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Topic:- व्यक्तित्व और उसका मापन (By- Tez Education)
1.
व्यक्तित्व की विशेषताएँ हैं- इसके अंतर्गत शारीरिक और मनोवैज्ञानिक दोनों ही घटक आते हैं, किसी व्यक्ति विशेष में व्यवहार के रूप में इसकी अभिव्यक्ति पर्याप्त रूप से अनन्य होती है, इसकी प्रमुख विशेषताएँ साधारणतयः समय के साथ परिवर्तित नहीं होती हैं।
2.
व्यक्तित्व के संगठन का स्वरूप है- मनोवैज्ञानिक-शारीरिक।
3.
मानव व्यक्तित्व परिणाम है- आनुवंशिकता और वातावरण की अंतःक्रिया का।
4.
व्यक्तिगत प्रभाव व्यक्तित्व को रूप में समझा जाता।
5.
एक बच्चे के मूल, जन्मजात स्वभाव को निरूपित करने के लिए, पद का प्रयोग किया जाता है- प्रकृति या मिजाज।
6.
व्यक्ति में उन मनोशारीरिक अवस्थाओं का गतिशील संगठन, जो उसके पर्यावरण के साथ अद्वितीय सामंजस्य निर्धारित करता है, कहलाता है- व्यक्तित्व।
7.
व्यक्तित्व विकास की अवस्था है- अधिगम एवं वृद्धि।
8.
बालक के व्यक्तित्व की नींव बचपनावस्था में पड़ती है।
9.
स्थायी विशेषताओं के पैटर्न के रूप में वर्णित है जो एक व्यक्ति को परिभाषित करता है और स्थिरता एवं वैयक्तिकता का उत्पादन करता है- व्यक्तित्व।
10.
किसी के व्यक्तित्व का विकास सामाजिक स्थितियों से निपटने में सहायता होती है।
11.
व्यक्तित्व (पर्सनालिटी) शब्द लिया गया है- लैटिन।
12.
शब्द सामंजस्य संबंधित है- व्यक्तित्व।
13.
सभी सामाजिक स्थितियों से निपटना आसान है, यदि आप अपने व्यक्तित्व के बारे में जानते हैं।
14.
बहिर्मुखी व्यक्तित्व के बारे में व्यक्तिगत विशेषता पाई जाती है- समाज केन्द्रिकता।
15.
अन्तर्मुखी, बहिर्मुखी तथा उभयमुखी व्यक्तित्व का वर्गीकरण किसके द्वारा किया गया है- युंग।
16.
ग्रन्थियों के आधार पर व्यक्तित्व के विभिन्न प्रकारों की चर्चा की थी- कैनन ने।
17.
क्रेशमर ने व्यक्तित्व के कुल प्रकार बताया है- तीन।
18.
शैल्डन ने सभी मनुष्यों को शारीरिक आयाम पर विभिन्न श्रेणियों में विभक्त किया है। व्यक्तित्व अध्ययन की यह विधि है- प्रारूप (प्रकार) विधि।
19.
अपने ऊर्जाबल (Libido) को बाहर की ओर अभिव्यक्त करने वाले व्यक्ति का प्रकार होता है- बहिर्मुखी व्यक्तित्व।
20.
विपिन एक दिवास्वपन है और पुस्तकों को पढ़ने में रुचि रखता है और गैर मित्रों से अपने विचार प्रस्तुत नहीं कर सकता है यह व्यक्तित्व का प्रकार है- अंतर्मुखी।
21.
व्यक्तित्व का ‘समाजशास्त्रीय प्रकार का सिद्धान्त’ दिया गया था- स्प्रेन्जर के द्वारा।
22.
बहिर्मुखी विद्यार्थी अन्तर्मुखी विद्यार्थी से भिन्न होता है, वे विशेषताएं हैं- मजबूत भावनायें, पसंदगी एवं नापसंदगी।
23.
मनोवैज्ञानिक थार्नडाइक ने व्यक्ति को बाँटा है- चिंतन व कल्पना शक्ति के आधार पर।
24.
माता-पिता के पारस्परिक संबंध बालक के व्यक्तित्व को प्रभावित करता है- अनुक्रमिक रूप से।
25.
व्यक्तित्व विकास प्रक्रिया के लिए आवश्यक है- सामाजिक बन्धन।
26.
पर्यावरणीय कारक जो व्यक्तित्व को प्रभावित करते हैं- सामाजिक कारक, सांस्कृतिक कारक, आर्थिक कारक।
27.
मनोलैंगिक विकास में सुप्तावस्था का वर्ष अन्तराल सम्बन्धित है- 6 वर्ष से यौवन तक।
28.
