MP ESB Science PYQs , Part-9 One Liner Physics

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मध्यप्रदेश के सभी परीक्षाओं के PYQs – Physics वन लाइनर

मध्यप्रदेश के सभी परीक्षाओं के PYQs- वन लाइनर रूप में

Physics कुल प्रश्न:- 653

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जब कोई व्यक्ति समतल दर्पण की ओर v वेग से चलता है, तो उसका प्रतिबिंब उसकी ओर 2v वेग से आता हुआ प्रतीत होता है।
(मध्यप्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर, 2017 / जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
जब वस्तु को अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र (C) पर रखा जाता है, तो प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा तथा वस्तु के बराबर आकार का C पर ही बनता है।
(जेल प्रहरी, 2015)
अवतल दर्पण का परावर्तक पृष्ठ अंदर की ओर दबा हुआ होता है तथा यह प्रकाश किरणों को अभिसरित करता है।
(Sub Group 4, 2018 / Sub Engineer, 2017)
उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सदैव आभासी, सीधा और वस्तु से छोटा होता है, इसलिए यह वाहनों में साइड मिरर के रूप में उपयोगी है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017 / जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
अवतल दर्पण द्वारा सौर विकिरणों को एक बिंदु पर केंद्रित किया जाता है, जिससे सौर चूल्हे में अधिक ऊष्मा प्राप्त होती है।
(जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
समतल दर्पण में प्रतिबिंब का पार्श्व परिवर्तन (Lateral Inversion) होता है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
आकाश का रंग नीला दिखाई देने का कारण सूर्य के प्रकाश में नीले रंग का प्रकीर्णन (Scattering) अधिक होना है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
जब वस्तु को अवतल दर्पण के ध्रुव (P) और मुख्य फोकस (F) के बीच रखा जाता है, तो उसका सीधा, आभासी और बड़ा प्रतिबिंब बनता है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
आँख के लेंस की मोटाई एवं फोकस दूरी को सिलियरी मांसपेशियों (Ciliary Bodies) द्वारा समायोजित किया जाता है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
लेंस की क्षमता (Power of Lens) का मात्रक डायोप्टर (D) होता है (P = 1/f मीटर में)।
(जेल प्रहरी, 2015 / Jail Department, 2015)
दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia) को दूर करने के लिए उत्तल लेंस का प्रयोग किया जाता है।
(Jail Department, 2015)
अवतल लेंस समांतर आने वाली प्रकाश किरणों को फैला (अपसारित कर) देता है, इसलिए इसे अपसारी लेंस भी कहते हैं।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016 / जेल प्रहरी, 2012)
मानव आँख में रंग भेद करने की क्षमता शंकु (Cone) कोशिकाओं के कारण होती है।
(ANM Training, 2016)
कोशिका के भीतर की सूक्ष्म संरचनाओं को देखने के लिए इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी का उपयोग किया जाता है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
व्यतिकरण (Interference) के कारण साबुन के बुलबुले एवं पानी पर तेल की पतली परत रंगीन दिखाई देती है।
(उप-यंत्री, सिविल इंजीनियर, 2016)
किताब पढ़ते समय पुस्तक और आँख के बीच की आवश्यक न्यूनतम दूरी 25 सेमी होनी चाहिए।
(जेल प्रहरी, 2017)
अध्याय 6 : ध्वनि एवं तरंग गति
ध्वनि की पिच (तारत्व) उसकी आवृत्ति पर निर्भर करती है।
(G-5 Sub Engineer, 2018 / श्रमनिरीक्षक, 2017)
