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मध्यप्रदेश के सभी परीक्षाओं के PYQs- वन लाइनर रूप में
Physics कुल प्रश्न:- 653
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- पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र भौगोलिक दक्षिण से भौगोलिक उत्तर की ओर निर्देशित होता है। (जेल प्रहरी, वन रक्षक, 2017)
- चुम्बक का चुम्बकत्व इलेक्ट्रॉनों की चक्रण/घूर्णन गति (Spin Motion) के कारण उत्पन्न होता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
- विद्युत चुम्बक की क्षमता कुण्डली में तार के फेरों की संख्या पर निर्भर करती है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
- संक्रमण तत्व (Transition Elements) अधिकांशतः अनुचुम्बकीय (Paramagnetic) होते हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
- पृथ्वी का उत्तरी चुम्बकीय ध्रुव भौगोलिक रूप से दक्षिणी ध्रुव के निकट स्थित होता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
- चुम्बकीय फ्लक्स घनत्व की SI इकाई टेस्ला (Tesla) या वेबर/मीटर² है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
- गैमा-किरणें, X-किरणें एवं रेडियो तरंगें ये सभी विद्युत चुम्बकीय (Electromagnetic) तरंगें हैं। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
- चालक तार को चुम्बकीय क्षेत्र के लंबवत (90°) रखने पर उस पर अधिकतम चुम्बकीय बल (F = BIL) कार्य करता है। (जेल प्रहरी, 2015)
- समान लम्बाई के तार से एक बड़ी कुण्डली की जगह 2 छोटी कुण्डलियों के केंद्र पर चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता 4 गुना होगी। (जेल प्रहरी, 2018)
- चालक में धारा प्रवाहित करने पर उसके चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होना ‘धारा का चुम्बकीय प्रभाव’ कहलाता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
- परिवर्ती चुम्बकीय क्षेत्र में चालक रखने पर उसके सिरों पर विद्युत वाहक बल उत्पन्न होना ‘विद्युत चुम्बकीय प्रेरण’ कहलाता है। (M.P.S.I., 2016)
- चुम्बक लोहा, निकल, कोबाल्ट जैसी वस्तुओं को आकर्षित करता है, जिन्हें चुम्बकीय पदार्थ कहते हैं। (श्रमनिरीक्षक, कनिष्ठ सहायक, 2017)
- चुम्बक प्रेरण द्वारा चुम्बकीय पदार्थों में चुम्बकत्व उत्पन्न कर देता है। चुम्बकीय बल एक क्रिया बल है। यह बिना भौतिक सम्पर्क के भी कार्य करता है। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
- इन चुम्बक का चुम्बकत्व शीघ्रता से नष्ट किया जा सकता है। कठोर लोहे के बने चुम्बक का चुम्बकत्व शीघ्र नष्ट नहीं होता। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
- कक्षीय गति एवं चक्रण गति करता हुआ प्रत्येक इलेक्ट्रॉन एक धारा लूप अथवा चुम्बकीय द्विध्रुव की भाँति व्यवहार करता है जिसमें चुम्बकीय आघूर्ण होता है। (उपयंत्री-सिविल इंजीनियर, 2015)
- पृथ्वीय चुम्बक का चुम्बकीय उत्तरी ध्रुव दक्षिणी गोलार्द्ध में 73° दक्षिणी अक्षांश और 155° पूर्वी देशांतर पर स्थित है। (ANM Training, 2016)
- इस्पात की तुलना में मुलायम लोहे में अधिक चुम्बकत्व उत्पन्न किया जा सकता है क्योंकि इसकी चुम्बकीय प्रवृत्ति अधिक होती है। (ANM Training, 2016)