समायोजन के लिये एक युक्ति के रूप में रक्षात्मक युक्तियों के प्रयोग को मौलिक रूप से प्रस्तुत किया था- सिग्मण्ड फ्रायड।
29.
फ्रायड के अनुसार, व्यक्तित्व के प्राथमिक संरचनात्मक तत्व हैं- इद्म, अहम्, पराहम्।
30.
इदम् अहम् तथा पराहम् व्यक्तित्व के तीन घटक हैं यह कहा था- फ्रायड ने।
31.
मनोविश्लेषणात्मक सिद्धान्त के प्रतिपादक थे- सिगमंड फ्रायड।
32.
मानव मस्तिष्क एक बर्फ की बड़ी चट्टान के समान है जो कि अधिकांशतः छिपी रहती है एवं उसमें चेतन के तीन स्तर है। उपरोक्त कथन आधारित है- मनोविश्लेषणात्मक सिद्धान्त पर।
33.
फ्रॉयड का मनोविश्लेषण तत्त्व में ‘इड’ (Id) एक अचेतन अवस्था और वास्तव के साथ इसका कोई सम्पर्क नहीं है।
34.
वह रक्षा युक्ति जिसमें दुश्चिता उत्पन्न करने वाले व्यवहार और विचार पूरी तरह चेतना के स्तर से विलुप्त कर दिए जाते हैं- दमन।
35.
चेतना का वह स्तर जो अचेतन मूलप्रवृत्तिक और पार्श्विक अंतर्नादों का भंडार होता है- अचेतन।
36.
इदम् अपनी मानसिक ऊर्जा प्राप्त करती है- शारीरिक मूल प्रवृत्ति से।
37.
रक्षात्मक मनोरचनाएं उत्पन्न की जाती हैं- अहम् के द्वारा।
38.
‘द एम ऑफ ऑल लाइफ इज डैथ’ (सभी जीवन का उद्देश्य मृत्यु है) यह कथन सिगमन्ड फ्रायड द्वारा उल्लेखित किसकी ओर निर्देश करता है- इरोस और थेनाटोस के बीच संघर्ष।
39.
व्यक्तित्व समायोजन के लिए जिम्मेदार है- परा-अहम्।
40.
व्यक्तित्व की नैतिकता वाली भुजा कहेंगे- पराअहम्।
41.
इगो (परा-अहम्), इड (इदम्) का पूर्ण विपरीत है। यह कथन है- सत्य।
42.
फ्रायड के अनुसार आक्रामक व्यवहार का सम्बन्ध होता है- मृत्यु मूल प्रवृत्ति।
43.
मनोविश्लेषणात्मकवाद के अनुसार, व्यवहार की उत्पत्ति का आधार है- अचेतन प्रवृत्तियाँ।
44.
“The interpretation of dreams” के लेखक हैं- फ्रायड।
45.
4 से 5 वर्ष की आयु में बालक में वह विकास जिसकी वजह से वह अपनी माता के प्रति प्रेम तथा पितृ विरोधी भावना दर्शाने लगता है- ओडिपस ग्रंथि।
46.
“सामूहिक अचेतन” का सम्प्रत्यय किसके द्वारा दिया गया था- युंग।
47.
फ्रायड के अनुसार हमारे मूल्यों का आन्तरिकीकरण किसमें होता है- पराअहम्।
48.
जिन इच्छाओं की पूर्ति नहीं होती, उनका भण्डारगृह है- इदम्।
49.
अहम् वास्तविकता के नियम पर कार्य करता है।
50.
व्यक्तित्व के भाग हैं- इदम्, अहम्, व पराअहम्।
51.
नए लक्ष्यों की ओर ऊर्जा या उन आक्रामक लक्ष्यों को पुनः निर्देशित करना, जो अक्सर कलात्मक, बौद्धिक या सांस्कृतिक लक्ष्य होते हैं, कहलाता है- उदात्तीकरण।
52.
व्यक्तित्व, चरणों की एक श्रृंखला के माध्यम से विकसित होता है और बचपन के प्रभाव लंबे समय तक रहते हैं। यह मानना है- सिगमंड फ्रायड।
53.
मनोलैंगिक विकास सिद्धांत के अनुसार, निर्धारण (फिक्सेशन) से निर्भरता में सुधार होता है- मौखिक (ओरल)।
54.
फ्रायड ने जिस पद का उपयोग मन की संरचना के अपने सिद्धांत का वर्णन करने के लिए किया- आइसबर्ग।
55.
मनोलैंगिक विकास की फ्रायडियन अवस्था को कहा जाता है जिसमें बच्चों को शौच के लिए प्रशिक्षित किया जाता है- गुदावस्था (एनल)।
56.
