शिराएँ शरीर के ऊपरी भागों में पाई जाती हैं, इनमें अशुद्ध रक्त प्रवाहित होता है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
शरीर में सूक्ष्मतम रुधिर वाहिकाएँ केशिकाएँ (Capillaries) हैं।
(जेल प्रहरी, 2015)
रक्त वाहिनी में उपस्थित रक्त का थक्का जमना थ्रोम्बोसिस कहलाता है।
(जेल प्रहरी, 2015)
आयरन के अभाव से रक्त अल्पता (एनीमिया) होता है।
(ग्रुप 2 लेब तकनीशियन, 2015)
सर्वव्यापी रक्तदाता (Universal Donor) का रक्त ग्रुप ‘O’ होता है।
(जेल प्रहरी, 2015)
सामान्यतः खून का शोधन डायलिसिस (Dialysis) द्वारा किया जाता है।
(अकाउन्ट ऑफिसर, 2014)
प्लीहा (Spleen) को ‘RBCs का कब्रिस्तान’ या ‘रक्त बैंक’ भी कहा जाता है।
(M.P.S.I., 2016)
लिम्फोसाइट एक प्रकार की श्वेत रक्त कोशिका है। T-कोशिका अपने निर्माण के बाद थाइमस ग्रंथि में चली जाती है, वहीं इसका विकास होता है।
(जेल प्रहरी, 2014)
धमनियों की दीवारें मोटी और लचीली होती हैं, क्योंकि धमनियाँ हृदय से ऑक्सीजन युक्त रक्त शरीर के विभिन्न हिस्सों तक ले जाती हैं।
(जेल प्रहरी, 2015)
शरीर में सबसे बड़ा लसिका अंग प्लीहा (Spleen) है।
(M.P.S.I., 2016)
जब आपकी अंगुली कट जाती है तो अत्यधिक रक्त स्राव को पट्टिकाओं (Platelets) की मदद से रक्त स्कंदन करके रोका जाता है।
(Sub Engineer, 2017)