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मध्यप्रदेश के सभी परीक्षाओं के PYQs- वन लाइनर रूप में
Physics कुल प्रश्न :- 653
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सामान्य वार्तालाप से आ रही ध्वनि की प्रबलता लगभग 60 डेसीबल तक होती है।
(Asstt-Auditor, 2017)
ध्वनि का आयाम दोगुना करने पर उसकी प्रबलता 4 गुना (2²) बढ़ जाती है।
(ANM Training, 2018)
ध्वनि तरंगों में प्रतिध्वनि (Echo) ध्वनि के परावर्तन के कारण सुनाई देती है।
(समग्र सामाजिक सुरक्षा विस्तार, 2017 / मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
स्पंदनशील वस्तु से उत्पन्न ध्वनि की प्रबलता उसके आयाम पर निर्भर करती है।
(समग्र सामाजिक सुरक्षा विस्तार, 2017)
ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रत्यास्थ तरंगें होती हैं।
(Sub Engineer, 2017 / जेल प्रहरी, वन रक्षक, 2017)
ध्वनि की चाल सबसे तेज ठोस पदार्थों में तथा सबसे धीमी गैसों में होती है।
(जेल प्रहरी, 2017 / ANM Training, 2018)
दूरसंचार एवं उपग्रह संचार के लिए सूक्ष्म तरंगें (Microwaves) उपयुक्त होती हैं।
(जेल प्रहरी, 2017)
डॉप्लर प्रभाव ध्वनि/प्रकाश की आवृत्ति में आभासी परिवर्तन से संबंधित है।
(जेल प्रहरी, वन रक्षक, 2017)
ध्वनि तेज होने पर ध्वनि तरंग का आयाम बढ़ जाता है।
(जेल प्रहरी, वन रक्षक, 2017)
इयान डोनाल्ड ने चिकित्सा क्षेत्र में पराध्वनि (Ultrasound) के उपयोग की खोज की।
(जेल प्रहरी, वन रक्षक, 2017)
ध्वनि का वेग जल में लगभग 1500 मी./से. होता है।
(जेल प्रहरी, वन रक्षक, 2017)
सबसे कम तरंगदैर्ध्य वाला रंग बैंगनी तथा सर्वाधिक तरंगदैर्ध्य वाला रंग लाल होता है।
(जेल प्रहरी, वन रक्षक, 2017 / जेल प्रहरी, 2015)
अंधेरे में देखने हेतु अवरक्त (Infrared) तरंगों का प्रयोग किया जाता है।
(जेल प्रहरी, वन रक्षक, 2017)
हवा में ध्वनि की चाल सामान्य ताप व दाब पर लगभग 332-343 मी./से. होती है।
(जेल प्रहरी, 2017 / जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
20,000 Hz से अधिक आवृत्ति की तरंगों को पराश्रव्य तरंगें कहते हैं।
(जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
ध्वनि की तीव्रता डेसीबल (dB) में मापी जाती है तथा 80 dB से अधिक ध्वनि शोर कहलाती है।
(जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017 / मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
बांसुरी बजाते समय खुले छेदों पर प्रस्पंद (Antinodes) बनते हैं।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
ठोसों में ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंगों के रूप में गमन करती है; लोहे में इसकी चाल लगभग 5130 मी./से. होती है।
(मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
अनुदैर्ध्य तरंगों में ध्रुवण (Polarization) संभव नहीं होता।
(Jail Department, 2015)
माइक्रोफोन ध्वनि तरंगों को विद्युत संकेतों में बदलता है।
(ग्रुप 2: लेब टेक्नीशियन, 2015)
रेडियो तरंगों की तरंगदैर्ध्य 1 मिमी से 100 किमी तक होती है तथा ये सबसे लंबी EM तरंगें हैं।
(M.P.S.I., 2016)
X-किरणों का उपयोग कैंसर उपचार एवं क्रिस्टल संरचना के अध्ययन में किया जाता है।
(ग्रुप 2: लेब टेक्नीशियन, 2015)
20 Hz से कम आवृत्ति की तरंगों को अवश्रव्य (Infrasonic) तरंगें कहते हैं।
(ANM Training, 2016)
अध्याय 7 : बैटरियाँ / सेल / विद्युत / विद्युत-चुम्बकत्व
एक गतिमान विद्युतीय आवेश अपने चारों ओर विद्युत एवं चुम्बकीय दोनों क्षेत्र उत्पन्न करता है।
(Asstt. Auditor, 2018)
चाँदी (Silver) विद्युत का सबसे अच्छा सुचालक है।
(G-3 Sub Engineer, 2018)
विद्युत चुम्बकीय प्रेरण का सिद्धांत DC एवं AC जनित्र में प्रयुक्त होता है।
(जेल प्रहरी, 2018)
घरों में विद्युत वायरिंग के लिए रिंग प्रणाली अधिक सुरक्षित होती है।
(जेल प्रहरी, 2018)
एक विद्युत सेल रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
(Kanishth Apoorti, 2018 / Asstt. Auditor, 2017)
शॉर्ट सर्किट के समय विद्युत धारा अत्यधिक बढ़ जाती है।
(ANM Training, 2018)
भारतीय घरेलू विद्युत आपूर्ति में Live एवं Neutral के बीच 220 V विभवांतर होता है।
(ANM Training, 2018)
स्विच को हमेशा Live Wire में लगाया जाता है।
(जेल प्रहरी, 2018)
हीटर एवं प्रेस के तापन तत्व का गलनांक और प्रतिरोध उच्च होना चाहिए।
(ANM Training, 2018)
बिजली के बल्ब में टंगस्टन फिलामेंट तथा अक्रिय गैस का उपयोग किया जाता है।
(Kanishth Apoorti, 2018)
विद्युत घंटी विद्युत ऊर्जा को ध्वनि ऊर्जा में बदलती है।
(Kanishth Apoorti, 2018)
फ्यूज तार विद्युत परिपथ की सुरक्षा के लिए प्रयोग किया जाता है।
(Kanishth Apoorti, 2018)
जर्मेनियम का ताप गुणांक ऋणात्मक होता है।
(Kanishth Apoorti, 2018)
बल्ब का फिलामेंट टंगस्टन धातु का बनाया जाता है।
(Kanishth Apoorti, 2018)
जो द्रव विद्युत धारा का चालन करे उसे विद्युत अपघट्य कहते हैं।
(Kanishth Apoorti, 2018 / ANM Training, 2018)
जो विद्युत आवेश प्रवाहित नहीं होता उसे स्थिर विद्युत कहते हैं।
(Sub Group 4, 2018)
प्लास्टिक, लकड़ी एवं रबर विद्युत के कुचालक होते हैं।
(Sub Group 4, 2018)
इलेक्ट्रोप्लेटिंग में शुद्ध धातु कैथोड पर निक्षेपित होती है।
(MP Rajya Sahkari, 2018)
स्टील की चम्मच एवं सिरका विद्युत के चालक हैं।
(MP Rajya Sahkari, 2018)
विद्युत आवेश केवल चालकों के माध्यम से ही प्रवाहित हो सकता है।
(ANM Training, 2018)
अशुद्ध धातु के शोधन की प्रक्रिया इलेक्ट्रो-रिफाइनिंग कहलाती है।
(ANM Training, 2018)
विद्युत परिपथ में तारों को जोड़ने के लिए सामान्यतः ताँबे के तार का उपयोग किया जाता है।
(ANM Training, 2018)
विद्युत फ्यूज को हमेशा Live Wire में श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है।
(ANM Training, 2018)