मनोलैंगिक विकास की वह अवस्था जिसमें बंध्याकरण चिंता (केस्ट्रेशन एंजाइटी) होती है- लैंगिक (फेलिक)।
57.
तीन वर्ष की आयु में बच्चे स्वयं को पहचान सकते हैं कि वह लड़का है या लड़की।
58.
बाल विकास की वह अवस्था जिसमें ओडीपस और इलेक्ट्रा जटिलता शुरू होती है- शैशवावस्था।
59.
फ्रायड की विकास अवस्थाओं के अनुसार, किस अवस्था को प्रारम्भिक विद्यालय आयु समझा जाता है- अव्यक्तावस्था।
60.
अपने आपको प्रेम करने की प्रवृत्ति को कहते हैं- नार्सिसिज्म की प्रवृत्ति।
61.
मनोविश्लेषण सिद्धांत के अनुसार विसामान्य व्यवहार होने के कारण है- व्यक्ति की दमित इच्छाएँ।
62.
‘व्यक्तित्व के विशेषक उपागम’ का अग्रणी माना जाता है- गॉर्डन ऑलपोर्ट।
63.
कैटेल ने अपने व्यक्तित्व के सिद्धांत में स्रोत लक्षण के कुल युग्म दिखाए- 16।
64.
अब्राहम एच. मैस्लो के द्वारा प्रतिपादित आवश्यकताओं के पदानुक्रम के अनुसार पदानुक्रम के तल में स्थित आवश्यकता है- शरीर क्रियात्मक आवश्यकता।
65.
मैस्लो सिद्धांत में प्रथम स्तर की आवश्यकताएँ हैं- जैविक।
66.
उच्च स्तर या क्रम की आवश्यकता है- आत्म-सम्मान की आवश्यकताएँ।
67.
आत्म-सुधार को व्यक्तित्व के किस दृष्टिकोणों में महत्ता दी जाती है- मानववादी।
68.
एरिक्सन ने मनोसामाजिक विकास की कुल अवस्थायें बतायी है- आठ।
69.
एरिक्सन के अनुसार, जन्म से लेकर एक वर्ष की आयु के मध्य की अवस्था संबंधित है- विश्वास बनाम अविश्वास से।
70.
एरिक एरिक्सन के अनुसार हम प्रत्येक जीवन की अवस्था में एक विशेष मनोसामाजिक दुविधा का सामना करते हैं।
71.
मनोसामाजिक विकास का अंतिम चरण है- अखंडता बनाम निराशा।
72.
एरिक्सन का विकास का स्तर समूह के तत्त्व के अनुसार विकास के स्तर में ‘परिचय बनाम कार्य अस्तव्यस्तता’ एक विशेषता के रूप में मिलता है- किशोर काल।
73.
व्यक्तित्व के सिद्धान्त में अनन्यता संकट की बात कही है- एरिक एरिक्सन।
74.
यह सिद्धान्त कि हम सभी अपने सम्पूर्ण जीवनकाल में विकासात्मक चुनौतियों का सामना करते हैं, प्रतिपादित किया- इरिक्सन।
75.
इरिक्सन की अवस्थाओं के वर्गीकरण का आधार है- सामाजिक संघर्ष का समाधान।
76.
एरिक्सन का किशोरों के लिए विकासात्मक कार्य है- पहचान निर्माण।
77.
एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास के सिद्धांतानुसार, वह अवस्था जो 6 से 12 वर्ष की आयु से संबंधित है- अध्यवसाय बनाम हीनता।
78.
एरिक्सन के सिद्धान्त में, उन पहलुओं को आमतौर पर किशोरावस्था के दौरान विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है और फिर युवा वयस्कता के दौरान कहा जाता है- पहचान, आत्मीयता।
79.
मनोवैज्ञानिक विकास का वह चरण जिसमें बच्चे को शर्म और संदेह महसूस होता है- प्रीस्कूल।
80.
मनोसामाजिक सिद्धान्त, बल देता है- उद्यम के मुकाबले में हीनता स्तर।
81.
हेनरी ए. मुरे तथा क्रिस्टियाना डी. मॉर्गन द्वारा निर्मित परीक्षण- कथानक संप्रत्यक्षण परीक्षण।
82.
व्यक्ति को चित्रों की एक श्रृंखला दिखाई जाती है और उसे एक कहानी बनाने के लिये कहा जाता है, यह किस प्रक्षेपी तकनीक में प्रयुक्त किया जाता है- कथानक संप्रत्यक्षण परीक्षण।
83.
‘आत्म’ का तात्पर्य अपने संदर्भ में व्यक्ति के सचेतन अनुभवों, विचारों, चिंतन एवं भावनाओं की समग्रता से है।
84.