- जिस कुंडली में घुमावों की संख्या अधिक होगी, उसकी चुंबक की क्षमता भी उतनी ही अधिक होगी। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2016)
- चुम्बक का दोलनकाल धागे की लम्बाई के अनुक्रमानुपाती होता है। अधिक लम्बाई के धागे के लिए चुम्बक का दोलनकाल भी अधिक होगा। (M.P.S.I., 2016)
- किसी भी चुम्बक के दोनों ध्रुवों को पृथक करना असंभव है। छड़ के प्रत्येक टुकड़े में दो ध्रुव-उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुव होंगे। (Jail Department, 2015)
- 1 टेसला = 10⁴ गॉस (चुम्बकीय क्षेत्र का मात्रक)। इसका अन्य मात्रक वेबर/मीटर² भी है। (ग्रुप 2: लेब टेक्नीशियन, 2015)
- चुम्बकीय दक्षिणी ध्रुव भौगोलिक उत्तरी ध्रुव की ओर है। इन ध्रुवों की स्थिति सदैव एक नहीं रहती अपितु धीरे-धीरे बदलती रहती है। (म. प्र. पुलिस आरक्षक, 2013)
- एक स्थाई चुम्बक के निर्माण के लिए उपयुक्त धातु स्टील है। (जेल प्रहरी, 2017)
- एक समान चुम्बकीय क्षेत्र में स्थित लूप में कार्यरत बल आघूर्ण लूप की आकृति पर निर्भर नहीं करता है। (जेल प्रहरी, 2015)
- टोरोइड, वलयाकार बद्ध परिनालिका (नालकुंतल) होती है। (श्रम निरीक्षक, 2017)
- विद्युत घण्टी धारा के चुम्बकीय प्रभाव पर कार्य करती है। (श्रम निरीक्षक, 2017)
- विद्युत घंटी पर विद्युत चुम्बक की क्रिया द्वारा बार-बार एक ‘हथौड़ा’ प्रहार करता है। इसकी कुंडली में जब धारा बहती है तो यह एक ध्वनि उत्पन्न करती है। (Jail Department, 2015)
9. आधुनिक भौतिकी एवं परमाणु विज्ञान (Modern & Nuclear Physics)
- कोबाल्ट-60 समस्थानिक का प्रयोग कैंसर के उपचार में किया जाता है। (G-3 Sub Engineer, 2015)
- परमाणु के नाभिक की खोज रदरफोर्ड के स्वर्ण पर्णी प्रयोग द्वारा की गयी थी। (G-3 Sub Engineer, 2015)
- परमाणु बम, नाभिकीय विखंडन के सिद्धान्त पर आधारित है। (G-3 Sub Engineer, 2015)
- क्विक सिल्वर (पारा) एक धातु है। (G-3 Sub Engineer, 2015)
- नमक के घोल में सकारात्मक आवेशित कणों को धनायन कहा जाता है। (G-3 Sub Engineer, 2015)
- परमाणु भार तत्व का वह गुण है, जो अपरिवर्तनीय है। (G-3 Sub Engineer, 2015)
- सिलिकॉन एक अर्धचालक है। (जेल प्रहरी, 2018)
- राजारामन्ना (वैज्ञानिक) पोखरण में पहले नाभिकीय विस्फोट के साथ सम्बन्धित थे। (जेल प्रहरी, 2018)
- नाभिक, एक परमाणु में सबसे छोटा आकार वाला भाग होता है। (जेल प्रहरी, 2018)
- सूर्य में ऊर्जा का स्रोत होने का कारण हाइड्रोजन का हीलियम में रूपान्तरण (नाभिकीय संलयन) है। (जेल प्रहरी, 2018)
- ड्यूटेरियम (D2O) में नाभिकीय संलयन की प्रक्रिया से गुजरने की संभावना है। (जेल प्रहरी, 2018)
- जब दो परमाणु संयुक्त होकर एक अणु बनाते हैं, तो ऊर्जा निकलती है। (जेल प्रहरी, 2018)
- नाभिकीय शक्ति संयंत्र में प्रयुक्त ईंधन यूरेनियम है। (जेल प्रहरी, 2018)
- सूर्य की ऊर्जा का स्रोत नाभिकीय संलयन है। (ANM Training, 2018)
- नाभिकीय संयंत्र में विखंडन की क्रिया पर नियंत्रण होता है। (ANM Training, 2018 / Asstt. Auditor, 2017)
- नाभिकीय समस्थानिक, वे नाभिकीय रूप से सक्रिय होते हैं। (श्रमनिरीक्षक, 2017)
- नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉनों का घूमना क्वांटम यांत्रिकी का सिद्धान्त है। (Asstt. Auditor, 2017)
- डायोड बल्ब एक ओमिक प्रतिरोध है। (Asstt. Auditor, 2017)