अति तनाव (Hypertension/Noise pollution) ध्वनि प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है।
(G-5 Sub Engineer, 2018)
मानव कान 20 Hz से कम आवृत्ति की अवश्रव्य ध्वनि का पता नहीं लगा सकता।
(G-5 Sub Engineer, 2018)
ध्वनि के कम्पन का आयाम इसकी प्रबलता (Loudness) को निर्धारित करता है।
(G-5 Sub Engineer, 2018 / ANM Training, 2018)
किसी व्यक्ति द्वारा उत्पादित ध्वनि की गुणवत्ता वोकल कार्ड (घोषतंत्री) में तनाव, मोटाई एवं लम्बाई पर निर्भर करती है।
(श्रमनिरीक्षक, 2017)
समान प्रबलता और पिच वाले वाद्य यंत्र उनकी गुणवत्ता (Timbre) द्वारा पहचाने जा सकते हैं।
(श्रमनिरीक्षक, 2017)
मंदिर की घंटियाँ धातुओं की बनी होती हैं क्योंकि वे ध्वनिक (Sonorous) होती हैं।
(श्रमनिरीक्षक, 2017)
जब तंग खींचे हुए तार को कर्षित किया जाता है, तो कंपन के कारण ध्वनि उत्पन्न होती है।
(श्रमनिरीक्षक, 2017)
ध्वनि तरंगों को संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है, इसलिए ध्वनि निर्वात में नहीं सुनाई देती।
(श्रमनिरीक्षक, 2017 / ANM Training, 2016)
एफ.एम. रेडियो 98.3 MHz का अर्थ 98.3 मिलियन हर्ट्ज आवृत्ति है।
(श्रमनिरीक्षक, 2017)
दृश्य प्रकाश की तरंगदैर्ध्य 4×10⁻⁷ मीटर से 7×10⁻⁷ मीटर तक होती है।
(श्रमनिरीक्षक, 2017)
यदि एक सेकंड में 25 तरंगें उत्पन्न होती हैं तो आवृत्ति 25 Hz होगी।
(श्रमनिरीक्षक, 2017)
मॉडुलन वह प्रक्रिया है जिसमें वाहक तरंगों पर श्रव्य संकेत आरोपित किया जाता है।
(Sub Group, 2018)
फोटॉन का संवेग P=h/λ से ज्ञात किया जाता है।
(Sub Group, 2018 / समग्र सामाजिक सुरक्षा विस्तार, 2017)
जब कंपन का आयाम बड़ा होता है तो ध्वनि अधिक प्रबल होती है।
(ANM Training, 2018 / जेल प्रहरी, 2017)
हवा में नियत ताप पर दाब बदलने से ध्वनि की चाल अपरिवर्तित रहती है।
(ANM Training, 2018)
दृश्य स्पेक्ट्रम में सर्वाधिक तरंगदैर्ध्य लाल रंग की होती है।
(ANM Training, 2018)
मानव श्रवणीय परास 20 Hz से 20,000 Hz तक होती है।
(ANM Training, 2018 / जेल प्रहरी, 2017)
पराश्रव्य तरंगों का उपयोग डिश वॉशर तथा मशीनों के पुर्जे साफ करने में किया जाता है।
(ANM Training, 2018)
ध्वनि तरंग की आवृत्ति उसके आवर्तकाल के व्युत्क्रमानुपाती होती है (f=1/T)।
(ANM Training, 2018 / जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
हवा द्वारा संचरित ऊर्जा ध्वनि ऊर्जा के रूप में गति करती है।
(ANM Training, 2018)
ध्वनि की प्रबलता आयाम के वर्ग के समानुपाती होती है।
(ANM Training, 2018)
महिलाओं की आवाज का तारत्व पुरुषों की तुलना में अधिक होता है।
(ANM Training, 2018)
वाद्य यंत्र की टाइट डोर उच्च आवृत्ति एवं उच्च तारत्व की ध्वनि उत्पन्न करती है।
(G-3 Sub Engineer, 2018)
सामान्य बातचीत का ध्वनि स्तर 40–60 dB होता है।
(जेल प्रहरी, 2015)
प्रकाश तरंगों के संचरण के लिए किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
(जेल प्रहरी, 2015)
SONAR पराश्रव्य तरंगों पर आधारित युक्ति है जिससे समुद्र में डूबी वस्तुओं का पता लगाया जाता है।
(श्रमनिरीक्षक, 2017 / ANM Training, 2016)
परमाणु के नाभिक में परिवर्तन होने पर गामा किरणें उत्पन्न होती हैं।
(Asstt-Auditor, 2017)
एक छोर पर खुली नलिका में केवल विषम समस्वर उत्पन्न होते हैं।
(Asstt-Auditor, 2017)
तरंगें कंपन गति द्वारा ऊर्जा का एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानांतरण करती हैं।
(Asstt-Auditor, 2017)

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