आइसेंक ने व्यक्तित्व के एक तीसरे आयाम की बात की है, वह है- साइकोटिज्म।
85.
व्यक्तित्व मापन की प्रक्षेपी विधि है- कथानक संप्रत्यक्षण परीक्षण।
86.
बालक के व्यवहार में परिवर्तन के लिए व्यवहार अध्ययन की किस विधि का सहारा लिया जाता है- उपचारात्मक विधि।
87.
सी.डी. मॉर्गन और एच.ए. मुरे प्रासंगिक अन्तर्बोध परीक्षण से सम्बन्धित हैं।
88.
नैदानिक निदान के लिये वैध व्यक्तित्व परीक्षण है- एम.एम.पी.आई।
89.
व्यक्तित्व मापन की सी.ए.टी. (CAT) विधि दी गई थी- बैलक द्वारा।
90.
टी.ए.टी. (T.A.T.) हेतु कुल कार्ड हैं- 31।
91.
वह परीक्षण जिसमें अंतर्निहित व्यक्तित्व की कहानियों और व्याख्याओं का विश्लेषण शामिल होता है- विषय आत्मबोधन परीक्षण।
92.
रोर्शा इंक ब्लाट टेस्ट का प्रयोग किसके मापन हेतु किया जाता है- व्यक्तित्व।
93.
रोर्शा इंकब्लॉट टेस्ट, जो कि एक व्यक्तित्व मूल्यांकन की विधि है, निर्मित किया- हरमन रोर्शा।
94.
व्यक्तित्व मापन का स्याही धब्बा परीक्षण है- प्रक्षेपण परीक्षण।
95.
वह परीक्षण जिसमें 10 मसिलक्ष्य या स्याही धब्बे होते हैं- रोर्शा परीक्षण।
96.
रोर्शा स्याही-धब्बा परीक्षण में ‘काले एवं सफेद’ कार्ड की कुल संख्या होती है- पाँच।
97.
क्लाउड पिक्चर परीक्षण प्रयुक्त होता है- व्यक्तित्व के मापन में।
98.
व्यक्तित्व के आकलन के लिए प्रक्षेपण विधियां उपयोग की जाती हैं।
99.
कैटेल ने व्यक्तित्व के 16PF अनुसूची का निर्माण किया था।
100.
16-PF का प्रयोग व्यक्तित्व के मापन हेतु किया जाता है।
101.
व्यक्तित्व मापन की एक प्रक्षेपी तकनीक है- खेल एवं ड्रामा।
102.
एक शिक्षक द्वारा विद्यार्थियों के एक समूह पर प्रशासित ‘बालक अंतर्बोध परीक्षण’ से किसका मापन किया जाएगा- व्यक्तित्व।
103.
समाजमितीय विधि में सुपर स्टार होता है- जिस व्यक्ति को अधिकतम लोग पसन्द करें।
104.
युंग द्वारा सर्वप्रथम व्यक्तित्व के आकलन के लिए ‘शब्द संघ परीक्षण’ बनाया गया, वर्ष- 1910।
105.
व्यक्तित्व मापन की प्रक्षेपी तकनीकी है- प्रासंगिक अन्तर्बोध परीक्षण।
106.
व्यक्तिगत रूप से किसी व्यक्ति के अचेतन मन का अध्ययन करना कहलाता है- प्रक्षेपण विधि।
107.
एक बालक के व्यक्तित्व के मापन की सर्वाधिक वस्तुनिष्ठ विधि है- प्रक्षेपी विधि।
108.
बालक प्रसंगबोध परीक्षण 3 वर्ष से 10 वर्ष की आयु के बालकों के लिए बनाया गया है। इस परीक्षण में कार्ड में प्रतिस्थापित किये गये हैं- लोगों के स्थान पर जानवरों को।
109.
एक समूह के समाजमिति विश्लेषण का उपयोग व्यक्तित्व को वस्तुनिष्ठ विधि के रूप में मापने के लिए किया जाता है।
110.
व्यक्तित्व मूल्यांकन के लिए एमबीटीआई का दृष्टिकोंण है- संरचित।
111.
व्यक्तित्व परीक्षण होना चाहिए- विश्वसनीय और वैध।
112.
व्यक्तित्व आधारित अनुमानी परीक्षणों से मूल्यांकन के परिणाम हैं- विवादास्पद।
113.
वह प्रक्षेपण तकनीक जो व्यक्तित्व का आकलन करने के लिए होती है- रोर्शा स्याही का धब्बा (रोर्शा इंकब्लॉट)।
114.
व्यक्तित्व के आत्म-रिपोर्ट उपायों का एक उदाहरण है- एमएमपीआई।