- मेण्डेलीव का आवर्त नियम: तत्वों के गुण उनके परमाणु भारों के आवृत्ति फलन होते हैं। (Asstt. Auditor, 2017)
- न्यूट्रॉन की खोज जेम्स चैडविक ने 1931 में की थी। (Asstt. Auditor, 2017)
- किसी तत्व के एक अणु में उपस्थित परमाणुओं की संख्या को उस तत्व की परमाणुकता कहते हैं। (Asstt. Auditor, 2017 / M.P.S.I., 2017)
- हीलियम तारे का ईंधन होता है, जब वह विशाल तारे के रूप में होता है। (जेल प्रहरी, 2017)
- इलेक्ट्रॉनों की संख्या में परिवर्तन से आयन अपने परमाणुओं से अलग होते हैं। (जेल प्रहरी, 2017)
- P-प्रकार के अर्द्धचालक में एक इलेक्ट्रॉन की अनुपस्थिति (होल) होती है। (जेल प्रहरी, 2017)
- इलेक्ट्रोप्लेटिंग के दौरान, शुद्ध धातु कैथोड पर निक्षेपित होती है। (जेल प्रहरी, 2017)
- मुख्य कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन की संख्या 2n² होती है। (जेल प्रहरी, 2017)
- न्यूट्रॉन चुम्बकीय क्षेत्र द्वारा विक्षेपित नहीं होता है। (जेल प्रहरी, 2017)
- हाइड्रोजन तत्व के एक परमाणु का भार 1.66 × 10⁻²⁴ kg होता है। (मध्यप्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर, 2017)
- परमाणु भट्टी में भारी जल का उपयोग विमंदक (Moderator) के रूप में होता है। (मध्यप्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर, 2017)
- पदार्थ का जो भार NTP पर 22.4 lit वायु विस्थापित करता है, अणुभार होता है। (मध्यप्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर, 2017)
- डाल्टन के परमाणु सिद्धान्तानुसार एक परमाणु को न तो निर्मित किया जा सकता है, न ही नष्ट किया जा सकता है। (मध्यप्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर, 2017)
- एक प्रोटॉन और एक इलेक्ट्रॉन एक समान विद्युत क्षेत्र में रखे जाते हैं, तो उनके त्वरणों का अनुपात प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉनों के द्रव्यमानों के व्युत्क्रमानुपाती / द्रव्यमानों के अनुपात पर निर्भर करेगा। (मध्यप्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर, 2017)
- अणु पदार्थ का वह छोटा कण है जो प्रकृति में स्वतंत्र अवस्था में पाया जाता है, लेकिन यह रासायनिक प्रतिक्रिया में भाग नहीं ले सकता। (जेल प्रहरी एवं वन रक्षक, 2017)
- यहां n मुख्य क्वांटम संख्या है जो कक्षा संख्या या कोश संख्या व्यक्त करती है। n का मान इलेक्ट्रॉन की कक्षा का आकार तथा उस कक्षा में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा बताता है। (Jail Department, 2015)
- कैथोड किरणें वास्तव में किसी निर्वात नलिका में उत्पन्न इलेक्ट्रॉनों का पुंज हैं। (M.P.S.I., 2016)
- कोबाल्ट-60 का उपयोग चिकित्सीय रेडियोथैरेपी, स्मोक डिटेक्टर, रेडियोएक्टिव ट्रेसर्स जैसे कार्यों में किया जाता है। (Group 3, 2018)
- एक परमाणु के द्रव्यमान को परमाणु द्रव्यमान कहते हैं। इसकी इकाई amu (एटॉमिक मास यूनिट) होती है। (Jail Department, 2018)
- परमाणु बम एक विस्फोटक युक्ति है जिसकी विध्वंसक शक्ति का आधार नाभिकीय अभिक्रिया होती है। इसमें विस्फुटित होने वाला पदार्थ यूरेनियम या प्लुटोनियम होता है। (मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक, 2017)
- भौतिकी में फोटॉन प्रकाश का मूलभूत कण होता है। सारे मूलभूत कणों की तरह फोटॉन भी तरंग-कण द्विरुप दर्शाते हैं। (M.P.S.I., 2016)